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कश्मीर में अनुच्छेद 370 ख़त्म होने और राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास की वर्षगांठ पर ‘काले कपड़े’ पहनकर प्रदर्शन करना महज़ संयोग है या कांग्रेस का नया प्रयोग है ?

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भारत के लिए 05 अगस्त का दिन काफी महत्वपूर्ण है। जहां 5 अगस्त, 2019 को मोदी सरकार ने करीब 70 साल से देश के लिए कलंक बने संविधान के अनुच्छेद-370 को मिटा दिया, वहीं 05 अगस्त, 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था। लेकिन यह देश विरोधी और हिन्दू विरोधी ताकतों तथा सेक्युलर गैंग को पसंद नहीं आया था। वे आज भी दिल से इसे स्वीकार नहीं कर पाए हैं। इसलिए उनका दर्द विभिन्न रूपों में छलकता रहता है। इसकी झलक देशभर में कांग्रेस के काले कपड़ों में प्रदर्शन के दौरान देखने को मिली।

दरअसल नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की संभावित गिरफ्तारी से डरे कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता काले कपड़े पहन कर सड़क पर प्रदर्शन करते नजर आए। उन्होंने अपनी बाजू पर काली पट्टी बांध रखी थी। इसको लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह संयोग है या कांग्रेस का कोई नया प्रयोग है ?  

एक ट्विटर यूजर ने सवाल किया, “क्या यह महज़ संयोग है या कांग्रेस का तुष्टिकरण परवान चढ़ चुका है ? 5 अगस्त मतलब..कश्मीर में धारा-370 ख़त्म होने,तीन-तलाक समाप्त करने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास की वर्षगांठ पर ‘काले कपड़े’ पहनकर महंगाई प्रदर्शन करना संयोग मात्र है ? या 5 अगस्त को काला दिन ?

एक अन्य ट्विटर यूजर ने सवाल किया, “कांग्रेसी नेताओं का कश्मीर में धारा 370 ख़त्म होने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास की वर्षगांठ पर ‘काले कपड़े’ पहनकर प्रदर्शन करना आपको क्या लगता है राम मंदिर का विरोध या राजनीति”

अतुल तिवारी नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “5 अगस्त को काला दिवस मनाने के लिए बहुत सोच के चुना गया है। कश्मीर में धारा 370 ख़त्म होने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास की वर्षगांठ पर ‘काले कपड़े’ पहनकर प्रदर्शन करना महज़ संयोग है ?”

धर्मेश जैन नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “आज का दिन 5 अगस्त ही क्यों चुना गया। कश्मीर में धारा 370 ख़त्म होने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास की वर्षगांठ पर ‘काले कपड़े’ पहनकर प्रदर्शन करना महज़ संयोग नहीं प्रायोजित प्रयोग है। हिन्दू विरोधी कांग्रेस भगाओ, हिंदुस्तान बचाओ।”

मदन सिंगला नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “काले कपड़े….काले कारनामे….काली सोच…!! नेशनल हेराल्ड केस में ईडी को मिले हवाला लेनदेन से जुड़े सबूत! बढ़ेंगी सोनिया-राहुल की मुश्किलें, कांग्रेस ने ऐतिहासिक दिन को Black Day बना दिया।”

देश आज के दिन ख़ुशी मनाता है लेकिन राम विरोधी कांग्रेस आज काले कपड़े पहनकर विरोध जाता रही है। अंकुर सिंह नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि 5 अगस्त, 2020 को राम मंदिर का शिलान्यास किया गया था। इसकी पहली वर्षगांठ यानि 5 अगस्त, 2021 को कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने इसे संयोग बताया। लेकिन दूसरी वर्षागांठ 5 अगस्त, 2022 को कांग्रेस ने फिर से उसी तारीख को देशव्यापी विरोध का आयोजन किया।

इसी बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर बड़ी तेज़ी से वायरल हो रही है। जिसमें वो महिला पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी करती नजर आ रही है। प्रियंका गांधी ने ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी का पहले हाथ पकड़ा फिर जोर से मरोड़ा और इसे लेकर अब बीजेपी प्रियंका गांधी वाड्रा पर हमलावार नज़र आई। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने इस तस्वीर को साझा कर ट्वीट कर लिखा कि ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी के साथ प्रियंका वाड्रा ने मारपीट की। उसका हाथ पकड़ा और मरोड़ा। फिर वे शिकायत करते हैं कि पुलिस हाथापाई कर रही है, जबकि ठीक इसके विपरीत है।

गौरतलब है कि शुक्रवार (5 अगस्त 2022) को कांग्रेस के शीर्ष परिवार ने अपने समर्थकों के साथ काले कपड़ों में संसद से सड़क तक जो हंगामा किया वह बेअसर ही रहा। मीडिया के लिए भी कमोबेश यह एक सियासी नौटंकी ही थी, जो नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय के कसते शिकंजे से उपजा था। इसी पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि काले कारनामे वाले लोग काले कपड़े पहन कर घूमे तो कोई बहुत आश्चर्य नहीं होता है।

 

 

 

 

 

 

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