Home विचार संरचनात्मक सुधारों से तैयार हो रहा भारतीय अर्थव्यवस्था का ठोस आधार

संरचनात्मक सुधारों से तैयार हो रहा भारतीय अर्थव्यवस्था का ठोस आधार

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अर्थव्यवस्था की अस्थिरता पर बहस के बीच विश्व के आर्थिक जानकारों, रेटिंग एजेंसियों और कई वैश्विक आर्थिक मंचों का विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों पर बना हुआ है। विश्वबैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, मूडीज जैसी संस्थाएं भारत की अर्थव्यवस्था में लगातार भरोसा दिखा रही हैं। नेशनल इंटेलिजेंस काउंसिल यानी NIC के अनुमान भी भारत की आर्थिक दिशा-दशा की सही तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। NIC के अनुसार भारत के पास अगले दशक में उच्च स्तर तक वृद्धि करने की क्षमता है और भारत 2030 में आर्थिक महाशक्ति बन सकता है।

दरअसल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में संरचनात्मक सुधार, वैश्विक अर्थव्यवस्था में बदलाव और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश के बड़े मौके इसका आधार तैयार कर रहे हैं। स्पष्ट है कि देश की आर्थिक प्रगति की दिशा सही है और शीघ्र ही आर्थिक दशा भी सही हो जाएगी।

भारतीय अर्थव्यवस्था ‘मजबूत राह’ पर- IMF
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की चीफ क्रिस्टीन लेगार्ड ने भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रशंसा की है। आईएमएफ चीफ लेगार्ड ने 14 अक्टूबर को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत रास्ते पर है। क्रिस्टीन लेगार्ड ने कहा कि हमारा भरोसा है कि भारत मीडियम और लॉन्ग टर्म में विकास के रास्ते पर है। उन्होंने कहा कि इकॉनमी में किए गए संरचनात्मक बदलाव की वजह से भारत को बेहतर परिणाम मिला है। लेगार्ड ने नोटबंदी और जीएसटी को शानदार प्रयास बताते हुए कहा, ‘’इन आर्थिक सुधारों के कारण कम अवधि का स्लोडाउन होना कोई चौंकाने वाली बात नहीं है। भविष्य के लिए देखें तो भारतीय अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत रास्ते पर है।‘’

भारतीय अर्थव्यवस्था ‘काफी मजबूत राह’ पर: लेगार्ड

नोटबैन और जीएसटी स्वागतयोग्य कदम- फिलिप हैमोंड
ब्रिटेन के वित्त मंत्री फिलिप हैमोंड ने भारतीय सुधारों में एक बार फिर भरोसा दिखाते हुए कहा है कि नोट बैन और जीएसटी विकास को गति देगा। फिलिप हैमोंड ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद जीडीपी पर अस्थायी नकारात्मक प्रभाव उच्च वृद्धि को दिशा दिखाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए सुधारों के प्रति अपना समर्थन जताते हुए कहा कि नोटबैन और जीएसटी दोनों ही स्वागतयोग्य कदम हैं और अब उनका प्रभाव दिखना शुरू हो जाएगा। फिलिप हैमोंड ने कहा कि दिशा ठीक है लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है क्योंकि धारणाओं को बदलने में वक्त लगता है।

ब्रिटेन के वित्त मंत्री फिलिप हैमंड के लिए चित्र परिणाम

भारत की आर्थिक वृद्धि में गिरावट अस्थायी-विश्व बैंक
विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक वृद्धि में हाल ही में आई गिरावट को अस्थायी बताया है। विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम ने कहा कि जीएसटी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा सकारात्मक असर होने जा रहा है। उन्होंने कहा, ”पहली तिमाही में गिरावट आई लेकिन हमारा मानना है कि यह मुख्य रूप से जीएसटी के लिए तैयारियों में अस्थायी बाधाओं के कारण हुआ। यह जीएसटी अर्थव्यवस्था पर बड़ा सकारात्मक असर डालने जा रहा है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारोबारी माहौल सुधारने के लिए वास्तव में बहुत काम किया है और इन सभी प्रयासों का अच्छा परिणाम भी आएगा।

विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम के लिए चित्र परिणाम

आर्थिक वृद्धि की रफ्तार 4 सालों में 8 प्रतिशत- मूडीज
अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग संस्था मूडीज को विश्वास है कि आर्थिक वृद्धि की रफ्तार अगले 3-4 साल में बढ़कर 8 प्रतिशत के आसपास पहुंच जाएगी। मूडीज के सहायक प्रबंध निदेशक मैरी डिरोन का कहना है कि भारत में चल रहे आर्थिक और संस्थागत सुधारों और आने वाले समय में होने वाले बदलावों को देखते हुए नोटबंदी से पैदा हुई अल्पकालिक अड़चन के बावजूद अगले 12 से 18 महीने के दौरान भारत उसके जैसे दूसरे देशों के मुकाबले अधिक तेजी से वृद्धि करेगा। मूडीज के इंवेस्टर सर्विस सर्वे में पता चला है कि भारत की विकास दर अगले 12 से 18 महीने के दौरान 6.5 से 7.5 प्रतिशत के दायरे में रहेगी।

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दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था होगा भारत- मॉर्गन स्टेनली
वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी जैसे कानून लागू कर देश के कारोबारी माहौल को काफी मजबूती प्रदान की है। मॉर्गन स्टेनली के अनुमान के अनुसार डिजिटलीकरण, वैश्वीकरण और सुधारों के चलते आने वाले दशक में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगी। मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि डिजिटलीकरण से जीडीपी वृद्धि को 0.5 से 0.75 प्रतिशत की बढ़त मिलेगी और अनुमान है कि 2026-27 तक भारत की अर्थव्यवस्था 6,000 अरब डॉलर की हो जाएगी। मॉर्गन स्टेनली के अनुसार आने वाले दशक में भारत की सालाना जीडीपी वृद्धि दर 7.1 से 11.2 के बीच रहेगी।

निवेश के लिहाज से भारत आकर्षक जगह- पॉल पोलमैन
उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली दुनिया की चौथी सबसे बड़ी कंपनी यूनीलीवर के सीईओ पॉल पोलमौन ने कहा कि निवेश के लिहाज से भारत आकर्षक जगह है। उन्होंने कहा कि वह अपने कारोबार के सबसे बड़े क्षेत्र अमेरिका के मुकाबले भारत में हो रहे विकास को लेकर वह ज्यादा उत्साहित हैं। नोटबंदी और जीएसटी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि श्री मोदी स्मार्ट इंडिया, मेड इन इंडिया और स्वच्छ भारत जैसे बिग आइडियाज के साथ आगे बढ़ रहे हैं तथा अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए उनके कई कदमों के हम समर्थक हैं।

पॉल पोलमैन के लिए चित्र परिणाम

भारत तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था- हार्वर्ड यूनिवर्सिटी
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर इंटरनेशल डेवलपमेंट (CID) के अनुसार भारत चीन से आगे बढ़कर वैश्विक विकास के आर्थिक स्तंभ के रूप में उभरा है और आने वाले दशक में वो नेतृत्व जारी रखेगा। CID के अनुमान के अनुसार भारत 2025 तक सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं की सूची में सबसे ऊपर है। भारत में अर्थव्यवस्था के ग्रोथ की गति औसत 7.7 प्रतिशत की वार्षिक रहेगी। CID के रिसर्च से ये निकलकर आया है कि वैश्विक आर्थिक विकास की धुरी अब भारत है। चीन की तुलना में दुनिया का भारत पर भरोसा बढ़ा है, जो आने वाले एक दशक से अधिक समय तक कायम रह सकता है।

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भारत में विदेशी कंपनियों के लिए खूब आकर्षण- चीन
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार भारत विदेशी कंपनियों के लिए खूब आकर्षण बन रहा है। अखबार के अनुसार भारत सरकार ने देश के बाजार के एकीकरण के लिए जीएसटी लागू किया है। नई टैक्स व्यवस्था से मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है क्योंकि इसमें राज्य और केंद्र के विभिन्न करों को मिला दिया गया है। अखबार के अनुसार भारत बाजार के खुलेपन और एकीकरण के नाजुक मोड़ पर है। इसके लिए मजबूत इरादे और दृढ़ प्रयास की जरूरत है। अखबार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रही आर्थिक सुधार प्रक्रियाओं की सराहना की है।

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