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पीएम मोदी ने ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम का किया उद्घाटन, चयनित होंगे हर साल एक हजार टैलेंटेड बच्चे

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया’ स्कूल खेल उत्सव का उद्घाटन किया। यह खेल उत्सव 8 फरवरी तक चलने वाला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर देश में जमीनी स्तर पर खेलों को पुनर्जीवत करने के लिए ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके तहत देशभर से प्राथमिकता वाले में एक हजार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आठ साल तक हर साल पांच-पांच लाख रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी।

‘खेलो इंडिया’ पहल से स्कूलों से खेल प्रतिभाओं का चयन करने और उन्हें भविष्य के चैम्पियन के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। यह पहला मौका है जब देश की राजधानी नई दिल्ली में ‘खेलो इंडिया’ स्कूल गेम्स का आयोजन हो रहा है। ‘खेलो इंडिया’ स्कूल गेम्स के पहले संस्करण में जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम, इंदिरा गांधी स्टेडियम कॉम्प्लेक्स, मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, कर्णी सिंह शूटिंग रेंज और एसपीएम स्विमिंग कॉम्प्लेक्स में आयोजित होंगे। उत्तर, दक्षिण, उत्तर पूर्व भारत कुल 16 टीम इसमें भाग ले रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खेलो इंडिया का कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम नहीं एक मिशन है। भारत के जन सामान्य के स्वभाव में खेल प्राथमिकता में कैसे प्राथमिकता प्राप्त करे, मां-बाप को भी बच्चों के करियर में खेल के महत्त्व का अहसास हो। स्कूल में गुरुजनों को, स्कूल के इको-सिस्टम में, हमारी एजुकेशनल इको-सिस्टम में खेल होना जरूरी है। खेल का जीवन के विकास में महत्वपूर्ण पहलु है। हमारे 5-7 कामों में खेल भी प्राथमिकता में हो। पीएम मोदी ने आह्वान किया, “आओ खेलें भी, खिले भी।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बहुतों को खेलने से रोका गया होगा। कोई होगा जो उंगली पकड़ कर आगे बढ़ाया होगा। भारत आगे बढ़ने का ये मतलब नहीं होता कि सिर्फ सैन्य शक्ति बढ़ जाय तो भारत आगे बढ़ जाय। सिर्फ आर्थिक महासत्ता बन जाय तो भारत आगे बढ़ जाय। जी नहीं, भारत विश्व में उच्चतम शिखर को तब प्राप्त करेगा, जब हम जीवन के सभी क्षेत्रों में नोबेल प्राइज मिलते हों, तो भी कतार में भारत ही भारत दिखता हो, फिल्म फेयर अवॉर्ड की दुनिया में ऑस्कर अवार्ड मिलते हों तो भारत ही भारत नजर आता हो, दुनिया के साइंटिस्टों की चर्चा होती हो तो भारत ही भारत नजर आता हो। खेल की चर्चा होती हो, भारत ही भारत नजर आता हो। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे देश के टैलेंट और यूवा पीढ़ी में पूरा भरोसा है। “जीवन के हर क्षेत्र में अगर हम भारत को विश्व की चोटी पर पहुंचाने के लिए संकल्प करके चलेंगे, आज नहीं तो कल ये हो के रहेगा।”

पीएम मोदी ने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ एक होलिस्टिक अप्रोच के साथ स्ट्रक्चर के साथ आखिरी तबके एक-एक चीज पर ध्यान दिया गया है। खेल को वैज्ञानिक तरीके से विकसित करने का प्रयास हुआ है। उन्होंने कहा, “खेल के लिए टैलेंट खेल के मैदान से ही उभरती है, खेल के मैदान में ही पनपती है।” पीएम ने कहा कि स्कूल स्तर पर लगातार गेम चलते रहें और उनमें से टैलेंट निकाला जाय, उन प्रतिभाओं को अवसर मिलेगा। प्रत्येक वर्ष देशभर में अलग-अलग खेलों से 1000 बच्चों को सेलेक्ट करने का निर्णय हुआ है। प्रतिभावान 1000 बच्चों को हर वर्ष 5 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। 5 साल में 5000 ऐसे बच्चे प्रतिभावान होंगे। उन्हें दुनिया में उत्तम ट्रेनिंग के लिए जाने का अवसर मिले। मां-बाप को आर्थिक कारणों से रोकना नहीं पड़ेगा। गांव के बच्चों, 2 टायर शहरों के बच्चे आ रहे हैं। उन्हें समर्थन मिलेगा। शारीरिक, मानसिक ट्रेनिंग दी जाएगी। नाम रौशन करने वाले खिलाड़ियों के शुरुआती गुरु से लेकर सभी गुरु अब इनाम के हकदार बनेंगे। पीएम मोदी ने कहा, “एक खिलाड़ी दुनिया के किसी कोने में हाथ में तिरंगा लेकर दौड़ता है, सारे हिंदुस्तान में ऊर्जा भर देता है। सारे हिंदुस्तान में चेतना भर देता है। “

मोहन जोदड़ो, धौलावीरा 5000 साल पुराने, वहां के गाइड ने बताया, हजारों लोगों के बैठने का स्टेडियम था। आज भी उसके अवशेष हैं। भारत में खेल परंपरा नई नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि खेल खेलते-खेलते ही स्पोर्ट्समैनशिप अपने भीतर पनप जाता है। यहां आने वाले एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को लेकर जाएंगे। उन्होंने उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को शपथ भी दिलाई। 

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