Home नरेंद्र मोदी विशेष PM Modi के विजन से धार्मिक पर्यटन में आया बूम, काशी में...

PM Modi के विजन से धार्मिक पर्यटन में आया बूम, काशी में पहली बार सावन से भी ज्यादा मार्च में आए श्रद्धालु, नवरात्रों के साथ ही अयोध्या में रामनवमी पर भक्तों के सैलाब के बनेंगे रिकॉर्ड

SHARE

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्राचीन और महान सनातन संस्कृति को पोषित-पल्लवित करते हुए निरंतर धार्मिक और देवस्थलों का जीर्णोद्धार कर रहे हैं। इससे देशभर में धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालु-भक्तों का न सिर्फ सफर सुगम और सुरक्षित हो रहा है, बल्कि उन्हें तमाम सुविधाएं भी मुहैया हो पा रही हैं। इससे देशभर में कई स्थलों पर श्रद्धालुओं के सैलाब से धार्मिक पर्यटन के नए-नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर में इन दिनों भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि भक्तों की कतारें कम नहीं हो रही हैं। नॉन फेस्टिवल सीजन होते हुए भी रविवार को 6.37 लाख श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, मार्च में सावन से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक राम भक्तों के सैलाब को देखते हुए इस बार की चैत्र रामनवमी पिछले वर्षों की अपेक्षा कम से कम 50 गुना अधिक दिव्य और भव्य रूप से मनाई जाएगी। इससे पहले चैत्र नवरात्रों में देवी के मंदिरों पर भक्तों का सैलाब उमड़ेगा। मंदिर प्रबंधन इसकी तैयारियों में जुट गए हैं।राम मंदिर के साथ ही चार धाम प्रोजेक्ट और दिव्य-भव्य प्राचीन मंदिर
अयोध्या का राम मंदिर तो भाजपा के घोषणा-पत्र में शामिल रहा है। लेकिन पीएम मोदी ने राम मंदिर के शिलान्यास से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक करने के अलावा देशभर के कई प्रख्यात मंदिरों का भी जीर्णोद्धार कराया है। वह चाहे केदारनाथ हो या फिर काशी विश्वनाथ, वह चाहे गुजरात में पावागढ़ और अंबा माता का मंदिर हो या उज्जैन में महाकाल लोक। इसके अलावा चारधाम परियोजना केवल चार धामों को जोड़ने की परियोजना भर नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है। इसके जरिए उत्तराखंड के गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ को जोड़ा जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से साथ-साथ ही पड़ोसी चालबाज देश चीन को चुनौती देने के लिहाज से भी यह परियोजना बहुत अहम है। पहले इस प्रोजेक्ट का नाम ‘ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट’ ही था, जिसे बाद में नाम बदलकर ‘चारधाम प्रोजेक्ट’ किया गया।काशी में एक दिन में सर्वाधिक श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन का नया रिकॉर्ड बन
श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बनने के बाद से यहां देश-दुनिया के भक्तों का आगमन काफी बढ़ गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर में इन दिनों भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। भक्तों की आस्था तेज धूप पर भी भारी पड़ रही। यही वजह है कि भक्तों की कतारें कम नहीं हो रही हैं। नॉन फेस्टिवल सीजन होते हुए भी रविवार को 6.37 लाख श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में एक दिन में सर्वाधिक श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन का नया रिकॉर्ड बन गया। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, मार्च में सावन से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।इस साल मार्च में आए भक्तों के सैलाब ने पवित्र सावन माह को भी पीछे छोड़ा
मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि मार्च 2024 में 95.63 लाख श्रद्धालु आए हैं। इससे पहले अगस्त 2023 यानी सावन में 95.62 लाख श्रद्धालु आए थे। पिछले वर्ष मार्च में भी 37.1 लाख श्रद्धालु आए थे, जो मार्च-22 से ज्यादा रहे। लेकिन इस मार्च में तो यह संख्या दोगुने से भी ज्यादा हो गई है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2021 में विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण हुआ था। तब से हेड काउंटर कैमरा के जरिये श्रद्धालुओं की संख्या वैज्ञानिक पद्धति से निरंतर दर्ज की जा रही है।अयोध्या के राम मंदिर में भी उमड़ रहा भक्तों का सैलाब, दानदाता भी बढ़ रहे
काशी की तरह अयोध्या में भी प्राण प्रतिष्ठा के बाद से राम मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही लोग राम मंदिर के लिए खुलकर दान कर रहे हैं बीते एक माह में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 52 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ है। इसकी पुष्टि करते हुए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने बताया कि 22 जनवरी को भी 6 करोड. रुपये का दान प्राप्त हुआ था। उन्होंने बताया कि इस तरीके से राम भक्तों का सैलाब अयोध्या में दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। उसी तरह दान का क्रम भी बढ़ रहा है।इस बार रामनवमी पर राम लला के दर्शनार्थियों को बनेगा नया रिकॉर्ड
श्रीराम जन्म भूमि के ट्रस्ट अनिल मिश्रा के मुताबिक राम नवमीं से पहले राम जन्मभूमि पथ के प्रवेश मार्ग से लेकर रामजन्मभूमि परिसर तक बैरीकेडिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही राम नवमी पर आने वाली भीड़ पर नियंत्रण के लिए भी पूरी तैयारी की जा रही है। दरअसल 22 जनवरी को रामलला की प्राण- प्रतिष्ठा के समय अयोध्या के साथ ही पूरा देश राममय हुआ था। कुछ ऐसा ही दृश्य 17 अप्रैल को राम नवमी पर देखने को मिलेगा। रामनवमी के मौके पर राम लला के दर्शन के लिए भक्तों का इतना सैलाब उमड़ेगा कि पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो जाएंगे।

2017 में पूरे साल में आए 1.78 करोड़, अब दो माह में ही आ गए 1.12 करोड़
राज्य पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 में जब से दीपोत्सव प्रारंभ हुआ है, उसके बाद से अयोध्या में भक्तों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में कुल 1,78,57,858 श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। इनमें 1,78,32,717 भारतीय एवं 25,141 विदेशी शामिल हैं। वर्ष 2018 में 1,95,34,824 भारतीय व 28,335 विदेशी नागरिकों ने रामनगरी में दर्शन किया। इस प्रकार वर्ष 2019 में 2,04,63,403 भारतीय व 28,331 विदेशी श्रद्धालुओं को मिलाकर कुल 2,04,91,724 श्रद्धालुओं ने अयोध्या में दर्शन किया। वर्ष 2020 में कोरोना के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखने को मिली। इस वर्ष 61,93,537 भारतीय एवं 2,611 विदेशी श्रद्धालुओं को मिलाकर कुल 61,96,148 श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। वर्ष 2021 में 1,57,43,359 भारतीय एवं 431 विदेशी पर्यटकों ने अयोध्या में दर्शन पूजन किया। वर्ष 2022 में 2,21,12,402 भारतीय एवं 26,403 विदेशी पर्यटक अयोध्या पहुंचे थे।राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा से देशभर में हुआ 50 हजार करोड़ का कारोबार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी 2024 को अयोध्या के राम लला की प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने के बाद से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ से अयोध्या में रोजी-रोजगार में भी तेजी से वृद्धि होने लगी है। अब अयोध्या की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। खान-पान, होटल-रेस्टोरेंट, सजावटी सामानों की दुकानों पर सैलानियों की भीड़ अब आम हो चली है। अयोध्या ही नहीं राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के समय देशभर में इससे जुड़े बिजनेस ने ऊंची छलांग लगाई थी। एक अनुमान के मुताबिक तब देशभर में राम लला से जुड़ी वस्तुओं का ही पचास हजार करोड़ से ज्यादा का बिजनेस हुआ था।

अयोध्या में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने में तेजी से हो रहा काम
लोगों का मानना है कि 22 जनवरी को जबसे रामलला विराजमान हुए हैं, यहां देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं व विदेशी पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसे लेकर प्रदेश की योगी सरकार तेजी से अयोध्या का विकास करने में लगी है। अयोध्या को फोर लेन व सिक्स लेन सड़कों से जोड़ा जा रहा है। विश्वस्तरीय हवाई अड्डा व रेलवे स्टेशन का निर्माण किया गया है। इसके अलावा तमाम अन्य सुविधाएं भी अयोध्या में विकसित की जा रही हैं। 2024 में अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इतनी तेजी से बढ़ी है कि 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद से 20 मार्च के बीच 1 करोड़ 12 लाख श्रद्धालु रामलला का दर्शन कर चुके हैं।अयोध्या दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बनने की राह पर अग्रसर
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही अयोध्या दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बनने जा रहा है। अमेरिकी कंपनी जेफ्फेरिज इक्विटी रिसर्च ने हाल ही में जारी अपनी रिपोर्ट में अयोध्या में सालाना 5-10 करोड़ तीर्थयात्री आने का अनुमान लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या में मंदिर निर्माण से लेकर अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर 850 अरब रुपए खर्च किया जाना है। इस अनुमान के मुताबिक अयोध्या तीर्थयात्री के आगमन के मामले में घरेलू आध्यात्मिक केंद्र को भी पीछे छोड़ने जा रहा है। क्योंकि आंध्र प्रदेश स्थित तिरुपति में सालाना 2.5 करोड़, जम्मू स्थित माता वैष्णव देवी के दर्शन करने सालाना 80 लाख तीर्थयात्री आते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर की अच्छी सुविधा की वजह से अयोध्या बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों को आकर्षित कर सकेगा।अरबों रूपये से हो रहा है राम की नगरी अयोध्या का कायाकल्प
अयोध्या में मंदिर निर्माण से लेकर अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर 850 अरब रुपए खर्च किया जाना है। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें लगभग 18 अरब रुपए राम मंदिर के निर्माण पर खर्च किए गए हैं। 14.5 अरब रुपए लगाकर अयोध्या एयरपोर्ट के पहले चरण का काम पूरा किया गया और इस प्रकार के तीन और टर्मिनल का निर्माण किया जाना है। अभी सालाना 10 लाख तो दूसरे चरण का काम पूरा होने के बाद सालाना 60 लाख यात्री अयोध्या हवाई जहाज से आसानी से आ-जा सकेंगे। 2.4 अरब रुपए के निवेश से रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। 1200 एकड़ में 22 अरब की लागत से ग्रीनफील्ड टाउनशिप का निर्माण प्रस्तावित है। अयोध्या की तरह दुनिया के अन्य तीर्थस्थलों के पास इतने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था नहीं है। भारत के कई तीर्थस्थानों के पास इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा नहीं होने के बावजूद सालाना 10-30 लाख तीर्थयात्री पहुंच जाते हैं। इन सबके अलावा अयोध्या में 73 नए होटल का निर्माण पाइपलाइन में है। आईएचसीएल, मैरियट इंटरनेशनल होटल की चेन निर्माण के लिए करार भी कर चुकी है। आईटीसी भी संभावना तलाश रही है तो ओयो 1000 कमरे अपनी चेन में जोड़ने जा रही है।दुनिया के सबसे बड़े आस्था स्थल और इनमें पहुंचने वाले श्रद्धालु
सरकार राम मंदिर बनने के बाद देश के सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं को अयोध्या में लाने की तैयारी में है। अफसरों का मानना है कि मंदिर बनने के बाद यहां हर महीने 1 करोड़ श्रद्धालु आएंगे। यानी साल में 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचेंगे। आइये जानते हैं कि दुनिया के वो धार्मिक स्थल, जहां सबसे अधिक लोग पहुंचते हैं..
1. वेटिकन सिटी – यह ईसाई समुदाय का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र है। यहां पर सालभर में करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालु जाते हैं।
2. मक्का मदीना – यह मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा आस्था का केंद्र है। यहां पर हर साल तीन करोड़ से भी ज्यादा लोग जाते हैं।
3. गोल्डन टेंपल – यह सिख समाज का सबसे बड़ा तीर्थ स्थल है। यहां पर हर साल देश-विदेश से साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं।
4. काशी विश्वनाथ – यह हिंदू समाज का सबसे बड़ा धार्मिक आस्था का केंद्र है। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद यहां 2022 में करीब 7 करोड़ भक्त आए।

 

 

Leave a Reply