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महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सरकारों की बदइंतजामी से बिगड़े हालात, नहीं मिल रहे बेड और ऑक्सीजन, अस्पताल का चक्कर लगाते दम तोड़ रहे मरीज

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पूरे देश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन जिस तरह से महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में हालात बेकाबू हो रहे हैं, वो काफी डरावने और दिल दहला देने वाले हैं। इसके लिए जहां लोगों की लापरवाही जिम्मेदार है, वहीं उद्धव ठाकरे और बघेल सरकार की बदइंतजामी और लापरवाही ने महामारी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। राज्य में मरीजों को न तो बेड मिल रहे हैं और न ही ऑक्सीजन। मरीज बेड के लिए अस्पतालों का चक्कर लगाने को मजबूर है।

महाराष्ट्र के चंद्रपुर में व्यवस्था पर चोट करता हुआ एक मामला सामने आया। अस्पताल में बेड उपलब्ध नहीं होने की वजह से कोरोना मरीज को एम्बुलेंस में ही अस्पतालों का चक्कर लगाना पड़ा रहा है। मरीज के बेटे के मुताबिक दो दिनों से कोरोना से पीड़ित पिता को लेकर एम्बुलेंस में भटकता रहा, लेकिन ऑक्सीजन बेड नहीं मिला। अब पिता को घर भी नहीं ले जा सकता। हालात से परेशान बेटा अब अपने पिता के लिए बेड देने या इंजेक्शन देकर मार डालने की गुहार लगा रहा है।

महाराष्ट्र के अहमदनगर में भी इसी तरह का मन को झकझोर देने वाला मामला सामने आया। जहां एक कोरोना मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए परिवार एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकता रहा, लेकिन बेड नहीं होने की वजह से भर्ती नहीं कराया जा सका। आखिरकार मरीज ने अपनी गाड़ी में दम तोड़ दिया। लोग आरोप लगा रहे हैं कि कोरोना के मामले बढ़ रहे थे, तो उद्धव सरकार इसकी अनदेखी कर वसूली में व्यस्त थी।

राज्य के सतारा से भी हैरान और परेशान कर देने वाली तस्वीरें सामने आयी। अस्पतालोंं में बेड नहीं है। यहां एक महिला ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ ऑटोरिक्शा में बैठी हुई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला ऑक्सीजन मास्क पकड़े हुए ऑटो में बैठी है, जबकि ऑक्सीजन का सिलेंडर बाहर रखा हुआ है।

उधर छत्तीसगढ़ के रायपुर से दिल दहला देने वाली तस्वीर देखने को मिली।अंबेडकर अस्पताल के कोविड वार्ड में हर रोज औसतन 20 कोरोना संक्रमितों की मौत हो रही है। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि अब शवों को अंतिम संस्कार के लिए भेजने की प्रक्रिया में देरी, फ्रीजर की कमी की वजह से शव सड़ने लगे हैं। कुछ लाशों में कीड़े भी लग चुके हैं।

दूसरी तरफ हर दिन हो रही मौत के बाद फिर नए शव, मर्चुरी पहुंचा दिए जा रहे हैं। अंतिम संस्कार के काम में प्रशासन की मदद कर रहे एक पहल संस्था के रितेश अग्रवाल ने बताया कि कीड़े लग चुकी लाशें हमें भी सौंपी गईं। सावधानी से इन्हें श्मशान तक लाया जा रहा है, इसके बाद अंतिम संस्कार कर रहे हैं।

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