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हिन्दू विरोधी सपा-32: ब्रह्मा, विष्णु और महेश की पूजा नहीं करने की शपथ, देखिए अखिलेश यादव के ‘कालनेमि’ का असली चेहरा

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दशहरा के अवसर पर पूरे देश में रावण का पुतला दहन किया गया। लेकिन इस मौके पर उत्तर प्रदेश में रावण के मामा ‘कालनेमि’ की खूब चर्चा हुई। 20 अक्टूबर को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिन्दुओं को सचेत करते हुए अपील की, “राम-राम तो कालनेमि भी चिल्लाता था, बजरंगबली की तरह आपको भी पहचानने की सामर्थ्य होनी चाहिए कि कौन सही है, कौन गलत है…उस बजरंगी की तरह…जैसे बजरंगबली हनुमान जी ने कालनेमियों को पहचाना था।” सीएम योगी ने आगे कहा कि जो तोड़ने वाले लोग हैं, समाज को बांटने वाले लोग हैं, ये लोग इस निशाचर रावण से प्रेरित हैं। रावण भी एकता को खंडित करता था। ये जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज की एकता को खंडित करके राष्ट्र को कमजोर करना चाहते हैं। सीएम योगी ने कहा कि वास्तव में देश विरोधी लोगों के अंदर रावण की ही आत्मा आ गई है। रावण की आत्मा ही आकर उन्हें भारत को कमजोर करने के लिए प्रेरित कर रही है।

राजकुमार भाटी ने भगवान श्रीराम का किया अपमान
सीएम योगी ने हिन्दुओं को सचेत रहने और बजरंगबली की तरह कालनेमियों को पहचानने की बात कही, क्योंकि उत्तर प्रदेश में चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे हिन्दुओं के साथ छल करने के लिए कालनेमियों की सक्रियता बढ़ रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देकर हिन्दुओं को गुमराह करने की कोशिश की। राजकुमार भाटी ने दशहरा के पावन पर्व पर भगवान श्रीराम को भी अपनी घटिया राजनीति में घसीट लिया। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भाटी ने लिखा, “आज ही के दिन उस समय के सबसे बड़े अत्याचारी, शोषक और भ्रष्टाचारी रावण के खिलाफ राम की पीडीए सेना की विजय हुई थी। राम की सेना में सभी सिपाही पीडीए समाज के थे। राम दुनिया के पहले समाजवादी थे। राम के सारे आदर्श समाजवाद के आदर्श हैं। पूंजीवादी और सामंतवादी लोग राम के बारे में हमें गलत जानकारी देते हैं। समाजवादी साथियों को राम के असली आदर्शों को समझकर उन्हें अपनाना चाहिए।“

भाटी ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश की पूजा नहीं करने की ली शपथ
दशहरा के दिन ही राजकुमार भाटी का कालनेमि चेहरा देखने को मिला। एक तरफ राजकुमार भाटी समाजवादी साथियों को भगवान श्रीराम के असली आदर्शों को समझकर उन्हें अपनाने की बात कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ राम और कृष्ण को नहीं मानने की शपथ भी ले रहे थे। दरअसल, मंगलवार 20 अक्टूबर, 2026 को विजयदशमी के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी दिल्ली में रानी झांसी रोड स्थित अंबेडकर भवन में धम्म दीक्षा समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में भाटी ने उन 22 प्रतिज्ञाओं को पढ़ा, जो धम्म दीक्षा का हिस्सा हैं। इनमें से एक प्रतिज्ञा यह भी है कि बौद्ध धर्म को मानने वाला कभी भी ब्रह्मा, विष्णु और महेश में कोई विश्वास नहीं रखेगा और न ही इनकी पूजा करेगा। प्रतिज्ञाएं पढ़ते हुए राजकुमार भाटी का वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद दावा किया जा रहा है कि भाटी ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया है।

कालनेमि राजकुमार भाटी ने फिर किया हिन्दुओं को गुमराह
सोशल मीडिया पर राजकुमार भाटी का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों ने सवाल उठाए कि कुछ दिन पहले ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अयोध्या गए थे और वहां सनातन धर्म पर भाषण दिया। और अब, सपा के प्रवक्ता ब्रह्मा, विष्णु और महेश को ईश्वर ना मानने की प्रतिज्ञा ले रहे हैं। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद राजकुमार भाटी ने अपनी सफाई देते हुए एक्स हैंडल पर कहा कि उन्होंने हिंदू धर्म नहीं छोड़ा है। एक सच्चा समाजवादी होने के नाते मैं प्रत्येक धर्म, जाति, वर्ग और समुदाय का सम्मान करता हूं और जो भी अपने कार्यक्रम में सम्मान के साथ आमंत्रित करता है उसमें सम्मिलित होता हूं। हिंदू धर्म के तीज-त्योहारों में भी सम्मिलित होता हूं। बौद्ध धर्म और गौतम बुद्ध की शिक्षाओं के प्रति मेरा विशेष आकर्षण है और मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। बाबा साहब के विचारों का भी मेरे ऊपर गहरा प्रभाव है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि जहां राजकुमार भाटी सभी धर्मों के सम्मान की बात करते हैं, वहीं खुद हिन्दू देवी-देवताओं को अपमानित करने के कार्यक्रम में सहभागी बनते हैं। 

अखिलेश यादव के आदेश पर राजकुमार भाटी बने कालनेमि
राजकुमार भाटी का यह बयान उनके और समाजवादी पार्टी का असली चेहरा उजागर कर रहा है। जिस तरह रावण की आज्ञा पाकर मायावी राक्षस कालनेमि ने साधु का वेश धारण किया और रास्ते में एक सुंदर कुटिया, बगीचा और सरोवर बनाकर हनुमान जी को धोखा दिया। ठीक उसी तरह सपा प्रमुख अखिलेश यादव की आज्ञा पाकर राजकुमार भाटी कालनेमि बन गए और धम्म दीक्षा समारोह में शामिल हुए। उन्होंने अखिलेश यादव के निर्देश पर हिन्दू धर्म के साथ छल किया और देवी-देवताओं के खिलाफ शपथ ली, ताकि दलितों को खुश कर उनका वोट हासिल किया जा सके। दरअसल, दलित वोट बैंक पर दावेदारी को लेकर मायावती, चंद्रशेखर, अखिलेश यादव और राहुल गांधी में जबरदस्त जंग छिड़ी हुई है। चारों खुलकर अपने-अपने दांव चल रहे हैं। लेकिन चारों के निशाने पर हिन्दू देवी-देवता है। 

हिन्दुओें को गुमराह करने के लिए अखिलेश का मंदिर दौरा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पार्टी के नेताओं का असली चरित्र और इतिहास है कि वो वोट पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। मुलायम सिंह यादव ने मुस्लिम वोट बैंक लिए निहत्थे कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं, जिसमें कई कारसेवकों की जान चली गई। अपने पिता से प्रेरणा लेकर अखिलेश यादव ने दलित वोट बैंक को साधने के लिए राजकुमार भाटी को धम्म दीक्षा समारोह में शामिल होने के लिए भेजा। इससे पहले हिन्दुओें का वोट पाने के लिए अखिलेश यादव लगातार मंदिरों के दौरे, अनुष्ठानों और सांस्कृतिक प्रतीकों के जरिए बहुसंख्यक समाज के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडे के आवास पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ में शामिल होने और व्यास पीठ के पूजन के लिए अयोध्या गए थे। राम मंदिर से कुछ ही दूरी पर होने के बावजूद उन्होंने रामलला के दर्शन नहीं किए, जिसके बाद से उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं और बयानों का दौर जारी है। 

सपा का चरित्र : हिंदू विरोध और मुस्लिम तुष्टिकरण
समाजवादी पार्टी ने वर्षों तक खुद को समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता का चेहरा बताने की कोशिश की, लेकिन हकीकत में उसकी राजनीति का सबसे बड़ा सच हमेशा हिंदू विरोध और मुस्लिम तुष्टिकरण ही रहा। मुलायम सिंह यादव के दौर में अयोध्या में कारसेवकों पर चली गोलियां केवल फायरिंग नहीं थीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था पर सीधा हमला था। “परिंदा भी पर नहीं मार सकता” जैसे अहंकारी बयान से लेकर राम मंदिर आंदोलन को सांप्रदायिक उन्माद बताने तक, सपा ने हमेशा हिंदू भावनाओं को संदेह और शत्रुता की नजर से देखा। समय बदला, चेहरे बदले, लेकिन सोच नहीं बदली। अखिलेश यादव के नेतृत्व में भी वही राजनीति नए रूप में सामने आती रही है। कभी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से दूरी, कभी कुंभ और कांवड़ यात्रा पर तंज, तो कभी रामचरितमानस पर विवादित बयान देने वाले नेताओं पर नरम रुख…यह सब बताता है कि अखिलेश यादव की भी राजनीति में हिंदू आस्था के प्रति सम्मान नहीं, बल्कि वोट बैंक का गुणा-भाग ज्यादा महत्वपूर्ण रहा है।

आइए, अब जानते हैं कि समाजवादी पार्टी के किन-किन नेताओं ने हिंदुओं का, उनकी आस्था का और सनातन संस्कृति का विरोध और अपमान किया है…

हिंदू विरोधी सपा – 32
भाटी ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश की पूजा नहीं करने की ली शपथ
20 अक्टूबर,2026
दशहरा के दिन ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी का कालनेमि चेहरा देखने को मिला। एक तरफ राजकुमार भाटी समाजवादी साथियों को राम के असली आदर्शों को समझकर उन्हें अपनाने की बात कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ राम और कृष्ण को नहीं मानने की शपथ भी ले रहे थे। दरअसल, 20 अक्टूबर, 2026 को विजयदशमी के मौके पर राजकुमार भाटी दिल्ली में रानी झांसी रोड स्थित अंबेडकर भवन में धम्म दीक्षा समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में भाटी ने उन 22 प्रतिज्ञाओं को पढ़ा, जो धम्म दीक्षा का हिस्सा हैं। इनमें से एक प्रतिज्ञा यह भी है कि बौद्ध धर्म को मानने वाला कभी भी ब्रह्मा, विष्णु और महेश में कोई विश्वास नहीं रखेगा और न ही इनकी पूजा करेगा। प्रतिज्ञाएं पढ़ते हुए राजकुमार भाटी का वीडियो वायरल हुआ। 

हिंदू विरोधी सपा – 31
अमीक जमई की धमकी,मठ-मंदिरों पर चलेगा बुलडोजर
सितंबर 2026
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जमई की एक धमकी से उत्तर प्रदेश की राजनीति में तूफान मच गया। न्यूज चैनल ‘आज तक’ पर जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े एक मामले में बहस के दौरान अमीक जमई का हिन्दू विरोधी मानसिकता खुलकर सामने आ गया। उन्होंने ने कहा, “गोरखपुर के एक एक मठ का कागज-पतर अपना ठीक कर लीजिए…अपनी बिल्डिंगों का नक्शा से लेकर, मानचित्र से लेकर, जिला पंचायत से लेकर, गोरखपुर ऑथरिटी से लेकर, सारे कागजात आप पूरे कर लीजिए। जो कुछ आज आप मेरे नेता माननीय अखिलेश यादव जी को सीखा रहे हो। हम आप से कह रहे हैं कि हम उससे कुछ भी, थोड़ा भी, कम रियायत नहीं करेंगे।” इस तरह अमीक जमई ने खुलेआम धमकी दी कि सपा की सरकार आने पर मठ-मंदिरों पर बुलडोजर कार्रवाई भी हो सकती है।

हिंदू विरोधी सपा – 30
ब्राह्मणों पर विवादित बयान, SP प्रवक्ता भाटी पर FIR दर्ज
13 मई 2026
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा निवासी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी लगातार विवादों में घिरे रहे हैं। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी के एक विवादित बयान के बाद गाजियाबाद के कविनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। भाटी ने कहा था, “न तो ब्राह्मण अच्छा होता है और न ही कोई तवायफ,” जिसके बाद ब्राह्मण समाज और कई संगठनों में नाराजगी फैल गई। बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस बीच मायावती ने इस बयान को लेकर कहा है कि अखिलेश यादव को ब्राह्मणों से माफी मांगनी चाहिए।

हिंदू विरोधी सपा – 29
सपा नेता की प्रभु राम और माता कौशल्या पर अमर्यादित टिप्पणी
27 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से रामनवमी पर्व के बीच समाजवादी पार्टी नेता यदुनंदन लाल वर्मा के बयान पर बवाल मच गया। यदुनंदन लाल ने भगवान श्रीराम और उनकी माता कौशल्या को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की। इतना ही नहीं वर्मा ने प्रभु राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिए। उन्होंने राम जन्म और वाल्मीकि रामायण को लेकर भी विवादित टिप्पणी की, जिससे हिंदुओं में भारी आक्रोश देखा गया। दरअसल, यदुनंदन लाल वर्मा सपा के पूर्व प्रदेश सचिव हैं। उन्होंने सम्राट अशोक जयंती के मौके पर आयोजित सभा में विवादित बयान दिया। हरदोई की सार्वजनिक सभा में इस प्रकार का मामला सामने आने के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया।

हिंदू विरोधी सपा- 28
गंगा नदी में इफ्तार का समर्थन सनातन आस्था से खिलवाड़
17 मार्च 2026
नवरात्र के पावन पर्व से ठीक पहले काशी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इसके वीडियो में साफ दिख रहा था कि नाव पर बैठे युवक बिरयानी खा रहे हैं और बची हुए हड्डियाँ-कचरा गंगा में फेंक रहे हैं। हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने इसपर विरोध जताया और शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने 14 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। ये मामला सामने आया और अखिलेश यादव तुरंत वोटबैंक की रोटी सेंकने में जुट गए। अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रशासन ऐसी कार्रवाई सरकार को खुश करने के लिए कर रहा है। उन्होंने ऐसी इफ्तार का समर्थन करके तंज कसते हुए कहा कि अगर उन युवकों ने हथेली गरम कर दी होती, तो शायद उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।

हिंदू विरोधी सपा- 27
अंतिम संस्कार और होलिका दहन से होता है प्रदूषण- सपा सांसद
18 दिसंबर 2025
समाजवादी पार्टी के सांसद आरके चौधरी ने हिंदू संस्कृति के खिलाफ विवादित बयान दिया है। चौधरी ने कहा है कि दिल्ली में अंतिम संस्कार और होलिका दहन को प्रदूषण का कारण बताया है। इस पर बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने पलटवार क‍िया और उन्‍हें धर्म बदलने की नसीहत दे डाली। ये भी कहा क‍ि हिंदू धर्म में जलाने से हम एक ही जगह साढ़े तीन हाथ हैं (यानी कम जगह लगती है) और दूसरे धर्म में तो प्रत्येक व्यक्ति के लिए साढ़े तीन हाथ जमीन लगती है।

हिंदू विरोधी सपा – 26
दीपावली पर दीये और मोमबत्ती क्यों जलाते हो – अखिलेश
20 अक्टूबर 2025
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा, ‘पूरी दुनिया में, क्रिसमस के दौरान सभी शहर जगमगा उठते हैं, और यह सिलसिला महीनों तक चलता है। हमें उनसे सीखना चाहिए। हमें दीयों और मोमबत्ती पर क्यों खर्च करना? इसे हटा देना चाहिए। हमारी सरकार आएगी तो बहुत सुंदर रोशनी कराएंगे।’ दीपावली की रौनक के बीच दीयों पर बयान ने राजनीतिक गलियारों में सियासी लौ भड़का दी है। भाजपा ने इसे तुरंत हिंदू आस्था पर हमला बताकर सपा प्रमुख के खिलाफ सियासी मोर्चा खोल दिया है। इसे स्वदेशी भावना और कुम्हार समाज के रोजगार पर सीधा प्रहार बताया है।

हिंदू विरोधी सपा – 25
कांवड़ यात्रा के नाम पर ध्रुवीकरण — अखिलेश यादव
जुलाई 2025
राम-कृष्ण के साथ ही अब भगवान शिव की कांवड़ यात्रा को लेकर भी अखिलेश यादव के बोल तीखे हो गए। कांवड़ यात्रा मार्गों पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर धार्मिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाया। यादव ने व्यंग्यात्मक लहजे में कांवड़ यात्रा पर  तंज कसते हुए कहा था कि अगर सरकार को कांवड़ियों की सेवा करनी ही है, तो सीओ (CO) और एसडीएम (SDM) जैसे अधिकारियों को उनकी सेवा में लगाया जाए और उनसे कांवड़ियों के पैर दबवाए जाएं। भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि सपा हमेशा कांवड़ यात्रा और सनातन परंपराओं को राजनीतिक चश्मे से देखती है।

हिंदू विरोधी सपा – 24
मंदिरों पर कब्जा कर रही BJP – अखिलेश यादव
मई 2025
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को कभी किसी मस्जिद-दरगाह पर आपत्ति नहीं होती, लेकिन हिंदू मंदिरों को लेकर वो अनावश्यक विवाद जरूर खड़े करते हैं। अब अखिलेश यादव ने वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन पर अनर्गल आरोप लगा दिया कि भाजपा “मंदिरों पर कब्जा” कर रही है। वास्तव में बांके बिहारी मंदिर की प्रबंधन समिति स्वतंत्र है। इस पर भाजपा नेताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी मंदिर प्रशासन को लेकर भ्रम फैलाकर धार्मिक राजनीति कर रही है। सपा की मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि से सटी दरगाह पर बोलती बंद हो जाती है।

हिंदू विरोधी सपा – 23
मंदिर शक्तिहीन, गौरी और गजनवी को न रोक पाए – सरोज
14 अप्रैल 2025
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और मंझनपुर से विधायक इंद्रजीत सरोज ने मंदिरों की भूमिका और भगवान की शक्ति पर सवाल खड़ा करके नया बवाल मचा दिया है। सरोज ने कौशांबी के एक कार्यक्रम में कहा कि अगर भारत के मंदिर शक्तिहीन हैं। क्योंकि अगर उनमें ताकत होती तो मोहम्मद गोरी और महमूद गजनवी भारत पर हमला नहीं कर पाते। इंद्रजीत सरोज ने तुलसीदास पर भी हमला किया और कहा कि तथाकथित ‘नकली हिंदुओं’ के खिलाफ इतना कुछ लिखा, लेकिन मुसलमानों के बारे में उन्होंने कुछ अच्छा या बुरा क्यों नहीं लिखा? उन्हें ऐसा करना चाहिए था। मुगल काल में उनमें हिम्मत नहीं थी।

हिंदू विरोधी सपा – 22
गौशाला को ‘दुर्गंध’ बताने पर अखिलेश के खिलाफ मोर्चा खोला
2 अप्रैल 2025
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को घेरने की तैयारी कर ली है। दरअसल अखिलेश यादव ने पिछले दिनों कन्नौज में कहा था कि भाजपा वाले दुर्गंध पसंद करते हैं इसलिए गौशाला बना रहे हैं। हम सुगंध पसंद कर रहे थे इसलिए इत्र पार्क बना रहे थे। भाजपा ने दुर्गंध के मुद्दे को गाय और गौशाला का अपमान बताते हुए यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

हिंदू विरोधी सपा – 21
अखिलेश यादव ने 144 साल के बाद महाकुंभ पर सवाल उठाया
11 फरवरी 2025
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हिस्सा लिया और महाकुंभ को लेकर सवाल किया, जिसपर भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने एंटी हिंदू करार दिया। दरअसल, लोकसभा में बोलते वक्त अखिलेश यादव ने सरकार के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें यूपी सरकार ने दावा किया है कि ये 144 साल के बाद का महाकुंभ है। इसपर हंगामा करते हुए झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने उन्हें बीच में टोका और सदन के स्पीकर से कहा, ‘सर किसी भी धर्म के खिलाफ टिप्पणी करना गलता है। अखिलेश यादव एंटी हिंदू हैं।’

हिंदू विरोधी सपा – 20
प्रयागराज महाकुंभ में सबसे ज्यादा प्रदूषित पानी- जया बच्चन
3 फरवरी 2025
समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने कुंभ मेले को लेकर विवादित बयान दिया था। जया बच्चन ने संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘अभी सबसे ज्यादा दूषित पानी कहां है? कुंभ में… वहां मची भगदड़ में जिन लोगों की मौत हुई, उनके शव नदी में फेंक दिए गए हैं, जिससे पानी दूषित हो गया है। जबकि वास्तविकता यह है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने व्यापक विश्लेषण और सांख्यिकीय रिपोर्टों से पुष्टि की थी कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में संगम (गंगा और यमुना) का पानी स्नान के लिए सुरक्षित और निर्धारित मानकों के भीतर था। सपा सांसद ने इसके साथ ही महाकुंभ में आने वाले लोगों की संख्या पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा यह झूठ बोला जा रहा है कि वहां करोड़ों लोग आ चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोग किसी भी समय एक जगह पर कैसे इकट्ठा हो सकते हैं?’

हिंदू विरोधी सपा -19
महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या फर्जी दिखाई जा रही – अखिलेश यादव
17 जनवरी 2025
एक तरफ देश-दुनिया से महाकुंभ के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा था, दूसरी ओर पूर्व सीएम अखिलेश यादव आस्था को लेकर अनर्गल बयानबाजी करने लगे। महाकुंभ 2025 को लेकर तब अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है। इस बयान के बाद भाजपा नेताओं और संत समाज ने उन पर हिंदू आस्था के सबसे बड़े आयोजन को लेकर संदेह फैलाने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर भारी विवाद हुआ।

हिंदू विरोधी सपा – 18
मुख्यमंत्री आवास में भी शिवलिंग, खुदाई करो – यादव
29 दिसंबर 2024
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के ‘मुख्यमंत्री आवास में भी शिवलिंग’ है, वहां भी खुदाई होनी चाहिए। उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने रविवार को पलटवार किया। शहजाद पूनावाला ने कहा कि अखिलेश यादव अभी तक महाकुंभ का अपमान और मजाक उड़ा रहे थे। इनके राजनीतिक डीएनए में राम भक्तों पर गोली चलाने का गर्व मनाना है ही। ये ऐसे लोग हैं, जिन्होंने सनातन का लगातार अपमान किया है, हिंदू धर्म को धोखा कहा, मठाधीश को माफिया कहा। अब उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री निवास में भी एक शिवलिंग है और वहां पर भी खुदाई होनी चाहिए।

हिंदू विरोधी सपा – 17
राम लला की प्राण प्रतिष्ठा BJP-RSS का राजनीतिक कार्यक्रम बताया
11 जनवरी 2024
मुलायम सिंह यादव ने राम मंदिर आंदोलन का विरोध किया था और अब उनके पुत्र राम मंदिर के विरोध पर उतर आए हैं। राम लला मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर अखिलेश यादव ने दूरी बनाते हुए कहा कि वह इसमें नहीं जाएंगे। उन्होंने इस भव्य-दिव्य राम जन्मभूमि न्यास के कार्यक्रम को बीजेपी और आरएसएस का कार्यक्रम बताया। सपा द्वारा इस कार्यक्रम को “राजनीतिक आयोजन” कहने के बाद भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सपा राम मंदिर आंदोलन से आज भी असहज है।

हिंदू विरोधी सपा – 16
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने से इनकार
9 जनवरी 2024
विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधि जब राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण देने पहुंचे, तब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह कहते हुए निमंत्रण लेने से इनकार कर दिया कि “हम उन्हें नहीं जानते, जो निमंत्रण देने आए हैं।” इस घटना के बाद भाजपा ने उन पर राम मंदिर आंदोलन और सनातन आस्था का अपमान करने का आरोप लगाया।

हिंदू विरोधी सपा – 15
राम मंदिर का उद्घाटन मार्केटिंग इवेंट है – एसटी हसन

20 दिसंबर 2023
समाजवादी पार्टी राम मंदिर का शुरू से ही विरोध करती आ रही है और इसमें अड़ंगे डालने में लगी है। अब समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता ने एसटी हसन ने राम मंदिर के उद्घाटन को भाजपा का एक ‘राजनीतिक कार्यक्रम’ और ‘मार्केटिंग इवेंट’ करार दे दिया। दूसरी ओर सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने अक्सर राम मंदिर आंदोलन से जुड़े संतों या हिंदू धर्मगुरुओं पर तंज कसते हुए उन्हें पाखंडी या राजनीतिक फायदे के लिए काम करने वाला बताया है।

हिंदू विरोधी सपा – 14
चार हाथ वाली लक्ष्मी कैसे पैदा हो सकती है- स्वामी प्रसाद मौर्य
13 नवंबर 2023
भगवान श्रीराम के बाद माता लक्ष्मी पर विवादित बयान को लेकर एक बार फिर सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य चर्चा में आ गए हैं। दीपावली पर्व के अवसर पर स्वामी प्रसाद ने माता लक्ष्मी का अपमान करते हुए अपनी पत्नी का पूजा व सम्मान करते हुए तस्वीरें एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट की हैं। इसे लेकर इंटरनेट मीडिया पर काफी ट्रोल हो रहे हैं। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि ‘दीपोत्सव के अवसर पर अपनी पत्नी का पूजा व सम्मान करते हुए कहा कि पूरे विश्व के प्रत्येक धर्म, जाति, नस्ल, रंग व देश में पैदा होने वाले बच्चे के दो हाथ, दो पैर, दो कान, दो आंख, दो छिद्रों वाली नाक के साथ एक सिर, पेट व पीठ ही होती है, चार हाथ, आठ हाथ, दस हाथ, बीस हाथ व हजार हाथ वाला बच्चा आज तक पैदा ही नहीं हुआ तो चार हाथ वाली लक्ष्मी कैसे पैदा हो सकती है?

हिंदू विरोधी सपा – 13
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदू धर्म को धोखा बताया
28 अगस्त 2023
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस प्रकरण के बाद दिए बयान से बवाल मच गया। हिंदू धर्म को धोखा बताने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान की चारों तरफ निंदा होने लगी है। अयोध्या के साधु-संतों ने भी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य बौखला गए हैं। उनको बोलने का ज्ञान नहीं है और स्वामी प्रसाद मौर्य ऊटपटांग बोलते हैं।

हिंदू विरोधी सपा -12
सपा समर्थकों ने पावन रामचरितमानस की प्रतियां जलाईं
29 जनवरी 2023
स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थन में कुछ लोगों द्वारा रामचरितमानस की प्रतियां जलाने का वीडियो वायरल हुआ। इस घटना के बाद भाजपा ने आरोप लगाया कि सपा नेताओं के बयानों ने धार्मिक उन्माद पैदा किया। समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी रामचरितमानस के पवित्र ग्रंथ को बकवास बताते हुए कहा था कि सरकार को इस पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। 

हिंदू विरोधी सपा – 11
रामचरितमानस बकवास है – स्वामी प्रसाद मौर्य
24 जनवरी 2023
रामचरितमानस विवाद के बीच स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि “यह सब बकवास है।” इस बयान के बाद संत समाज, अखाड़ा परिषद और कई हिंदू संगठनों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किए। भाजपा ने आरोप लगाया कि सपा नेतृत्व जानबूझकर सनातन ग्रंथों को निशाना बना रहा है। समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि रामचरितमानस की कुछ चौपाइयां दलितों और पिछड़ों का अपमान करती हैं। उन्होंने मांग की कि “आपत्तिजनक हिस्सों को हटाया जाए या किताब पर प्रतिबंध लगाया जाए।” इस बयान के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए और उनके खिलाफ कई FIR दर्ज हुईं।

हिंदू विरोधी सपा- 10
हिंदुओं के समर्थन पर अंकुर-रूबीना को पार्टी से निकाला
8 जून 2022
समाजवादी पार्टी का हिन्दू विरोधी चेहरा फिर बेनकाब हुआ है। मुस्लिम तुष्टिकरण की वजह से अंधी हो चुकी इस पार्टी में हिन्दू धर्म और हिन्दुओं के पक्ष में बोलना गुनाह है।  पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर बीजेपी से निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा मुस्लिम कट्टरपंथियों के निशाने पर है। इसी बीच सपा नेता अंकुर यादव ने नूपुर शर्मा के पक्ष में बयान देकर अखिलेश यादव को नाराज कर दिया। अखिलेश यादव ने रुबीना के बाद अंकुर को भी पार्टी से निकाल दिया है। कुछ दिन पहले उन्होंने सपा की महिला मुस्लिम नेता रुबीना खानम को पार्टी से निकाल दिया था। रुबीना ने इतना कहा था कि अगर ये बात साबित हो जाती है कि ज्ञानवापी मस्जिद को मंदिर को तोड़कर बनाया गया, तो हमारे कौम को वो जमीन हिंदुओं को दे देनी चाहिए।

हिंदू विरोधी सपा – 9
हिंदुओं में पत्थर-झंडे से ही बन जाता है मंदिर-अखिलेश
19 मई 2022
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का हिन्दू आस्था को लेकर दिया एक बयान विवादों में आ गया है। राम लला की नगरी अयोध्या पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे धर्म में कहीं पर भी पत्थर रख दो एक लाल झंडा लगा दो, पीपल के पेड़ के नीचे तो मंदिर बन गया। सपा नेता के इस बयान पर अयोध्या के साधु संतों ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के तुष्टिकरण की राजनीति करते-करते अखिलेश बस नाम के हिन्दू रह गए हैं उन्होंने बहुसंख्यक वर्ग की भावनाओं से कोई मतलब नहीं है।हिंदू विरोधी सपा – 8
भगवा राजनीति देश के लिए खतरा — मुलायम सिंह यादव
अप्रैल 2009
लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान लखनऊ में बोलते हुए मुलायम सिंह यादव ने भाजपा और हिंदुत्व राजनीति पर हमला किया। यादव ने भगवा राजनीति को देश के लिए खतरा बता दिया। भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री को घेरते हुए इसे हिंदू धार्मिक पहचान को कट्टरवाद से जोड़ने की कोशिश बताया।

हिंदू विरोधी सपा -7
देश मिथकों से नहीं विकास से चलता है – अमर सिंह
सितंबर 2007
रामसेतु विवाद के दौरान नई दिल्ली में समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह ने कहा कि “देश मिथकों से नहीं, विकास से चलता है।” रामसेतु पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के हलफनामे के बीच, रामसेतु को मिथक बताने वाला0 यह बयान बड़ा विवाद बन गया।

हिंदू विरोधी सपा – 6
राम मंदिर आंदोलन ने देश बांटा – मुलायम सिंह यादव
अगस्त 2003
मुलायम सिंह यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राम मंदिर आंदोलन ने “देश को बांटने का काम किया।” विश्व हिंदू परिषद और रामभक्त संगठनों ने इसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान बताया।

हिंदू विरोधी सपा – 5
अयोध्या की पूरी जमीन ही विवादित, निर्माण का अधिकार नहीं
27 फरवरी 2003
लोकसभा में बोलते हुए सपा सांसद मुलायम सिंह यादव ने कहा कि अयोध्या की पूरी जमीन विवादित है। जब तक इसका फैसला नहीं हो जाता तब तक किसी भी पक्ष को कोई भी निर्माण कार्य करने का अधिकार नहीं है और न किया जा सकता है। न ही हमारी पार्टी करने देगी।

हिंदू विरोधी सपा – 4
साधु-संतों को ‘राजनीतिक एजेंट’ बताने पर विवाद
वर्ष 1995
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और अन्य सपा नेताओं ने अपने बयान में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कई संतों और महंतों को “भाजपा के राजनीतिक एजेंट” कहा। संत समाज ने इसका तीखा विरोध किया। सपा नेता रामगोपाल यादव ने भाजपा पर राम के नाम के राजनीतिकरण और पेटेंट का आरोप लगाया था।

हिंदू विरोधी सपा -3
सपा राज में हनुमानगढ़ी के पास कारसेवकों पर गोलियां बरसाईं
2 नवंबर 1990
समाजवादी पार्टी के राज में अयोध्या की गलियों में एक बार फिर कारसेवकों की भारी भीड़ जुटी और हनुमानगढ़ी के पास पहुंचने पर सुरक्षा बलों ने दूसरी बार गोलियां बरसाईं। जोश और जुनून से भरे हजारों कारसेवकों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की। कोठारी बंधुओं समेत कई कारसेवकों की मौत हुई। हिंदू संगठनों ने इसे रामभक्तों पर दमन बताया। तब मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि देश की एकता के लिए हमें मस्जिद को बचाना पड़ा।

हिंदू विरोधी सपा -2
मुलायम सरकार में अयोध्या में गोली कांड
30 अक्टूबर 1990
अयोध्या में हजारों की संख्या में कारसेवक बाबरी मस्जिद की ओर बढ़ रहे थे और बैरिकेडिंग तोड़कर आगे निकलने लगे। तब मुलायम सिंह यादव के निर्देश पर भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने गोली चलाने का आदेश दिया था, जिसमें कई कारसेवक मारे गए थे। राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर पुलिस फायरिंग हुई, जिसमें कई लोगों की जान गई। यह घटना आज भी सपा के खिलाफ हिंदू विरोध का सबसे जीवंत उदाहरण है।

हिंदू विरोधी सपा – 1
परिंदा भी पर नहीं मार सकता – मुलायम सिंह यादव
अक्टूबर 1990
राम मंदिर आंदोलन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव कारसेवकों के पूरी तरह खिलाफ थे। सत्ता के मद में चूर तब मुलायम सिंह ने कारसेवकों को ललकारते हुए कहा था- “अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता।” यह बयान कारसेवकों ने खुली चुनौती के रूप में देखा और अपनी जान पर खेलकर बाबरी ढांचे को ढहाने के लिए पहुंचे थे।

 

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