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Good News : पीएम मोदी सरकार कोरोना में अनाथ हुए हजारों बच्चों का बनेगी सहारा, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन देगा अनाथ बच्चों के लिए पेंशन

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London: Prime Minister Narendra Modi interact with school childrens at Wembley Stadium for addressing Indian Community in London on Friday. PTI Photo by Vijay Verma(PTI11_13_2015_000314A)

वैश्विक महामारी कोरोना के चलते देश में ऐसे हजारों बच्चे हैं, जिन्होंने अपने पिता या मां को या दोनों को खो दिया। कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों की पीड़ा को समझते हुए मोदी सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के माध्यम से अनाथ बच्चों को पेंशन देने का फैसला लिया है। एम्‍प्‍लॉई प्रॉविडेंड फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने ट्वीट कर ईपीएस स्कीम के तहत अनाथ बच्चों को मिलने वाले फायदों (EPS Benefits) के बारे में बताया है।90 हजार से ज्यादा बच्चों के सिर से पिता का साया उठा
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन ड्रग एब्यूज नेशनल (NIDA) और इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की एक रिपोर्ट बताती है कि कोरोना काल में एक लाख के ज्यादा बच्चे अनाथ हुए। इनमें से 25500 ऐसे बच्चे हैं, जिन्होंने कोरोना काल में अपना मां को खो दिया। इसके अलावा 90751 बच्चे ऐसे हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया।

देश में 1.19 लाख बच्चे कोरोना के चलते अनाथ हुए
यूके बेस्ड प्रख्यात मेडिकल जनरल द लांसेट में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार दुनिया भर में 15 लाख से ज्यादा बच्चों ने कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के कारण कम से कम एक माता-पिता, कस्टोडियल दादा-दादी को खो दिया है। इनमें भारत में अनाथ हुए 1,19,000 बच्चे शामिल हैं। शोध के मुताबिक करीब दस लाख से ज्यादा बच्चों के माता और पिता में से कोई एक या फिर दोनों की मौत महामारी के शुरुआती 14 महीनों के दौरान हो गई। इसी तरह बाकी के 5 लाख बच्चों ने अपने ही घर में रहने वाले दादा-दादी की मौत देखी है।ईपीएस के सदस्य तो बच्चों को आर्थिक मदद मिलेगी
ऐसे हालात में अनाथ बच्चों के लिए मोदी सरकार की योजना वरदान साबित हो सकती है। अगर माता-पिता में कोई एक या दोनों नौकरीपेशा थे और एम्‍प्‍लॉई पेंशन स्‍कीम में मेंबर (EPS Member) रहे हैं तो उनके बच्‍चों को आर्थिक मदद मिल सकती है। ईपीएस में पैसे जमा करने के लिए कंपनी अपने कर्मचारी की सैलरी से पैसे नहीं काटती, बल्कि कंपनी के योगदान का कुछ हिस्सा ईपीएस में जमा किया जाता है।माता-पिता में से कोई एक या दोनों नौकरीपेशा थे
कोरोना वायरस महामारी के देश में बड़ी संख्‍या में अपनों को खो दिया. यहां तक कि कई बच्‍चे अनाथ हो गए। कई ऐसी खबरें आईं कि परिवार के सभी सदस्‍यों की कोरोना के कारण मौत हो गई और बच्‍चे बेसहारा हो गए। ऐसे अनाथ बच्चों के लिए एम्‍प्‍लॉई पेंशन स्कीम (EPS) के तहत आर्थिक मदद मिल सकती है। हालांकि, ये फायदा उन अनाथ बच्चों को मिलेगा, जिनके माता-पिता में कोई एक या दोनों नौकरीपेशा थे और ईपीएस मेंबर रहे हों।

ईपीएस के तहत अनाथ बच्चों को मिलेंगे ये फायदे
– अनाथ बच्चों को मिलने वाली पेंशन की राशि मासिक विधवा पेंशन की 75 फीसदी होगी. यह राशि कम से कम 750 रुपये प्रति महीना होगी।
– एक समय पर दो अनाथ बच्चों में से प्रत्येक को 750 रुपये प्रति महीना की पेंशन राशि मिलेगी।
– ईपीएस स्कीम के तहत अनाथ बच्चों को 25 साल की उम्र तक पेंशन दी जाएगी।
– अगर बच्चे किसी अक्षमता से पीड़ित हैं तो उन्हें जीवनभर पेंशन दी जाएगी।क्‍या ईपीएस के लिए करना होगा कोई भुगतान?
– ईपीएस के लिए कंपनी कर्मचारी के वेतन से कोई पैसे नहीं काटती हैं।
– कंपनी के योगदान का कुछ हिस्सा ईपीएस में जमा किया जाता है।
– नए नियम के तहत 15,000 रुपये तक बेसिक सैलरी वालों को ये सुविधा मिलेगी।
– नए नियम के मुताबिक सैलरी का 8.33 फीसदी हिस्सा ईपीएस में जमा किया जाता है।
– 15,000 रुपये बेसिक सैलरी होने पर कंपनी ईपीएस में 1,250 रुपये जमा कराती है।पेंशन के लिए जमा करना होगा जीवन प्रमाणपत्र
पेंशन पाने वालों को कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (EPS-95) के तहत पेंशन भुगतान के लिए जीवन प्रमाण पत्र या डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कराना अनिवार्य है। हर साल पेंशनर्स को लाइफ सर्टिफिकेट या जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की जरूरत होती है। इससे पेंशन मिलने में किसी तरह की बाधा नहीं आती है। अब वीडियो कॉल के जरिये भी जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की सुविधा शुरू कर दी गई है।

(*बच्चों के सभी फोटो सांकेतिक हैं)

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