Home विपक्ष विशेष संसद में सोनिया के भाषण पर स्मृति ने दिखाया आईना

संसद में सोनिया के भाषण पर स्मृति ने दिखाया आईना

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भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष पूरे होने पर 9 अगस्त को जब संसद में कई नेताओं ने अपने उद्गार व्यक्त किए तो अधिकतर नेताओं ने देश को स्वतंत्रता दिलाने वाले नायकों को याद किया। पीएम मोदी ने अपने भाषण में न सिर्फ अतीत को याद किया बल्कि भविष्य के भारत के बारे में अपना विजन बताया। लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सिर्फ पंडित नेहरू समेत अपने परिवार की उपलब्धियों का बखान किया। दरअसल अपने परिवार के दायरे से बाहर नहीं देख पाने की सोनिया गांधी की अक्षमता पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उन्हें आईना दिखाया है। स्मृति ने फेसबुक पर लिखे ओपन लेटर में पीएम मोदी के भाषण और सोनिया गांधी के भाषण को व्यापक अर्थों में समझाते हुए बताया है कि किस तरह सोनिया गांधी सिर्फ परिवार की बात करती हैं और पीएम मोदी भारत के साथ समस्त संसार की भी चिंता करते हैं। संसद में पीएम मोदी सोनिया के लिए चित्र परिणाम

‘सत्ता जाने की हताशा में सोनिया’
सोनिया गांधी ने संसद में लिखा हुआ भाषण पढ़ा था जिसमें उन्होंने अपना पक्षपाती रवैया फिर जाहिर किया। स्मृति ईरानी ने अपने पत्र में लिखा, ”अपेक्षा की जाती है कि भारत छोड़ो आंदोलन जैसी ऐतिहासिक घटना के बारे में हमें सही रूप में अपने विचार रखने चाहिए थे, लेकिन सोनिया गांधी अपने भाषण में 2014 की अपनी सत्ता की हार का अफसोस मनाती दिखीं। यह 2014 में उनकी पार्टी की हार से पहले तक छाए रहे नेहरू वंश के नियंत्रण को खोने की ‘लंबी, दयनीय हताशा’ है। सोनिया ने यह साबित किया कि पारिवारिक संबंध अन्य चीजों से ऊपर हैं।”

संसद में पीएम मोदी सोनिया के लिए चित्र परिणाम

‘आजादी’ और ‘भय’ पर लताड़
सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार को कठघरे में कड़ा करते हुए कहा था कि अंधकार की ताकतें लोकतंत्र की जड़ें नष्ट करने का प्रयास कर रही हैं? इस पर स्मृति ईरानी ने सोनिया गांधी को आईना दिखाते हुए कहा कि पीएम मोदी जहां विकासवाद की बात करते हैं वहीं कांग्रेस अध्यक्ष अंधकारवाद की बात करती हैं। स्मृति ईरानी ने लिखा, ”प्रधानमंत्री मोदी ने केवल अतीत की बात नहीं की बल्कि भविष्य की बात की। पीएम मोदी ने केवल भारत के बारे में नहीं बल्कि विश्व के बारे में भी बात नहीं की। उन्होंने न्यू इंडिया का निर्माण के बारे में बात की और गरीबी, अन्याय और आतंकवाद से लड़ने की बात की।”

पटेल बोस और सोनिया के लिए चित्र परिणाम

‘पटेल-बोस को भूल गई कांग्रेस’
स्मृति ईरानी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के लिए सिर्फ पंडित जवाहरलाल नेहरू को याद करने पर भी सोनिया गांधी की आलोचना की। उन्होंने पीएम मोदी से उनके भाषण की तुलना करते हुए लिखा, ”एक ओर जहां प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल और सुभाष चंद्र बोस जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद किया, वहीं सोनिया ने दोनों का नाम छोड़ केवल पंडित नेहरू की महानता का बखान किया, जिनके परिवार से वह आती हैं। सोनिया गांधी ने 1942 के आंदोलन का श्रेय केवल कांग्रेस को देकर उन लाखों लोगों के योगदान का अपमान किया है जो महात्मा गांधी के आह्वान पर उनके पीछे खड़े हुए थे।”

पीएम के भाषण में भविष्य का विजन
स्मृति ईरानी ने पीएम मोदी के भाषण की तुलना सोनिया की संकीर्ण सोच से करते हुए लिखा कि पीएम मोदी का भाषण न सिर्फ इतिहास के बारे में था बल्कि भविष्य के बारे में भी था…सोनिया के भाषण में कोई विजन नहीं था, जबकि पीएम ने महिलाओं का सशक्तिकरण करने, गरीबी, अन्याय और आतंकवाद से लड़ने पर भी बात की, वहीं सोनिया ने इस मौके पर ‘बदले की राजनीति’ जैसी बात कर सदन का माहौल खराब किया।”

दरअसल कांग्रेस की राजनीति बीते सत्तर सालों में उसके परिवार तक ही सीमित रही है। वंंशवाद की राजनीति के कारण आज कांग्रेस अस्तित्व बचाने को संघर्षरत है लेकिन उनके नेताओं का एक परिवार के दायरे से बाहर नहीं देख पाना दुखद है। एक परिवार के महिमामंडन में देश के लाखों राष्ट्रनायकों के योगदान को नकार देने की राजनीति कांग्रेस करती है। लेकिन दूसरी तरफ पीएम मोदी देश के सभी नायकों को नमन करते  रहे हैं उनके योगदान को अमूल्य मानते हैं। 

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