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दुनिया का पहला स्मार्ट वैदिक शहर बनेगी अयोध्या, ‘रामायण आध्यात्मिक वन’ के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डा और रेलवे स्टेशन का होगा विकास

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राममंदिर के निर्माण और रामनगरी अयोध्या के विकास के प्रति बेहद गंभीर है। इसलिए वो समय-समय पर वर्चुअल माध्यम से अयोध्या में अब तक हुए विकास कार्यों की समीक्षा करते रहते हैं। जून महीने के आखिरी हफ्ते में प्रधानमंत्री मोदी के सामने अयोध्या के विकास को लेकर एक भव्य योजना पेश की गई थी। इसमें AMRUT और SMART शहर के आधुनिक पहलुओं और ऐतिहासिक मिश्रण के साथ अयोध्या की महिमा को दोबारा स्थापित करने की कल्पना की गई है। इसमें अतीत की भव्यता, वर्तमान की आवश्यकता और भविष्य की तैयारियों के साथ दुनिया का पहला ‘स्मार्ट वैदिक शहर’ बनाने पर जोर दिया गया है।

आध्यात्मिक, धार्मिक और पर्यटक शहर बनाने की योजना

न्यूज18 के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी के सामने जो प्रेजेंटेशन दी गई, उसमें अयोध्या को सनातन परंपराओं के हिसाब से विश्व मंच पर प्रमुख आध्यात्मिक, धार्मिक और पर्यटक शहर बनाने की भव्य योजना है। इसके तहत अयोध्या को एक आत्मनिर्भर आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में विकास किया जाएगा, जो प्रदूषण और गंदगी से मुक्त हो और स्वस्थ मिट्टी, हवा के साथ जल से भरपूर हो।

रामायणकालीन भव्यता को जीवंत करने की कोशिश

सरयू नदी के पास जमथारा में ‘रामायण आध्यात्मिक वन’ का निर्माण किया जाएगा। भविष्य में ‘राम स्मृति वन’ कहा जाने वाला यह स्थान पूरी तरह से पैदल चलने वाला क्षेत्र होगा, जहां भगवान राम, सीता और लक्षमण के 14 साल के वनवास की कहानियां दिखाई जाएंगी। अयोध्या के अंदर 13 किमी की सड़कों का चौड़ीकरण होगा और रामायण युग के पेड़ों को सड़कों को दोनों ओर लगाया जाएगा।

‘स्मार्ट वैदिक शहर’ के रूप में होगा अयोध्या का विकास

अयोध्या में 1200 एकड़ की एक वैदिक टाउनशिप बनायी आएगी, जिसमें अलग-अलग प्रदेशों और दुनियाभर से आने वाले लोगों के लिए आश्रम, पांच सितारा होटल, राज्य और विदेशी भवन शामिल होंगे। इस टाउनशिप में सौर ऊर्जा, बिजली से चलने वाले वाहन होंगे। इसमें एक राम मंदिर की गुंबद से प्रेरित बीच में एक ब्रह्म स्थान होगा। अयोध्या के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम होगा और 6 मल्टी लेवल पार्किंग बनाई जाएंगी।

आधुनिक तकनीकी और सुविधाओं से लैस होगी रामनगरी

अयोध्या के विकास के लिए जो बड़े प्रोजेक्ट्स तैयार किए गए हैं, उनमें ‘मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा’ और विश्व स्तरीय रेल्वे स्टेशन का विकास शामिल है, ताकि अयोध्या आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा को सुनिश्चित किया जा सके। अयोध्या पहुंचने वाली कई सड़कों को 4 और 6 लेन में बदला जाएगा और अयोध्या में एंट्री के 6 बड़े रास्तों पर राम मंदिर से प्रेरित बड़े दरवाजे यात्रियों का स्वागत करेंगे। NHAI भी 65 लंबी रिंग रोड की शुरुआत जल्द करेगा।

सरयू नदी में इस साल दिवाली से क्रूज की शुरुआत होगी

अयोध्या के चारों ओर 208 आध्यात्मिक स्थलों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के पंचकोषी मार्ग की भी बात कही गई थी। इसमें घाट, तालाब, मनोरंजन और विरासत स्थल शामिल होंगे। सरयू नदी में इस साल दिवाली से क्रूज की शुरुआत होगी। इसके अलावा सरयू नदी के घाटों का विकास, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश योजना के तहत गुप्तर घाट से जानकी घाट तक सौंदर्यीकरण, शहर के 108 तालाबों और झीलों का पुनरुद्धार, नयाघाट पर बड़ा तीर्थयात्री स्थल और राम कथा संग्रहालय को विश्व स्तर का डिजिटल म्यूजियम में बदला जाएगा।

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