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हमें किसी भी प्रकार के प्रेशर को झेलने के लिए खुद को सामर्थ्यवान बनाना चाहिए- प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा (PPC) 2024’ का आयोजन सोमवार, 29 जनवरी को नई दिल्ली के भारत मण्डपम में किया गया। वर्ष 2018 से शुरू हुए परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का यह 7वां संस्करण है। प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम मेरी भी परीक्षा होती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा पे चर्चा के साथ-साथ आप भारत के भविष्य की चर्चा करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हमें किसी भी प्रकार के प्रेशर को झेलने के लिए खुद को सामर्थ्यवान बनाना चाहिए। दबाव को हमें अपने मन की स्थिति से जीतना जरूरी है। किसी भी प्रकार की बात हो, हमें परिवार में भी चर्चा करनी चाहिए।

बच्चों के संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों के तनाव को कम करने में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। इसलिए शिक्षक और छात्रों के बीच हमेशा सकारात्मक रिश्ता रहना चाहिए। शिक्षक का काम सिर्फ जॉब करना नहीं, बल्कि जिंदगी को संवारना है, जिंदगी को सामर्थ्य देना है, यही परिवर्तन लाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परीक्षा के तनाव को विद्यार्थियों के साथ-साथ पूरे परिवार और टीचर को मिलकर एड्रेस करना चाहिए। अगर जीवन में चुनौतियां न हो, स्पर्धा न हो तो फिर जीवन बहुत ही प्रेरणाहीन और चेतनाहीन बन जाएगा। प्रतियोगिता होनी ही चाहिए। जीवन में स्वस्थ्य चुनौतियां होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को दूसरे बच्चों का उदाहरण देकर कोसते रहते हैं। कृपा करके मां-बाप इससे बचें, ये बच्चों पर विपरीत असर डालता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों में आपस मे तुलना करके विकृत स्पर्धा का भाव जाने- अनजाने में परिवार के रोजमर्रा के जीवन में बो दिया जाता है सभी माता-पिता से आग्रह है कि बच्चों की तुलना ऐसे मत कीजिये जो उसके अंदर द्वेष का भाव पैदा कर दे जो बाद मे एक बड़ा जहरीला वृक्ष बन जाता है।

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है जो संगीत के टीचर हैं वो अपनी क्लास के ही नहीं बल्कि पूरे स्कूल के बच्चों का तनाव खत्म कर सकते हैं। संगीत के जरिए तनाव कम किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मां-बाप अपने बच्चों का रिपोर्ट कार्ड ही अपना विजिटिंग कार्ड बना देते हैं, किसी को मिलेंगे तो अपने बच्चे की कथा सुनाएंगे। ऐसी चीजें भी बच्चों के मन में ये भाव भर देता है कि मैं ही सब कुछ हूं।

परीक्षा पे चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे मोबाइल को कार्य करने के लिए चार्जिंग की आवश्यकता होती है, उसी तरह बॉडी को भी रिचार्ज रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि स्वस्थ मन के लिए शरीर को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए प्रॉपर नींद लेना भी बहुत आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि हमें आदत डालनी चाहिए कि हम निर्णायक बनें। कंफ्यूजन में नहीं रहना चाहिए। अगर कोई कंफ्यूजन है तो हमें उस पर बात करनी चाहिए और उसका समाधान करके आगे बढ़ना चाहिए।

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