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अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटकों के आगमन रैंकिंग में सुधार, भारत 16 पायदान और ऊपर पहुंचा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन साल के कार्यकाल में पर्यटन क्षेत्र का कायाकल्प कर दिया है। पर्यटन क्षेत्र में भारत ने जिस तेजी से तरक्की की है उससे लगता है कि आने वाले समय में दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर भी भारत अव्वल देशों में शामिल हो जाएगा। पिछले तीन साल में पर्यटन के क्षेत्र में भारत की रैंकिंग काफी मजबूत हुई है। मोदी सरकार ने देश की कमान संभालते ही जिन चीजों पर सबसे अधिक जोर देना शुरू किया था उनमें से पर्यटन भी एक है। पीएम मोदी ने दुनियाभर में जाकर भारत के पर्यटन क्षेत्र को जीवंत बनाने की कोशिश की है। उनके उन्हीं प्रयासों और प्राथमिकताओं का असर अब दिखाई देने लगा है।

अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटकों के आगमन सूचकांक में भारत की रैंकिंग और बेहतर हुई है। अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटक आगमन में प्रवासी भारतीय पर्यटक को जोड़ने से भारत की रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है। इससे भारत सूचकांक में 16 पायदान और ऊपर गया है। भारत अभी तक केवल विदेशी पर्यटकों के आगमन (FTA) के आंकड़ों का ही संकलन करता रहा है। लेकिन अब अनिवासी भारतीयों (NRI) के आगमन के आंकड़ों का भी संकलन शुरू कर दिया है। UNWTO की परिभाषा के मुताबिक, अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटकों के आगमन (ITA) में दो चीजें हैं- विदेशी पर्यटकों का आगमन (FTA) और अनिवासी देशवासियों का आगमन। UNWTO ने आईटीए के लिहाज से विभिन्‍न देशों की रैंकिंग की है।

UN World Tourism Organisation (UNWTO) के मुताबिक मार्च, 2017 के लिए अंतरराष्‍ट्रीय पर्यटकों के आगमन के लिहाज से भारत की रैंकिंग 2014 और 2015 दोनों ही वर्षों में 24वीं रही, जबकि इन दोनों वर्षों में भारत की पिछली रैंकिंग क्रमश: 41 और 40 थी। इसे शामिल करने के बाद आईटीए में भारत की हिस्‍सेदारी भी वर्ष 2015 में 0.68 फीसदी (एफटीए पर आधारित) से बढ़कर 1.12 फीसदी हो गई है।

इससे पहले यात्रा एवं पर्यटन प्रतिस्‍पर्धी सूचकांक (टीटीसीआई), 2017 में भारत की रैकिंग ने वर्ष 2015 के मुकाबले 12 पायदानों की छलांग लगाई थी। 2017 की टीटीसीआई रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग 40वीं थी, जबकि वर्ष 2015, 2013 और 2011 में यह क्रमश: 52वीं, 65वीं और 68वीं थीं।

वर्ष 2014 और वर्ष 2015 के दौरान क्रमश: 54 लाख 30 हजार तथा 52 लाख 60 हजार एनआरआई का आगमन हुआ। इस हिसाब से वर्ष 2014 और वर्ष 2015 के दौरान भारत में अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटकों के आगमन की संख्‍या क्रमश: 1 करोड़ 31 लाख और 1 करोड़ 32 लाख आंकी गई। आईटीए का डेटा अब अंतर्राष्‍ट्रीय सिफारिशों के अनुरूप हो गया है, जिसमें एनआरआई और एफटीए दोनों का आगमन शामिल है।

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