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कोरोना पर प्रधानमंत्री मोदी ने की शीर्ष अधिकारियों संग बैठक, कहा- नए वेरियंट को देखते हुए प्रोएक्टिव रहने की जरूरत

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने शनिवार, 27 नवंबर को कोरोना की स्थिति और टीकाकरण को लेकर केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। करीब 2 घंटे तक चली इस बैठक में कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा, केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉक्टर वी के पॉल ने बैठक में भाग लिया। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के ताजा हालात, सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी तैयारियों और टीकाकरण जैसे मुद्दों की समीक्षा की। दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के सामने आने के बाद यह बैठक हुई।

प्रधानमंत्री मोदी को कोरोना संक्रमणों और मामलों पर वैश्विक रुझानों के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि दुनिया भर के देशों ने महामारी की शुरुआत के बाद से कोरोना मामलों में कई बार उछाल का सामना किया है। प्रधानमंत्री ने कोरोना मामलों और जांच में पॉजिटिविटी रेट से संबंधित राष्ट्रीय स्थिति की भी समीक्षा की।

प्रधानमंत्री को टीकाकरण में प्रगति और ‘हर घर दस्तक’ अभियान के तहत किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि दूसरी खुराक का दायरा बढ़ाने की जरूरत है और राज्यों को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि जिन लोगों को पहली खुराक मिली है उन्हें दूसरी खुराक समय पर दी जाए। प्रधानमंत्री को समय-समय पर देश में सीरो-पॉजिटिविटी और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया में इसके प्रभाव के बारे में भी जानकारी दी गई।

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी को कोरोना के नए वेरिएंट ‘ओमिक्रोन’ और उसकी प्रकृति, विभिन्न देशों में इसका प्रभाव और भारत के लिए इसके असर के बारे में जानकारी दी गई। भारत के लिए इसके प्रभावों पर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे देखते हुए ‘प्रोएक्टिव’ रहने की जरूरत पर जोर देते हुए और अधिक सतर्क रहने के साथ मास्क पहनने सहित बचाव के सभी उपायों का पालन करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की निगरानी करने की भी आबात कही। उन्होंने कहा कि सभी अंतरराष्ट्रीय विमानों की निगरानी करने के साथ ही ‘जोखिम’ वाले देशों से आने वाले लोगों की दिशा-निर्देशों के अनुरूप जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कोरोना के नए स्वरूप को देखते हुए अधिकारियों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध हटाने की योजना की समीक्षा करने को भी कहा।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस के वेंटिलेशन और हवा से पैदा होने वाले व्यवहार के बारे में जागरूकता पैदा करने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न दवाओं के पर्याप्त बफर स्टॉक सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से बाल चिकित्सा सुविधाओं सहित चिकित्सा बुनियादी ढांचे के कामकाज की समीक्षा के लिए राज्यों के साथ काम करने को कहा। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों और वेंटिलेटर पर राज्यों के साथ समन्वय करने को कहा।

भारत ने उन देशों की एक सूची तैयार की है, जहां के नागरिकों को भारत पहुंचने पर विभिन्‍न प्रक्रियाओं और जांच-पडताल से गुजरना होगा। इन देशों में इजरायल, हांगकांग, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्‍लादेश, बोत्‍सवाना, चीन, मॉरीशस, न्‍यूजीलैण्‍ड, जिम्‍बाब्‍वे, सिंगापुर और ब्रिटेन शामिल हैं। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के गुरुवार को ही राज्‍यों और केन्‍द्रशासित प्रदेशों के अपर मुख्‍य सचिवों, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के प्रधान सचिवों और सचिवों को पत्र लिखकर बताया है कि तीन देशों में कोरोना के इस नए वेरिएंट का पता चला है। उनसे कहा गया है कि अंतर्राष्‍ट्रीय यात्रियों, विशेषकर दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्‍सवाना से आने वाले यात्रियों की गहन स्‍क्रीनिंग और जांच की जानी चाहिए।

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