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कर्नाटक में कट्टरपंथियों की हिंदुओं पर ज्यादतियों से कोहराम: MP के बाद अब कर्नाटक में भी अपराधियों के खिलाफ यूपी के CM YOGI के ‘बुलडोजर मॉडल’ को अपनाने की तैयारी

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कर्नाटक में भारतीय जनता युवा मोर्चा के सचिव प्रवीण नेत्तारू समेत तीन लोगों की पिछले दिनों में ही हत्या होने से दक्षिणी कर्नाटक में तनाव का माहौल है। अचरज यह है कि इन हत्याओं का तरीका लगभग एक जैसा है। बाइक या कार पर सवार होकर तीन-चार युवक आते हैं और नृशंस हत्या कर भाग जाते हैं। शक है कि यह सब पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया द्वारा किया जा रहा है। भाजयुमो नेता की हत्या में जिन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, उनमें से कई पीएफआई के जुड़े हैं। अतिवादी इस्लामिक संगठन अब कई राज्यों में अपना नेटवर्क फैला रहा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने इस नेटवर्क को नेस्तनाबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी का मॉडल अपनाने की तैयारी कर ली है। मध्यप्रदेश सरकार ने कुछ महीनों पहले योगी मॉडल से बुलडोजर आइडिया ले लिया था।

क्या है योगी मॉडल, क्यों बुलडोजर बाबा के नाम से मशहूर हुए योगी?
उत्तर प्रदेश ही नहीं, देशभर में सीएम योगी मॉडल की चर्चा है। बुलडोजर आइडिया यह है कि जो भी बड़ा अपराध करे, उसके घर पर बुल्डोजर चलाओ। ताकि देशद्रोहियों को, संगीन अपराधियों पर तत्काल कार्रवाई हो सके और दूसरे समाजकंटकों के दिलों में भी डर बैठ सके। यूपी में योगी ने अपराधियों के घरों पर खूब बुलडोजर चलवाए। यही वजह है यूपी में सीएम योगी अपने पहले कार्यकाल में ही बुल्डोजर बाबा के नाम से सुर्खियों में आ गए थे। हालांकि योगी मॉडल केवल बुलडोजर तक ही सीमित नहीं है। अपराधियों के पोस्टर चौराहों पर लगाना, उनका जुलूस निकलवाना, उन पर अलग तरीके की सख्ती बरतना, जैसे को तैसा वाला इलाज करना, ऐसे कई उपाय इसमें शामिल हैं।

कर्नाटक सरकार ने मोर्चा नेता की हत्या की जांच NIA से कराने की सिफारिश की
यूपी का मॉडल जनमानस को भाने के बाद मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान ने भी अपराधियों पर इस मॉडल को अपनाया। बुलडोजर से साथ-साथ अपराधियों के जुलूस भी निकाले। अब कर्नाटक में इस मॉडल को लागू करने पर गंभीरता से विचार हो रहा है। कर्नाटक सरकार कह रही है हम योगी मॉडल से भी चार कदम आगे जा सकते हैं। कर्नाटक के CM बसवराज बोम्मई ने युवा मोर्चा के नेता की हत्या की जांच NIA से कराने की सिफारिश की है।

कर्नाटक सरकार के मंत्रियों और बीजेपी नेताओं ने की योगी मॉडल की डिमांड
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि हत्या के मामलों में सख्त एक्शन लिया जाएगा। अब आप इसे यूपी मॉडल कहिए या फिर कर्नाटक मॉडल। प्रवीण की हत्या के बाद कर्नाटक सरकार के कुछ मंत्रियों, बीजेपी नेताओं, विधायकों और भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि अपराधियों के खिलाफ योगी मॉडल लागू किया जाए। जिस तरह यूपी में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वालों के घर बुलडोजर से गिराए जा रहे हैं, वैसा ही एक्शन कर्नाटक में भी लिया जाए।

कर्नाटक में हत्या और माहौल खराब करने के पीछे इस्लामिक अतिवादी संगठन PFI ?
यूपी मॉडल की चर्चा इसलिए की जा रही है कि हाल में, यानी पिछले एक हफ्ते में दक्षिण कर्नाटक में लगातार तीन हत्याएं हो चुकी हैं। इसमें पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई का भी नाम आ रहा है। दरअसल, यह एक अतिवादी इस्लामिक संगठन है जो 2006 में वजूद में आया था। कर्नाटक सरकार और वहां के मुख्यमंत्री का कहना है कि हमारा राज्य प्रगतिशील राज्य है, लेकिन हत्याओं का यह सिलसिला जारी रहा तो हम योगी मॉडल अपनाने में जरा भी नहीं हिचकिचाएंगे। दो दिन पहले भाजपा युवा मोर्चा के नेता नट्टारू की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी। क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं में इसे लेकर भारी आक्रोश है। वे लगातार इस्तीफे दे रहे हैं।

भाजयुमो नेता की हत्या मामले में 2 गिरफ्तार, PFI से जुड़े 21 संदिग्धों से पूछताछ जारी
कर्नाटक में तीसरी हत्या तब हुई, जब सीएम बसवराज बोम्मई भाजपा युवा विंग के नेता प्रवीण नेट्टारु के परिजन से मिलने उनके घर गए थे। बोम्मई ने प्रवीण के परिवार को सरकार की ओर से 5 लाख और पार्टी की ओर से 25 लाख रुपए मुआवजा दिया है। प्रवीण भाजपा युवा मोर्चा के जिला सचिव थे। उनकी हत्या के केस में दो लोगों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के नाम शफीक बेल्लारे और जाकिर सवनुरु हैं। अभी 21 लोग पुलिस की हिरासत में जिनसे पूछताछ जारी है। ये सभी आरोपी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) से जुड़े हैं।प्रवीण की मां और पत्नी के आंसुओं की आवाज- हत्यारों को फांसी हो
प्रवीण की हत्या को लेकर दक्षिण कन्नड़ में कार्यकर्ता बेहद गुस्से में हैं। भाजपा युवा मोर्चा के प्रवीण की 26 जुलाई की रात कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी। प्रवीण ने 29 जून को उदयपुर में कत्ल किए गए कन्हैयालाल के समर्थन में एक पोस्ट की थी। उनकी हत्या को इस पोस्ट से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हत्या का शक PFI के टेरर मॉड्यूल पर है। केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने गृहमंत्री अमित शाह को लेटर लिखकर NIA से जांच कराने की मांग की है। प्रवीण की मां ने रोते हुए कहा- जिसने भी बेटे की हत्या की, उसे फांसी दी जानी चाहिए। वो हमारा इकलौता बेटा था। प्रवीण की पत्नी ने मांग की है कि हत्यारों को हर हाल में फांसी होनी चाहिए।

निर्दोष हिंदू कब तक कट्टरतावादी सोच से शिकार होकर खून से लथ-पथ होते रहेंगे?
कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ में भारतीय जनता युवा मोर्चा नेता प्रवीण नेत्तारू की बर्बर हत्या के बाद हिंदुओं में आक्रोश का संचार होना लाजिमी है। बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता नुपूर शर्मा मामले के बाद देश में एक के बाद एक जो हिंसक घटनाएं सुनियोजित तरीके से घटित हो रही हैं, उनमें सभी के पीछे एक ही समुदाय के लोगों दोषी निकल रहे हैं। ऐसी घटनाओं के बाद भी मुस्लिम धर्म गुरु, मौलाना, काजी और तथाकथित धार्मिक ‘विद्वानों’ की चुप्पी न सिर्फ हिंसक घटनाओं को बढ़ावा दे रही है, बल्कि यह भी बताती है कि एक अनपढ़ मुस्लिम से लेकर पूर्व उप राष्ट्रपति तक की सोच धर्म के मामले में एक-सी और लड़ाने वाली ही है। हिंदू जनमानस में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि ऐसा आखिरकार कब तक चलेगा? कब तक निर्दोष हिंदू धार्मिक उन्मादियों, उग्रपंथियों और कट्टरतावादी सोच से शिकार होकर खून से लथ-पथ होते रहेंगे ??

उदयपुर के गरीब दर्जी कन्हैया की बात लिखी तो कर्नाटक में प्रवीण का बर्बर मर्डर
कर्नाटक पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल की जघन्य हत्या के विरोध में प्रवीण ने फेसबुक पर किया पोस्ट था, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया। कर्नाटक के प्रवीण नेत्तारू ने 29 जून को एक फेसबुक पोस्ट में लिखा था, ‘एक गरीब दर्जी का गला काटकर वीडियो बना दिया गया, सिर्फ इसलिए क्योंकि उसने एक राष्ट्रीय सोच का समर्थन किया था। अब वे कह रहे हैं कि हमारा अगला टारगेट प्रधानमंत्री मोदी हैं। आप सब अब कहां हैं?’ क्या ऐसा उस राज्य में नहीं हो रहा, जहां आपकी अपनी कृपा पर बनी कांग्रेस सरकार है…अब जीभ नहीं हिलाओगे..? क्या तुम जैसे पाखंडी हमदर्द को उस गरीब की जिंदगी पर रहम नहीं आया ? जवाब दो!

घोर सेकुलरवादियों, कांग्रेसियों और कट्टरपंथियों से प्रवीण ने मांगा था जवाब
भाजयुमो नेता प्रवीण ने अपनी पोस्ट में जिन सबको संबोधित किया वे हैं-कर्नाटक में कांग्रेस आईटी सेल की सचिव वी. शैलजा अमरनाथ, सीएए और एनआरसी की विरोधी नजमा नजीर चिकंनरेले, मेंगलूरु की कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद प्रतिभा कुलई, कांग्रेस की पूर्व सांसद दिव्या स्पंदना और वो सब घोर सेकुलरवादी, जो हमेशा अहिंसा का नाटक करते रहते हैं। लेकिन हिंसा को रोकने के लिए कोई जतन नहीं करते। प्रवीण की बर्बर हत्या नुपूर शर्मा के मामले के बाद कोई पहला-दूसरा केस नहीं है। उदयपुर के जघन्यतम लाइव हत्याकांड के बाद कई राज्यों में इसके खिलाफ कई घटनाएं हो चुकी हैं।

 

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