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फिर झूठ बोलते और दुष्प्रचार करते पकड़े गए सुब्रमण्यम स्वामी

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सीनियर लीडर सुब्रमण्यम स्वामी एक बार फिर झूठ बोलते और दुष्प्रचार करते पकड़े गए हैं। ताजा मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने एक ट्वीट कर कहा कि अरुणाचल प्रदेश के बीजेपी सांसद तापिर गावो से मुलाकात हुई। उन्होंने मुझसे कहा कि अरुणाचल के लोग चाहते हैं कि मुझे अरुणाचल पर भी फोकस करना चाहिए। उन्होंने बताया कि चीनी सेना मैकमिलन रेखा को पार कर राज्य में घुसपैठ कर चुकी है। अगले साल की शुरुआत में मैं अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करूंगा।

चीनी घुसपैठ को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी ने अरुणाचल पर झूठ फैलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इसका जल्दी ही पर्दाफाश हो गया। बीजेपी सांसद तापिर गावो ने स्वामी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि 2 दिसंबर को सुबह 10:35 बजे संसद के सेंट्रल हॉल में सुब्रमण्यम स्वामी से मुलाकात हुई। जब उन्होंने चीनी घुसपैठ के बारे में पूछा, तो मैंने उनसे कहा कि कांग्रेस शासनकाल में 1962 के युद्ध के दौरान चीन ने 2-3 स्थानों पर कब्जा कर लिया था, लेकिन मोदी शासन के दौरान कोई नई घुसपैठ नहीं हुई है। दुर्भाग्य से उन्होंने मुझे गलत तरीके से कोट किया।

ये पहली बार नहीं है कि सुब्रमण्यम स्वामी झूठ बोलते पकड़े गए हैं। वे पिछले दिनों एक के बाद एक कई झूठ बोलते पकड़े गए हैं।

काशी विश्वनाथ मुक्ति समिति के अध्यक्ष बनाए जाने का झूठा दावा
सुब्रमण्यम स्वामी ने पिछले दिनों दावा किया कि संतों की बैठक में मुझे काशी विश्वनाथ मंदिर मुक्ति समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने दावा किया काशी विश्वनाथ की मुक्ति के लिए प्रमुख संतों की बैठक में स्वामी जितेन्द्रानंद को महासचिव और मुझे अध्यक्ष बनाया गया है। लेकिन स्वामी जितेन्द्रानंद ने साफ कहा कि संत समिति की बैठक में ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है। इसके बाद लोगों ने सुब्रमण्यम स्वामी को निशाने पर ले लिया।

8 लाख स्टूडेंट्स को बता दिया 18 लाख
स्वामी 9 सितंबर, 2020 को गलत जानकारी को लेकर यूजर्स के निशाने पर आ गए। उन्होंने ट्वीट किया, ”मेरे पास इस बात की सटीक जानकारी है कि पिछले सप्ताह कितने छात्रों ने जेईई की परीक्षा दी। JEE मेन्स के लिए 18 लाख छात्रों ने पास डाउनलोड किया जिनमें से सिर्फ 8 लाख ही परीक्षा देने पहुंचे। ये उस देश के लिए अपमान है जो विद्या और ज्ञान का विस्तार करता है!’ सुब्रमण्यम स्वामी की इस प्रतिक्रिया पर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने जवाब देते हुए लिखा, ”स्वामी जी मैं #JEE (मुख्य) परीक्षा के संबंध में कुछ तथ्यों के रिकॉर्ड आपके समक्ष रखना चाहूंगा। #JEEMains के लिए आवेदकों की संख्या 8.58 लाख है न कि 18 लाख, जैसा आपने ट्वीट किया था।” शिक्षा मंत्री निशंक के जवाब देते ही लोगों ने सुब्रमण्यम स्वामी को ट्रोल करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं यूजर्स स्वामी को लेकर मीम्स भी शेयर करने लगे।

खुद को बधाई देने पर हो गए ट्रोल
अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना की कहावत भी उनपर पूरी तरह से चरितार्थ होती है। सुब्रमण्यम स्वामी ने 11 सितंबर,2020 को एक ऐसा ट्वीट किया जिससे एक बार फिर लोगों के निशाने पर आ गए। दरअसल ट्विटर पर 10 मिलियन फॉलोअर होने पर उन्होंने खुद को बधाई दे दी। इसके बाद लोग मजे लेने लगे।

झूठ बोलकर राम मंदिर पर क्रेडिट लेना
सुब्रमण्यम स्वामी झूठा क्रेडिट लेने और अपने उलुल-जलुल बयानों के लिए भी बदनाम रहे हैं। सितंबर, 2020 में उन्होंने राम मंदिर को लेकर एक ऐसा बयान दिया कि लोग उन्हें लताड़ लगाने लगे। स्वामी ने हिंदी न्यूज चैनल टीवी9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में कहा कि अयोध्या के भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जाता है। स्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का तो इसमें कोई योगदान नहीं हैं…राम मंदिर का। सारी बहस तो हम लोगों ने की। सरकार की तरफ से उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया, जो मैं जानता हूं जिसमें हम कह सकते कि निर्णय आया है। वास्तव में जिन्होंने काम किया है, उनका मैंने नाम दिया है। पहले राजीव गांधी… उसके बाद…। अपने इस बयान के बाद स्वामी सोशल मीडिया पर मजाक के पात्र बन गए।

बदलती रही है स्वामी की निष्ठा
पूरे राजनीतिक करियर के दौरान सुब्रमण्यम स्वामी की निष्ठा बदलती रही है। सोशल मीडिया के इस दौर में वे अपने एक-एक बयान पर एक्सपोज हो जाते हैं। पिछले दिनों बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिह बग्गा ने ट्वीट कर लिखा कि डियर स्वामी, आपने वर्षों तक कहा कि RSS आतंकवादी संगठन है, लेकिन 1999 के बाद आप विराट हिंदू बन गए,जब आपको सोनिया गांधी से कुछ नहीं मिला। क्या आप किसी एक व्यक्ति के प्रति निष्ठावान रह सकते हैं?

एक और ट्वीट में तेजिंदर पाल सिंह ने पूछा कि क्या यह सच है कि आपने 2014 के अक्टूबर महीने में एक महिला पत्रकार से मिले थे और उनसे कहा कि मैं छह महीने बाद प्रधानमंत्री मोदी को एक्सपोज करना शुरू करूंगा। उस समय आपको करने का मौका नहीं मिला और आप अब कर रहे हैं। हमलोग आपके इतिहास को जानते हैं। आपने सोनिया गांधी के लिए अटल जी को धोखा दिया। 

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