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यूएनजीए में भारत की आर्थिक और विदेश नीति का बजा डंका, पीएम मोदी के नेतृत्व के मुरीद हुए विकसित और विकासशील देश

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति की प्राथमिकता बदल गई है। भारत शक्तिशाली देशों के बीच बैलेंसिंग पावर के रूप नहीं, बल्कि दुनिया की बड़ी ताकत के रूप में खुद को पेश कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की स्वतंत्र और दृढ़ विदेश नीति और उनके नेतृत्व की आज पूरी दुनिया कायल हो गई है। इसकी झलक संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के चालू सत्र में देखने को मिली, जब विकसित और विकासशील देश अंतर्राष्ट्रीय मंच से भारत की आर्थिक और विदेश नीति की कसीदें पढ़ रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत अधिकाश देशों के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ की और भारत को सकारात्मक संदर्भ में लिया।

‘इंडिया@75’ कार्यक्रम के लिए यूएन प्रमुख का संदेश

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरस ने भी वैश्विक स्तर पर भारत की अहम भूमिका को स्वीकार किया। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुटेरेस ने ‘इंडिया-यूएन पार्टनरशिप इन एक्शन’ की प्रदर्शनी पर एक विशेष ‘इंडिया@75’ कार्यक्रम के लिए अपने संदेश में रेखांकित किया कि इतिहास में सबसे बड़ी युवा पीढ़ी के घर के रूप में, भारत सतत विकास लक्ष्य की सफलता में निर्णायक होगा। गुटेरेस ने कहा ‘भविष्य में भारत इतिहास में सबसे बड़ी युवा पीढ़ी का घर होगा और सतत विकास लक्ष्यों की सफलता में निर्णायक होगा।’

रूस ने किया स्थायी सदस्यता का समर्थन

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान भारत का यूएन में स्थायी सीट के लिए “स्पष्ट रूप से” समर्थन किया। यूएनजीए सत्र को संबोधित करते हुए, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि उनका देश भारत को ‘प्रमुख वैश्विक साझीदार’ के रूप में देखता है और एक परिषद के भीतर स्थायी सदस्यता के लिए योग्य उम्मीदवार मानता है।’

भारत के विकास पथ से हुआ अत्यधिक लाभ- गुयाना

संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक उच्च स्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए गुयाना के विदेश मंत्री ह्यूग हिल्टन टॉड ने भारत की सराहना करते हुए कहा, ‘गुयाना जैसे छोटे देशों को भारत के विकास पथ से अत्यधिक लाभ हुआ, क्योंकि यह हमेशा एक ऐसी अर्थव्यवस्था रही है जो मानव विकास पर ध्यान केंद्रित करती है, मनुष्य को विकास के किसी भी अन्य रूप से आगे रखती है।’

जमैका की विदेश मंत्री ने भारत के प्रति जताया आभार

जमैका की विदेश मंत्री कामिना जे स्मिथ ने कहा कि किंग्स्टन COVID-19 महामारी के दौरान टीकों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार और उसके लोगों का आभारी है। स्मिथ ने कहा, ‘शुरू से ही, भारत एक विश्वसनीय भागीदार था जिसकी सहायता महामारी से निपटने के लिए महत्वपूर्ण थी। भारत ने अन्य देशों को वैक्सीन देने वाली कूटनीति रणनीति को अपनाया। जमैका भारत से अपनी पहली जीवन रक्षक टीके हासिल करने में सक्षम हुआ था।”

पुर्तगाल ने किया स्थायी सदस्यता का समर्थन

पुर्तगाली प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने भी यूएनजीए में भारत की सराहना की। गुरुवार को पुर्तगाली प्रधानमंत्री कोस्टा ने यूएनएससी सुधार का आह्वान किया जिसमें कहा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत, ब्राजील और अफ्रीका महाद्वीप का प्रतिनिधित्व शामिल होना चाहिए। महासभा को संबोधित करते हुए, कोस्टा ने एक सुरक्षा परिषद की वकालत करते हुए कहा कि जिसमें सुरक्षा का व्यापक दृष्टिकोण शामिल हो और छोटे देशों को उचित प्रतिनिधित्व मिले।

पीएम मोदी के शांति पाठ के मुरीद हुए फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों 

इससे पहले 21 सितंबर को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक सत्र में समरकंद में एससीओ की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, ‘भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सही कहा था कि यह युद्ध का युग नहीं है। यह पश्चिम से बदला लेने या पूर्व के खिलाफ पश्चिम का विरोध करने के लिए नहीं है। यह हमारे समान संप्रभु राज्यों के लिए सामूहिकता का समय है। चुनौतियों का सामना करने के लिए हम बैठे हैं।’


जर्मनी ने किया पुतिन को दी गई सलाह का समर्थन

जर्मनी ने सोमवार (26 सितंबर, 2022) को यूक्रेन संकट पर प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को दी गई सलाह का समर्थन किया। भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा, पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कहना कि यह युग युद्ध का नहीं है, बिलकुल सटीक है।

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