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कुछ लोग किसानों के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं- प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि जो लोग आज किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते हैं, वो तब कहां थे, जब उन्हें किसानों के लिए काम करने का अवसर मिला था। प्रधानमंत्री ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में लगभग 4 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पिछले दो दिनों में पूर्वांचल दौरे का जिक्र कर कहा कि देश का सबसे लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे हो, वाराणसी में किसानों के लिए बना पेरिशेबल कार्गो सेंटर हो या रेलवे से जुड़ी तमाम योजनाएं, ये सभी पूर्वांचल समेत पूरे उत्तर प्रदेश के विकास को अभूतपूर्व गति देने का काम करेंगे। पिछले 4 वर्षों में केंद्र सरकार और पिछले सवा बर्षों में यूपी सरकार द्वारा लिए गए कल्याणकारी फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि गरीबों के हित में जो भी फैसले लिए गए हैं, वो आज गरीबों को सशक्त करने के साथ ही उनके जीवन को भी बदल रहा है।

पहले की सरकारें किसानों के लिए आधी-अधूरी योजनाएं बनाती रहीं- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा है कि पहले की सरकारों ने किसानों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया। उनके लिए आधी-अधूरी परियोजनाएं बनाती रहीं, जिसके चलते हर राज्य में किसानों के प्रोजेक्ट अटके, भटके और लटके पड़े रहे। लगभग 3500 करोड़ की वाणसागर परियोजना के बारे में उन्होंने बताया कि इससे सिर्फ मिर्जापुर ही नहीं, बल्कि इलाहाबाद समेत इस पूरे क्षेत्र के 1,50,000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलने जा रही हे। उन्होंने कहा कि इसका खाका 40 साल पहले ही खींचा गया था और 1978 में ही इसका शिलान्यास भी हो चुका था। लेकिन, हमारी सरकार बनने के बाद इसे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के साथ जोड़ा गया और इसे पूरा करने के लिए सारी ऊर्जा लगा दी गई। विशेषकर बीते सवा साल में योगी जी और उनकी टीम ने जिस गति से इस कार्य को आगे बढ़ाया, उसी का परिणाम है कि वाणसागर का अमृत यहां के किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए तैयार हो पाया है। उन्होंने कहा कि अगर ये परियोजना समय पर पूरी होती तो 300 करोड़ रुपये में होती, जिसपर आज 3500 करोड़ रुपये लगाने पड़े हैं। मोदी जी ने कहा कि वाणसागर के अलावा वर्षों से अधूरी पड़ी सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना और मध्य गंगा सागर परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। प्रधानमंत्री जी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर सवाल उठाया कि जो लोग आजकल किसानों के लिए घड़ियाली आंसू बहाते हैं, उनसे पूछना चाहिए कि आखिर क्यों उन्हें अपने शासन काल में देशभर में फैली सिंचाई परियोजनाएं नजर नहीं आईं? पूरे देश के हर राज्यों में किसानों की भलाई के ऐसे सिंचाई प्रोजेक्ट अटके, लटके और भटके पड़ें रहे, जिनका उन्हें कोई परवाह नहीं रहा।

पानी का बूंद-बूंद मां विध्यवासिनी का प्रसाद है, उसे बर्बाद मत होने दीजिए- प्रधानमंत्री मोदी
मिर्जापुर की सभा में उपस्थित किसानों से प्रधानमंत्री मोदी ने सिंचाई के पानी को संभलकर इस्तेमाल करने की अपील की, ताकि भविष्य के लिए भी जल का संरक्षण हो सके। उन्होंने लोगों से हाथ उठाकर वचन लिया कि वो वाणसागर के बूंद-बूंद पानी को मां विंध्यवासिनी का प्रसाद समझकर खर्च करेंगे, ताकि भविष्य के संकटों से मुक्ति मिल सके। इसके लिए उन्होंने किसानों को स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाने का भी सुझाव दिया। श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों को विश्वास दिलाया कि इससे पैसे भी बचते हैं, मजदूरी भी बचती है और फसल भी अच्छी होती है। उन्होंने कहा कि माइक्रो इरिगेशन के लिए सरकार सब्सिडी भी मुहैया कराती है, जिसका फायदा उठाकर किसानों को अपनी आय बढ़ानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज अगर वाणसाहर परियोजना से डेढ़ लाख हेक्टेयर में सिंचाई होगी, तो टपक सिंचाई से दो लाख हेक्टेयर तक हो सकती है। अगर कुछ लाख किसानों तक इसका लाभ पहुंचने वाला है तो माइक्रो इरिगेशन से उसके दोगुने किसानों तक लाभ पहुंच सकता है।

हमने डेढ़ गुना MSP का जो वादा किया,उसे धरती पे उतार दिया- प्रधानमंत्री मोदी
मोदी जी ने ये भी कहा कि आज जो लोग किसान भाइयों के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, दरअसल पहले उन्हें किसानों की कोई चिंता नहीं रहती थी। जब पहले MSP की घोषणा होती थी तब खरीदारी नहीं होती थी। लेकिन, अखबारों में विज्ञापन निकालकर वाहवाही लूटी जाती थी, लेकिन किसानों के घर कुछ नहीं जाता था। MSP बढ़ाने की सिफारिश वाली फाइलें आती थीं, लेकिन वो पड़ी रह जाती थीं। किसानों को लागत का डेढ़ गुना MSP देने की सिफारिश भी फाइलों में हो चुकी थी, लेकिन उन्हें राजनीति करने से फुर्सत नहीं मिली और फाइलें दबी रहीं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सालों से जिस काम करने से पुरानी सरकारें पीछे हट रही थीं, आप सबके सेवक के नाते मैं सिर झुका के कह रहा हूं कि हमने डेढ़ गुना MSP का जो वादा किया था, आज उसे धरती पर उतार दिया है। उन्होंने कहा कि धान, मक्का, तूर, उड़द और मूंग समेत खरीफ की 14 फसलों के समर्थन मूल्य में 200 से 1800 की वृद्धि की गई है। ये तय किया गया है कि किसानों को लागत के 50 प्रतिशत के ऊपर सीधा लाभ मिलना चाहिए। इससे यूपी और पूर्वांचल के किसानों को सीधा लाभ होने वाला है। इसबार से एक क्विंटल धान पर 200 रुपये अधिक मिलने वाले हैं। एक कविंटल धान की लागत लगभग 11 सौ- 12 सौ रुपये होती है। अब उसका समर्थन मूल्य 1750 रुपये तय हुआ है । उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष यूपी में 4 गुना धान की खरीदी की गई। उन्होंने कहा कि धान के साथ ही सरकार द्वारा दाल का भी एमएसपी बढ़ाया गया है। अरहर के सरकारी मूल्य में 225 की सीधी बढ़ोत्तरी की गई है। ये सुनिश्चित हुआ है कि अरहर की लागत का 65 प्रतिशित सीधा लाभ किसानों को मिले। सरकार किसानों की छोटी-छोटी दिक्कतों को दूर करने के लिए दिन-रात काम कर रही है। बीज से बाजार तक एक प्रामाणिक व्यवस्था बनाई जा रही है, ताकि किसान की आय बढ़े और खेती का खर्च कम हो। पहले यूरिया के लिए लाठीचार्ज होता था, रात-रात भर कतार में खड़ा रहना पड़ता था। कालेबाजारी में खरीदना पड़ता था। पिछले 4 वर्ष में ये संकट खत्म हो गया है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सभी लोगों से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री दुर्घटना बीमा योजना से जुड़ने की अपील भी की।

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