Home नरेंद्र मोदी विशेष पारिवारिक संरचना दुनिया को भारत की सबसे बड़ी देन- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पारिवारिक संरचना दुनिया को भारत की सबसे बड़ी देन- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हमें अपने पूर्वजों का आभारी होना चाहिए जिन्होंने देश और दुनिया को परिवार जैसी एक ऐसी संस्था दी है जिसने खुद को तो ताकतवर बनाया ही, समाज की ताकत को भी मजबूत किया। Essel Group की 90वीं सालगिरह पर दिल्ली के IGI स्टेडियम में प्रधानमंत्री ने सारथी और DSC फाउन्डेशन नाम की दो योजनाओं का शुभारम्भ भी किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये हमारे देश की विशेषता रही है कि यहां के लोग पीढ़ी दर पीढ़ी अपनी सांसारिकता और सामर्थ्य को आगे बढ़ाते रहे हैं। श्री मोदी ने कहा, “विश्व के लिए बहुत बड़ा अजूबा है कि ऐसी भी कोई समाज रचना हो सकती है। भारत की दुनिया को सबसे बड़ी जो देन है, सामाजिक जीवन की जो सबसे ब़ड़ी देन है, वह है पारिवारिक संरचना।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे चाहेंगे कि चुनाव घोषणापत्र के एजेंडा में फैमिली वैल्यू को जगह मिले।

एस्सेल ग्रुप के कारोबार में जो सामाजिकता है, देश के लिए कुछ करने का भाव है उसके लिए प्रधानमंत्री ने परिवार के मुखिया नन्द किशोर और उनकी अगली और पिछली पीढ़ियों को श्रेय दिया। श्री मोदी ने कहा कि Soil से Satellite तक अपने आपका विस्तार इस परिवार ने किया है जो सबके लिए गर्व की बात है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि सोशल एन्टरप्रेनर के रूप में जो पहल आज शुरू की गयी है वह भी सबको प्रेरणा देने वाली है। उन्होंने इसमें निहित सोच की भी सराहना की और कहा कि युवाओं को मौका मिलेगा कि वे वेल्थ से वेल्थ क्रिएट करें। श्री मोदी ने आशा जतायी कि ये पहल जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर का सामाजिक दायरा बनाएगा।

पीएम मोदी ने वेस्ट को वेस्ट मानने से हम अपनी अमानत खो देते हैं। जब वेस्ट का इस्तेमाल शुरू होता है तो उससे भी वेल्थ पैदा होना शुरू हो जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से देश में केवल अधिकारों पर जोर दिया गया, कर्त्तव्य के मामले में हम पीछे रह गये। उन्होंने एस्सेल ग्रुप की ओर से शुरू हुए दोनों अभियानों में कर्त्तव्य की अहम भूमिका के लिए उसकी सराहना की। श्री मोदी ने कहा कि आज परिवार अपनी कमाई के 5000 करोड़ रुपये से फाउन्डेशन खड़ा कर रहा है जिसमें स्टार्ट अप करने वालों को पूरा मौका मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने एस्सेल परिवार की ओर से एकल विद्यालय यानी वन टीचर वन स्कूल की जारी पहल का विशेष रूप से उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 42 हजार स्कूल चल रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि 2022 तक जब आजादी के 75 साल होंगे, इस योजना में 1 लाख स्कूल तैयार हो चुके होंगे। प्रधानमंत्री ने हर किसी से इन पांच साल में अपने लिए लक्ष्य तय करने का आह्वान किया।

समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी समेत देश की जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। समारोह का संचालन सुधीर चौधरी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन परिवार के मुखिया नन्दकिशोरजी किया।

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