एक साधारण शुरुआत से देश के सर्वोच्च राजनीतिक नेतृत्व तक का सफर केवल एक व्यक्ति की जीवनगाथा नहीं, बल्कि दशकों के सार्वजनिक जीवन, राजनीतिक अनुभव, जनसंपर्क और राष्ट्रसेवा से जुड़ी एक लंबी यात्रा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष भारत के राजनीतिक, सामाजिक और विकासात्मक परिदृश्य में आए अनेक महत्वपूर्ण बदलावों के साक्षी रहे हैं।
इस 25 वर्ष की यात्रा पर नजर डालें तो गुजरात से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उनके नेतृत्व में शुरू की गई प्रमुख पहलों, नीतिगत निर्णयों और विकास योजनाओं की एक विस्तृत तस्वीर सामने आती है। शासन व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण, डिजिटल तकनीक, वित्तीय समावेशन और जनकल्याण से जुड़े इन प्रयासों ने देश की विकास संबंधी प्राथमिकताओं और नीतिगत दिशा को प्रभावित किया है। यह यात्रा न केवल नेतृत्व और शासन के सफर को समझने का अवसर देती है, बल्कि उन प्रमुख पहलों और बदलावों को जानने का मौका भी देती है, जिन्होंने बीते वर्षों में भारत के विकास की दिशा को प्रभावित किया है।

A – Atmanirbhar Bharat
यह दूरदर्शी अभियान देश को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को रक्षा, तकनीक और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में विदेशी आयातों पर निर्भरता से पूरी तरह मुक्त करना है। इसके तहत घरेलू उद्योगों, छोटे व्यापारियों और स्थानीय उत्पादों (वोकल फॉर लोकल) को अभूतपूर्व दिया गया है। इस विजन ने देश के युवाओं में स्टार्टअप और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देकर उन्हें रोजगार प्रदाता बनने के लिए प्रेरित किया है। आज यह नीति भारत को Global Supply Chain का एक मजबूत और विश्वसनीय केंद्र बना रही है।
B -Bullet Train & Infrastructure
भारत में आधुनिक परिवहन के युग की शुरुआत करते हुए पहली बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेजी से कार्य चल रहा है। इसके साथ ही देश भर में एक्सप्रेसवे, आधुनिक हाईवे और विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशनों के निर्माण का महाअभियान चलाया गया है। यह उन्नत बुनियादी ढांचा देश के दूर-दराज के इलाकों को प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों से आपस में जोड़ रहा है।
बेहतर कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आई है और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति व सुगमता मिली है। यह आधुनिकीकरण देश के आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ नागरिकों के सफर को बेहद आरामदायक बना रहा है।
C – Citizen-Centric Digital Public Infrastructure
जनधन, आधार और मोबाइल (JAM ट्रिनिटी) ने मिलकर भारत में एक समावेशी और पारदर्शी डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा खड़ा किया है।
इस डिजिटल क्रांति ने बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करके सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ नागरिकों तक पहुँचाना सुनिश्चित किया है।
आज यूपीआई (UPI) के माध्यम से देश का आम नागरिक चाय की टपरी से लेकर बड़े शोरूम तक डिजिटल भुगतान कर रहा है। इस पारदर्शी व्यवस्था ने भ्रष्टाचार पर प्रभावी लगाम लगाई है और शासन प्रणाली में जनता के भरोसे को मजबूत किया है। यह मॉडल आज दुनिया भर के देशों के लिए एक अनुकरणीय और आधुनिक डिजिटल शासन का मानक बन चुका है।
D – Digital India
इस महत्वाकांक्षी अभियान का लक्ष्य देश के हर नागरिक तक डिजिटल सेवाओं और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करना है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के विस्तार से डिजिटल डिवाइड की खाई को पाटा गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं को ऑनलाइन माध्यम से जोड़कर आम जनता के जीवन को बेहद आसान बनाया गया है। ‘डिजिटल साक्षरता’ अभियानों के माध्यम से देश के युवाओं और ग्रामीण नागरिकों को तकनीकी रूप से सशक्त किया जा रहा है।
यह पहल भारत को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था और एक सशक्त डिजिटल समाज के रूप में स्थापित कर रही है।
E – Empowerment & Entrepreneurship
देश के युवाओं और महिलाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय ‘नौकरी देने वाला’ बनाने के लिए विशेष नीतियां बनाई गई हैं। मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी के आसान ऋण उपलब्ध कराकर लाखों छोटे उद्यमियों और दुकानदारों को आर्थिक संबल दिया गया है। ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियान ने देश को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इन पहलों ने देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं में नए व्यावसायिक विचारों के साथ आगे बढ़ने का आत्मविश्वास जगाया है। यह उद्यमिता-केन्द्रित दृष्टिकोण देश में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का एक नया इंजन बन गया है।
F – Financial Inclusion
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत देश के करोड़ों वंचित नागरिकों के बैंक खाते खोलकर उन्हें औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया। कभी बैंकों की पहुँच से दूर रहने वाले गरीबों के लिए वित्तीय सेवाओं के द्वार खोलकर उन्हें आर्थिक मुख्यधारा में लाया गया। इन खातों के जरिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) ने सब्सिडी के वितरण में होने वाली लीकेज और भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त कर दिया। इसके साथ ही गरीबों को बीमा, पेंशन और आसान ऋण जैसी वित्तीय सुरक्षा की सुविधाएँ भी सुलभ कराई गई हैं। यह समावेशी कदम देश के हर नागरिक को राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में भागीदार बनाने का एक ऐतिहासिक प्रयास है।
G – Good Governance
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू किया गया ‘सुशासन’ का मॉडल आज पूरे देश में प्रभावी प्रशासनिक संस्कृति बन चुका है। शासन प्रणाली में लाल फीताशाही और अनावश्यक जटिलताओं को समाप्त कर त्वरित और पारदर्शी निर्णय लिए जा रहे हैं। नीतियों के निर्धारण से लेकर उनके जमीनी क्रियान्वयन तक में तकनीक का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया गया है। जन-कल्याणकारी योजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर जनता तक पहुँचाने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जाती है। यह पारदर्शी और जवाबदेह गवर्नेंस मॉडल जनता के विश्वास और सुशासन का एक नया पर्याय बन गया है।
H – Housing for All
प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बेघर गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं। इन घरों में बिजली, पानी, शौचालय और रसोई गैस जैसी बुनियादी सुविधाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए इन आवासों के स्वामित्व में महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। अपना पक्का घर मिलने से समाज के सबसे निचले पायदान पर जीवन बसर करने वाले परिवारों का आत्मसम्मान कई गुना बढ़ा है। यह योजना सिर्फ ईंट-गारे के मकान नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य का आधार है।
I – Inclusive Growth
‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूल मंत्र के साथ देश के हर वर्ग और क्षेत्र को विकास से जोड़ा गया है। इस नीति के केंद्र में देश का वह अंतिम व्यक्ति है जो दशकों तक विकास की मुख्यधारा से वंचित था। बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर सामाजिक और आर्थिक समानता को बढ़ावा दिया गया है।
देश के पिछड़े और आकांक्षी जिलों (Aspirational Districts) के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित कर उन्हें मुख्यधारा में लाया गया है। यह समावेशी दृष्टिकोण एक सशक्त, समरस और प्रगतिशील राष्ट्र के निर्माण की मजबूत नींव रख रहा है।
J -Jan-Bhagidari
स्वच्छता अभियान और बेटी बचाओ जैसे बड़े राष्ट्रीय अभियानों को जन-आंदोलन में बदलकर जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। यह सोच स्थापित की गई है कि सरकार अकेले किसी बड़े बदलाव को नहीं ला सकती, जब तक जनता का सक्रिय सहयोग न हो। नागरिकों को देशहित के कार्यों से सीधे जोड़कर राष्ट्रीय एकता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को प्रबल किया गया है। इस जन-सहभागिता ने शासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाकर एक मजबूत भावनात्मक और व्यावहारिक सेतु का निर्माण किया है। आज हर नागरिक देश की प्रगति में अपनी व्यक्तिगत भूमिका और योगदान को गर्व के साथ महसूस करता है।
K – Kisan Kalyan
पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए देश के अन्नदाताओं के खातों में सीधे वित्तीय सहायता हस्तांतरित की जा रही है। किसानों को कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरक और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी आधुनिक कृषि सेवाएँ प्रदान की गई हैं। ई-नाम (e-NAM) मंडियों के माध्यम से किसानों को अपनी फसल देश के किसी भी कोने में बेचने की आज़ादी मिली है। कृषि को लाभ का सौदा बनाने के लिए ड्रिप सिंचाई, खाद्य प्रसंस्करण और आधुनिक तकनीकों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया गया है। यह बहुआयामी दृष्टिकोण देश के किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए समर्पित है।
L – Leadership & Vision
राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए कठिन और दूरदर्शी निर्णय लेने की अटूट राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय दिया गया है। देश के आंतरिक और बाह्य सुरक्षा मामलों में पूरी दृढ़ता और स्पष्टता के साथ कड़े और निर्णायक कदम उठाए गए हैं। वैश्विक मंचों पर भारत के हितों को मजबूती से रखते हुए देश की कूटनीतिक साख को ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर पहुंचाया गया है। यह दूरदर्शी नेतृत्व केवल तात्कालिक समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के भारत की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इस प्रेरक नेतृत्व शैली ने वैश्विक पटल पर भारत को एक ‘विश्वमित्र’ और अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है।
M – Make in India
भारत को दुनिया भर की कंपनियों के लिए एक प्रमुख वैश्विक विनिर्माण (Manufacturing Hub) केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत देश में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए कई बड़े सुधार और कर रियायतें लागू की गई हैं। मोबाइल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक छलांग लगाई है। इससे देश के युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं और निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। यह पहल ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को वैश्विक गुणवत्ता का पर्याय बनाने का एक सफल अभियान साबित हो रही है।
N – National Education Policy – NEP
दशकों पुरानी शिक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। इस नीति में रट्टा मारने की प्रवृत्ति को छोड़कर छात्रों में वैचारिक स्पष्टता, कौशल विकास और तार्किक सोच पर जोर दिया गया है। छात्रों को स्कूली स्तर से ही वोकेशनल ट्रेनिंग, कोडिंग और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने का प्रावधान किया गया है।
मातृभाषा में शिक्षा को बढ़ावा देकर ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के छात्रों के लिए ज्ञान के रास्ते और अधिक सुगम बनाए गए हैं। यह दूरदर्शी नीति भारत के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम और कुशल नागरिक बना रही है।
O – Opportunities & Clean Energy
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को प्राथमिकता देते हुए देश में हरित ऊर्जा (Green Energy) के उत्पादन को बढ़ावा दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के जरिए भारत ने ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ वैश्विक मंच पर नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है। सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में विशाल परियोजनाओं के जरिए देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर हो रहा है। इसके साथ ही युवाओं और उद्यमियों के लिए नए क्षेत्रों में विकास और तरक्की के अनगिनत द्वार खोले गए हैं। यह संतुलित दृष्टिकोण देश की ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ पर्यावरण दोनों लक्ष्यों को एक साथ साध रहा है।
P – PRAGATI & Transparency
सरकारी परियोजनाओं में देरी और फाइलों के अटके रहने की पुरानी संस्कृति को समाप्त करने के लिए ‘प्रगति’ मंच की शुरुआत की गई। इसके माध्यम से केंद्र और राज्य स्तर की विकास परियोजनाओं की सीधे डिजिटल समीक्षा और मॉनिटरिंग की जाती है। निर्णय प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाकर शासन में काम करने की गति को कई गुना बढ़ाया गया है। जनता के पैसों का सदुपयोग सुनिश्चित करते हुए हर योजना को समय-सीमा के भीतर धरातल पर उतारा जा रहा है। यह अभिनव तकनीक-आधारित पहल प्रशासनिक दक्षता और विकास की गति को तेज करने में मील का पत्थर साबित हुई है।
Q – Quality Healthcare
आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के करोड़ों गरीब परिवारों को प्रतिवर्ष मुफ्त इलाज की गारंटी दी गई है। देशभर में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और मेडिकल कॉलेजों का जाल बिछाया गया है।
जन औषधि केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को बेहद किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। महामारी जैसी आपातकालीन स्थितियों में देश ने अपनी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और वैक्सीन निर्माण क्षमता का लोहा मनवाया है। यह पहल देश के हर नागरिक को स्वस्थ, सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार प्रदान कर रही है।
R – Railway Modernization
आधुनिक वंदे भारत और नमो भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनों के संचालन से भारतीय रेल का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। देश के लगभग सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों का विश्वस्तरीय पुनर्विकास किया जा रहा है। रेल नेटवर्क का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण होने से प्रदूषण में कमी आई है और ट्रेनों की गति में भारी सुधार हुआ है। सुरक्षा और संरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए आधुनिक सिग्नलिंग प्रणालियों और कवच तकनीक को तेजी से लागू किया जा रहा है। यह कायाकल्प भारतीय रेल को भविष्य की जरूरतों के अनुकूल एक बेहद सुरक्षित और आधुनिक परिवहन माध्यम बना रहा है।
S – Security & Women Empowerment
राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा को बेहद मजबूत किया गया है। महिलाओं को सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन और लड़ाकू भूमिकाओं में अवसर देकर उनकी भागीदारी को ऐतिहासिक रूप से बढ़ाया गया है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति सख्त कानून बनाकर समाज में सुरक्षा और कानून का राज स्थापित किया गया है। ड्रोन दीदी, उज्ज्वला और मुद्रा जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से स्वावलंबी बनाया गया है। यह मजबूत ढांचा देश की सुरक्षा के साथ-साथ ‘नारी शक्ति’ के नेतृत्व में विकास के नए आयाम गढ़ रहा है।
T – Technology & Trade
वैश्विक व्यापार मंचों पर भारत की साख को मजबूत करते हुए देश को ग्लोबल ट्रेड का प्रमुख भागीदार बनाया गया है। उभरती हुई तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और स्पेस रिसर्च में देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। Ease of Doing Business के लिए कई जटिल कानूनों को सरल और तर्कसंगत बनाया गया है। डिजिटल लॉजिस्टिक्स और उन्नत तकनीकों के उपयोग से आयात-निर्यात की प्रक्रियाओं को बेहद तेज कर दिया गया है। यह आधुनिक दृष्टिकोण भारत को वैश्विक व्यापार और तकनीकी नवाचार का एक नया केंद्र बना रहा है।
U – Ujjwala Yojana
ग्रामीण और गरीब परिवारों की महिलाओं को धुएँ से होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिए गए। इस योजना ने करोड़ों महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार करते हुए उन्हें रसोई के धुएँ के अभिशाप से मुक्ति दिलाई है। स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता से ग्रामीण घरों में पर्यावरण अनुकूल और स्वस्थ वातावरण का निर्माण हुआ है। महिलाओं का समय और ऊर्जा बचाने वाली इस पहल ने उन्हें सामाजिक और पारिवारिक जीवन में अधिक सशक्त बनाया है। यह योजना गरीब माताओं और बहनों के स्वास्थ्य और सम्मान की रक्षा करने वाला एक बड़ा सामाजिक परिवर्तन साबित हुई है।
V – Vibrant Gujarat
गुजरात के मुख्यमंत्री काल में शुरू किया गया यह निवेशक सम्मेलन आज वैश्विक स्तर पर सबसे प्रतिष्ठित ग्लोबल बिजनेस समिट बन चुका है। इस मॉडल ने गुजरात को भारत का ग्रोथ इंजन बनाते हुए औद्योगिक विकास और निवेश का पर्याय बना दिया है। राज्य में अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे, बंदरगाहों और औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण कर निवेशकों के लिए आदर्श माहौल तैयार किया गया है। वैश्विक कंपनियों ने इस मंच के माध्यम से गुजरात में बड़े पैमाने पर निवेश कर हजारों रोजगार के अवसर सृजित किए हैं। यह दूरदर्शी विकास मॉडल आज पूरे देश और दुनिया के लिए आर्थिक समृद्धि का एक बेहतरीन उदाहरण है।
W – Women-led Development
महिलाओं को केवल विकास के दायरे तक सीमित रखने के बजाए उन्हें विकास की प्रक्रिया का ‘नेतृत्वकर्ता’ बनाया गया है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से पंचायती राज से लेकर संसद तक निर्णय लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आया है। मुद्रा लोन, स्टैंड-अप इंडिया और महिला उद्यमिता कोष के जरिए महिला उद्यमियों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिला है। ‘बेटी बचाو बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने समाज में बेटियों के प्रति सोच को बदलकर उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया है। यह दृष्टिकोण इस बात पर आधारित है कि देश की आधी आबादी को सशक्त किए बिना वास्तविक प्रगति संभव नहीं है।
X – X-traordinary Anti-Corruption Measures
भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में ‘जीरो टॉलरेंस’ की कड़े नियमों वाली नीति को पूरी दृढ़ता के साथ लागू किया गया है। डीबीटी (DBT) और डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से बिचौलियों और फर्जीवाड़े की गुंजाइश को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। पारदर्शी ई-टेंडरिंग और सरकारी खरीद पोर्टल्स (GeM) के जरिए सरकारी कामकाज में पूरी पारदर्शिता लाई गई है।
देश विरोधी और भ्रष्ट तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए कानून और जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता दी गई है। यह कड़े और असाधारण कदम देश के सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और शुचिता की एक नई संस्कृति स्थापित कर रहे हैं।
Y – Youth Power
देश की विशाल युवा आबादी की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी और प्रभावी ताकत बनाया गया है। खेलो इंडिया और ओलंपिक जैसे अभियानों के जरिए देश की खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और संसाधन दिए जा रहे हैं। Skill Development के माध्यम से युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार तैयार किया जा रहा है। स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में युवाओं को वित्तीय सहायता देकर उनके सपनों को पंख दिए गए हैं। यह युवा-केंद्रित दृष्टिकोण भारत को आने वाले भविष्य का एक वैश्विक महाशक्ति बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Z – Zero Poverty & Zest for Progress
देश से गरीबी के पूर्ण उन्मूलन और समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन स्तर को ऊपर उठाने का अटूट संकल्प लिया गया है। कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने में ऐतिहासिक सफलता मिली है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के विजन के साथ निरंतर कार्य किया जा रहा है। हर नागरिक के भीतर देश की तरक्की के प्रति उत्साह और राष्ट्रसेवा की भावना को जागृत किया गया है। यह दूरगामी संकल्पों से आज देश हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और समृद्ध बन रहा है।










