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प्रधानमंत्री मोदी ने की 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात, कोरोना के खिलाफ जंग में दिया 72 घंटे का फॉर्मूला

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार, 11 अगस्त को कोरोना संकट पर 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में उन्होंने आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना महामारी पर चर्चा की। कर्नाटक का प्रतिनिधित्व उप मुख्यमंत्री ने किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर हम शुरुआती 72 घंटों में मामलों की पहचान कर लेते हैं, तो वायरस के फैलने की गति धीमी हो सकती है। उन्होंने उन सभी लोगों का पता लगाने और परीक्षण करने की जरूरत पर जोर दिया जो 72 घंटे के भीतर एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे। उन्होंने कहा कि इस मंत्र का ठीक उसी तरह पालन किया जाना चाहिए, जैसे हाथ धोना, दो गज की दूरी बनाए रखना और मास्‍क पहनना आदि जरूरी है।

उन्होंने कहा कि लगभग 80 प्रतिशत सक्रिय मामले चर्चा में भाग ले रहे 10 राज्यों से हैं, और अगर इन दस राज्यों में वायरस पर काबू पा लिया जाता है, तो पूरा देश कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में विजयी होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सभी ने बेहद सहयोग दिखाया है और टीम इंडिया ने मिलकर काम किया है। उन्होंने अस्पतालों और स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों के सामने उत्‍पन्‍न चुनौतियों और दबाव की चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दैनिक जांच की संख्या लगभग 7 लाख तक पहुंच गई है और इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे रोग की शुरुआत में पहचान करने और रोकथाम में मदद मिली है। देश में औसत मृत्यु दर सबसे कम है और लगातार नीचे जा रही है। सक्रिय मामलों का प्रतिशत कम हो रहा है, जबकि ठीक होने दर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इन कदमों से लोगों का विश्वास बढ़ा है और मृत्‍यु दर को 1 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य जल्द प्राप्त किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में जांच में तेजी लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में कंटेनमेंट, संपर्क का पता लगाना और निगरानी सबसे प्रभावी हथियार हैं। लोग जागरूक हो गए हैं और इन प्रयासों में मदद कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप हम घर में प्रभावी तरीके से क्‍वारंटाइन करने में सफल रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने महामारी से सफलतापूर्वक निपटने के लिए गृह मंत्री द्वारा दिल्ली और आसपास के राज्यों के साथ मिलकर रोडमैप तैयार करने के अनुभव को याद किया। उन्होंने कहा कि इस रणनीति के मुख्य स्तंभों में कंटेनमेंट जोन को अलग करना और स्क्रीनिंग पर ध्यान केंद्रित करना है, विशेष कर अधिक जोखिम वाले वर्ग में। इन कदमों के परिणाम सभी देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बेहतर प्रबंधन और आईसीयू बेड बढ़ाने जैसे कदम भी बहुत मददगार साबित हुए।

बैठक में मुख्यमंत्रियों ने अपने राज्यों की जमीनी स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने महामारी के सफल प्रबंधन के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की और उन्‍हें निरंतर मार्गदर्शन करने और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने जांच किए जाने, जांच बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों, टेली-मेडिसिन के उपयोग और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में सुधार के प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने सीरो-सर्वेक्षण कराने के लिए केन्‍द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा और मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया, साथ ही देश में एक एकीकृत चिकित्सा बुनियादी ढांचा स्थापित करने का भी सुझाव दिया।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि सरकार वायरस के खिलाफ इस लड़ाई में हर संभव प्रयास कर रही है, जिसकी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी प्रशंसा की है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव ने देश में कोविड मामलों की जानकारी दी। यह देखते हुए कि कुछ राज्यों में मामलों की वृद्धि दर औसत दर से अधिक है, इन राज्यों से जांच क्षमता के अधिकतम उपयोग पर ध्यान देने का निर्देश दिया गया। उन्होंने मृत्यु दर के आंकड़ों की सही रिपोर्टिंग की आवश्यकता पर जोर दिया और स्थानीय समुदायों की मदद से नियंत्रण क्षेत्रों की परिधि की निगरानी के बारे में भी बात की।

प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले छह बार मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना को लेकर चर्चा कर चुके हैं।
अब आइए देखते हैं कोरोना संकट के दौरान कब-कब प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सीधा संवाद किया।

प्रधानमंत्री मोदी 20 मार्च, 2020 से लेकर अब तक सात बार मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर चुके हैं। इससे पहले 20 मार्च, 2 अप्रैल, 11 अप्रैल, 27 अप्रैल, 12 मई, 16 जून और 17 जून को उन्होंने कोरोना संकट पर बातचीत की थी।

20 मार्च, 2020 : पहली बार संवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार 20 मार्च को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश के सभी मुख्यमंत्रियों से बात की, जिसमें उन्होंने साथ मिलकर इस चुनौती से निपटने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री ने इस वायरस के प्रसार को लेकर निरंतर सतर्कता और निगरानी बनाए रखने की अपील की और कहा कि इस महामारी से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों को साथ मिलकर काम करना होगा।

 2 अप्रैल, 2020 : दूसरी बार संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस से निपटने के उपायों पर चर्चा करने के लिए 2 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद किया। इस वीडियो संवाद में प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बीमारी को फैलने से रोकने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि अगले कुछ हफ्तों में सभी का ध्यान कोरोना वायरस से जुड़ी जांचों, संक्रमितों का पता लगाने, उन्हें अलग-थलग रखने पर केंद्रित रहना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने लॉकडाउन के निर्णय का समर्थन करने के लिए राज्यों का धन्यवाद किया, जिसकी बदौलत भारत ने कोविड-19 के फैलाव को सीमित करने में कुछ हद तक सफलता हासिल की है। उन्‍होंने सराहना करते हुए कहा कि कैसे सभी राज्यों ने वायरस को फैलने से रोकने के लिए एक टीम के रूप में एक साथ मिलकर काम किया है।

11 अप्रैल, 2020 : तीसरी बार संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 अप्रैल, 2020 को तीसरी बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों से कोविड-19 के प्रभाव को कम करने में निश्चित रूप से मदद मिली है, लेकिन चूंकि स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए निरंतर सतर्कता सबसे जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि वायरस को फैलने से रोकने के लिए अब तक उठाए गए कदमों के प्रभाव का पता लगाने के लिए अगले 3-4 सप्ताह काफी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस चुनौती का सामना करने के लिए टीम वर्क अत्‍यंत आवश्‍यक है।

27 अप्रैल, 2020 : चौथी बार संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 27 अप्रैल को कोरोना संकट पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की। मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की यह चौथी चर्चा थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लॉकडाउन के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, क्योंकि देश पिछले डेढ़ महीनों में हजारों लोगों की जान बचाने में कामयाब रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों से यह भी आग्रह किया कि वे आगे की रणनीति तैयार करते समय मौसम में बदलाव यथा गर्मी एवं मानसून के आगमन और इस मौसम में आने वाली बीमारियों को अवश्‍य ही ध्‍यान में रखें। इस दौरान मुख्यमंत्रियों ने संकट की इस अवधि में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की।

12 मई, 2020 : पांचवीं बार संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 12 मई को कोरोना वायरस संकट पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि अब संक्रमण के फैलाव को कम करने पर ध्यान देना चाहिए। यह सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि लोग सुरक्षित दूरी बनाए रखने सहित पूरी सावधानी बरतें। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 के फैलाव को रोकने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति से लेकर पूरी मानवता तक जीवन का नया तरीका ‘जन से लेकर जग तक’ के सिद्धांत पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को नई वास्तविकता की योजना बनानी चाहिए।

16 जून, 2020 : छठी बार संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 जून को कोरोना संकट पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने जीवन और आजीविका यानी जान और जहान दोनों पर ही फोकस किए जाने के विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर टेस्टिंग और मरीजों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने पर जोर देने के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधा को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि करनी होगी। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान जरूरतों और भविष्य की आवश्यकताओं दोनों को ही ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे इस तथ्य को हमेशा ध्‍यान में रखें कि वायरस का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है और इसके साथ ही अर्थव्यवस्था को खोलते समय निरंतर सतर्क रहने की जरूरत है।

11 अगस्त, 2020 : सातवीं बार संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 अगस्त को कोरोना संकट पर 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में उन्होंने आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना महामारी पर चर्चा की। कर्नाटक का प्रतिनिधित्व उप मुख्यमंत्री ने किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर हम शुरुआती 72 घंटों में मामलों की पहचान कर लेते हैं, तो वायरस के फैलने की गति धीमी हो सकती है। उन्होंने उन सभी लोगों का पता लगाने और परीक्षण करने की जरूरत पर जोर दिया जो 72 घंटे के भीतर एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे। उन्होंने कहा कि इस मंत्र का ठीक उसी तरह पालन किया जाना चाहिए, जैसे हाथ धोना, दो गज की दूरी बनाए रखना और मास्‍क पहनना आदि जरूरी है।

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