Home नरेंद्र मोदी विशेष शर्म करो संजय राउत- फिर जल्द दिखेगा 56 इंच का सीना

शर्म करो संजय राउत- फिर जल्द दिखेगा 56 इंच का सीना

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आज पूरा देश अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के बाद गुस्से में उबल रहा है। आतंकियों को ठिकाने लगाने के लिए प्रधानमंत्री समेत पूरी सरकार रात-दिन योजना बनाने में जुटी है। यह साफ कर दिया है कि आतंकियों को सबक सिखाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। हर कोई अपने-अपने हिसाब से आतंकी वारदात के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने में लगा है। लेकिन शिवसेना को आतंकी हमले से ज्यादा प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करने में मजा आ रहा है।

दरअसल शिवसेना जिस प्रकार जरूरत के हिसाब से अपना गियर बदलती है, वह उसके चरित्र को दिखाता है। जब मौका मिला बिहारियों पर हमला किया, कभी गुजरातियों पर, कभी हिन्दी भाषियों पर। मौका के हिसाब से हिन्दूवादी झंडा भी पार्टी उठा लेती है। आज जब अमरनाथ यात्रियों पर हमला हुआ है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए 56 इंच सीना की बात कर रहे हैं। संजय राउत जी, सब्र कीजिए। ये कई दशकों का पाप है, जिसे भरने की कोशिश हो रही है। और मेरा यकीन मानिए कि जिस तरीके से मोदी सरकार 3 सालों में काम कर रही है, इस हमले के बाद भी पूरे विश्व को 56 इंच का सीना देखने को मिलेगा। आइये आपको उससे पहले कुछ चीजें याद दिलाते हैं

इस साल अबतक 43 आतंकी ढेर
इसमें कोई दोमत नहीं कि बीती रात हुआ आतंकी हमला सुरक्षा में एक चूक है। लेकिन ये भी सवाल उठता है कि आखिर बस ड्राइवर ने सुरक्षा नियमों को क्यों तोड़ा। इस साल के अब तक के रिकॉर्ड के मुताबिक सुरक्षा बलों ने बेहतरीन काम किया है। 9 जून, 2017 को उरी सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश विफल करने में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। एक के बाद एक करके 6 आतंकी ढेर कर दिए गए। इस साल अबतक 43 घुसपैठिये और आतंकियों को मार गिराया गया है, जबकि घुसपैठ की 23 कोशिशों को पूरी तरह से असफल कर दिया गया है।

कश्मीरी आतंकियों की टूटी कमर
यूं ही नहीं कहा जाता है कि बुझता हुआ दीया आखिरी वक्त में बहुत अधिक टिमटिमाने लगता है। अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले को इसी संदर्भ में देखना चाहिए। कश्मीर में अपने साथियों की हालत देखकर हिजबुल मुजाहिदीन का पूर्व कमांडर और अलकायदा का मौजूदा आतंकी जाकिर मूसा की चिंता जग- जाहिर हो चुकी है। अपनी कुंठा मिटाने के लिए वो भारतीय मुसलमानों पर गुस्सा निकाल रहा है। एक ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से उस आतंकी ने भारतीय मुसलमानों के बारे में कहा है, “ये (भारतीय मुसलमान) दुनिया के सबसे रीढ़विहीन मुसलमान हैं, ये लोग दुनिया के सबसे बेशर्म मुस्लिम हैं। उनको खुद को मुस्लिम कहने में शर्म आनी चाहिए। भारतीय मुस्लिम चीख-चीखकर कह रहे हैं कि इस्लाम शांतिप्रिय धर्म है।”

15 साल बाद कश्मीर में ‘कासो’ अभियान
कश्मीर में सक्रिय आतंकियों को घेरने के लिए फिर से कार्डन एंड सर्च ऑपरेशन यानी ‘कासो’ अभियान शुरू किया गया है। 15 साल बाद शुरू किए गए इस ऑपरेशन के तहत शोपियां, त्राल समेत आतंकवादियों की सक्रियता वाले इलाकों की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। कुलगाम के जंगलों में आतंकी ठिकानों को नष्ट कर सेना ने साफ कर दिया है कि अब आतंकवाद को टिकने नहीं दिया जाएगा।

आतंकियों को मारने में गोलियों की गिनती नहीं
मोदी सरकार ने साफ कर दिया है कि आतंक को चाहे देश के भीतर से समर्थन हो या फिर बाहर से, सख्त एक्शन होते रहेंगे। बीते एक महीने में एक के बाद एक 20 से अधिक आतंकियों को मारा जा चुका है।

PoK में सर्जिकल स्ट्राइक
भारतीय सेना ने 29-29 सितंबर 2016 की रात पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में घुसकर आतंकियों के लॉन्च पैड तबाह कर दिए। स्पेशल फोर्सेज के कमांडो ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देते हुए आतंकियों के 8 कैंप तबाह कर दिए। करीब 4 घंटे चले इस ऑपरेशन में 38 आतंकी मारे गए। इस ऑपरेशन में पैरा स्पेशल फोर्स के 25 कमांडो एमआई-17 हेलिकॉप्टरों में सवार होकर पीओके में तीन किलोमीटर अंदर तक गए।

PoK में दूसरा ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
सेना ने 23 मई को 30 सेकेंड का वीडियो जारी किया। एक के बाद एक 10 धमाके इसमें दिख रहे हैं। सेना ने कहा कि नौशेरा सेक्टर में पाक आर्मी की चौकियों को भारत ने तबाह किया है। लगातार सीज़ फायर उल्लंघन की घटनाओ का यह भारत की ओर से जवाब है। इस हमले में एंटी टैंक मिसाइल और ऑटोमेटिक ग्रेनेड लॉन्चर का प्रयोग किया है। इसे पाकिस्तान पर भारत की ओर से दूसरा सर्जिकल स्ट्राइक माना गया।

कश्मीर में आक्रामक नीति का नतीजा
कश्मीर की स्थिति रातों-रात नहीं बदली है। तीन साल में पीएम मोदी की सरकार ने जो कदम उठाए हैं उसका परिणाम सामने दिख रहा है। जैसे सीमा पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से घुसपैठ कमी हुई है, तो हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडरों को एक-एक कर ढेर करने से भी आतंकियों के होश गुम हैं। वहीं, पत्थरबाजों को मिल रही फंडिंग के स्रोत पर भी कार्रवाई शुरू है। अलगाववादियों को फंडिंग की जांच चल रही है। इन सब कार्रवाईयों के बीच विकास की गाड़ी को भी मोदी सरकार स्थानीय महबूबा सरकार की मदद से आगे बढ़ा रही है। अब खुद पाकिस्तान भी कश्मीर के राग अलापने के मामले में अलग-थलग पड़ चुका है। आतंकवाद को विश्वस्तर पर जवाब दिया जा रहा है।

इसलिए संजय राउत इंतजार कीजिए। हो सके तो आलोचना की जगह रणनीति बनाने में सरकार की मदद कीजिए। जल्द ही आतंकवाद के खिलाफ मोदी जी की नई कार्रवाई आपको और पूरे देश को चौंकाएगी और आतंकवादियों का सफाया करेगी।

-हरीश चन्द्र बर्णवाल

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