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मोदी सरकार की नीतियों से भर रहा है जनता का खजाना

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में आम चुनाव के दौरान जनता से वादा किया था कि वह देश के खजाने को सुरक्षित रखेंगे। साढ़े तीन साल हुए हैं, पीएम मोदी ने जनता के खजाने पर किसी का पंजा तो नहीं ही पड़ने दिया है, बल्कि उनकी नीतियों के चलते वह लगातार भरता ही जा रहा है। अब भारतीय रेलवे ने साढ़े 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बचत कर लोगों की आंखें खोल दी हैं। पिछली यूपीए सरकार में खजाना खाली होने के चलते देश में त्राहिमाम मचता था, ऐसे में जनता के लिए सरकारी बचत की इन खबरों से अच्छी स्थिति क्या हो सकती है।

रेलवे ने बिजली बिल में की 5,500 करोड़ से अधिक बचत
रेलवे के अनुसार अप्रैल, 2015 से अक्टूबर, 2017 तक बिजली बिलों में रेलवे ने 5,636 करोड़ रुपये की बचत की है। रेलवे को यह फायदा ओपन ऐक्सेस अरेंजमेंट्स के तहत प्रत्यक्ष रूप से बिजली खरीदने से हुआ है। चालू वित्त वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा 6,927 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो कि निर्धारित लक्ष्य से लगभग एक हजार करोड़ रुपये अधिक है। अगर इन आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जाए तो 10 वर्षों में (2015-2025) रेलवे को 41 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त बचत हो सकती है।

सही सोच और दुरुस्त नीति से मिल रहा है देश को फायदा
मौजूदा समय में भारतीय रेलवे महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक और दामोदर घाटी निगम से ओपन ऐक्सेस अरेंजमेंट्स के तहत बिजली खरीद रहा है। रेल मंत्रालय ने कहा है कि पांच और राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और तेलंगाना इसी व्यवस्था के तहत बिजली प्रवाह की अनुमति देने के लिए तैयार हो गए हैं। यहां यह बताना जरूरी है कि रेलवे पहले जो बिजली 7 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदता था, नई व्यवस्था में उसे सिर्फ 5 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से ही भुगतान करना पड़ता है। यानी यह कार्य पहले भी किया जा सकता था, लेकिन तब की सरकारों ने ऐसा करना जरूरी ही नहीं समझा।

पहले खजाना लुटता था, अब खजाना भर रहा है
भारतीय रेलवे को बिजली खरीद में हुई भारी बचत तो एक नमूना है। दअरसल मोदी सरकार में जनता के खजाने में आने वाली रकमों की लिस्ट बहुत लंबी है। यहां पर मोटे तौर पर कुछ पहलुओं का जिक्र किया जा रहा है, जिसमें सरकारी खजाने में बहुत बड़ी रकम जमा हुई है।

कोल ब्लॉक नीलामी में लाभ- सिर्फ 32 कोल ब्लॉक्स की नीलामी में 2 लाख करोड़ से भी अधिक की आमदनी हुई। जबकि यूपीए शासन के दौरान 214 कोल ब्लॉक्स के आवंटन में 1.86 लाख करोड़ लुट गया था।

स्पेक्ट्रम नीलामी में आमदनी- 2जी, 3जी स्पेक्ट्रम नीलामी में 1.60 लाख करोड़ का फायदा हुआ। यूपीए के दौरान सिर्फ 2जी की नीलामी में 1.76 लाख करोड़ लुटा दिए गए थे।

सब्सिडी चोरी रोकने से आमदनी– मोदी सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से देश का 65 हजार करोड़ से अधिक रुपया बचाया है। जबकि पहले सब्सिडी को संगठनात्मक तरीके से लूटने का खेल चलता था।

बेनामी संपत्ति की जब्ती से आमदनी– मोदी सरकार ने बेनामी संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई कर देश को 1,626 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी कराई है।

राफेल फाइटर जेट सौदे में फायदा– मोदी सरकार ने राफेल फाइटर जेट सौदे में देश को 12,600 करोड़ रुपये का फायदा कराया है। यानी अगर यूपीए सरकार किसी तरह से यह डील करा भी लेती तो देश को हजारों करोड़ का चूना लगना तय था।

इतना ही नहीं जिस नोटबंदी को लेकर तरह-तरह के दुष्प्रचार किए जा रहे थे, उसके चलते अगस्त महीने तक ही 2 लाख करोड़ का छिपा हुआ कालाधन बाहर आ चुका था और 3 लाख करोड़ से अधिक अतिरिक्त राशि बैंकिंग सिस्टम में लौट गई थी।

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