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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल से बीपीओ उद्योग में खत्म हुआ अंग्रेजी का दबदबा

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए एक के बाद एक एक योजना लेकर आए हैं। चाहे वह स्टार्टअप इंडिया हो, स्टैंडअप इंडिया हो, स्किल इंडिया हो या मुद्रा योजना हो। रोजगार के लिए किए गए उपायों में इंडिया बीपीओ प्रमोशन स्कीम भी है। इस योजना का परिणाम बीपीओ इंडस्ट्री में अब दिखने लगा है। बीपीओ उद्योग में काम करने के लिए युवाओं को अब केवल अंग्रेजी पर निर्भर रहना जरूरी नहीं रह गया है। 

13 भारतीय भाषाओं में बीपीओ
इंडिया बीपीओ प्रमोशन स्कीम से घरेलू बीपीओ उद्योग में अंग्रेजी और अन्य विदेशी भाषाओं के अतिरिक्त भारतीय भाषाओं में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। आज बीपीओ में अंग्रेजी, स्पैनिश और अरबी के अतिरिक्त हिंदी, उडि़या, तमिल, गुजराती, मराठी, तेलुगू, कन्नड, बंगाली, मलयालम, कश्मीरी, उर्दू, राजस्थानी और पंजाबी भाषा जानने वाले युवाओं को रोजगार मिल रहा है।

बीपीओ में 40 फीसदी महिलाओं को मिला रोजगार
अब तक इंडिया बीपीओ प्रमोशन स्कीम के तहत देश के 21 राज्यों के 61 शहरों में बीपीओ खोले गए हैं। इन बीपीओ में तेरह भारतीय भाषाओं में भी 18160 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मिले हैं। 13780 सीटों वाले बीपीओ शुरू हो गये हैं। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इनमें करीब 40 फीसद महिलाएं हैं।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार छोटे शहरों के युवाओं को उनकी भाषा में, उनके ही शहर में नौकरी कैसे मिले, यही इंडिया बीपीओ प्रमोशन स्कीम लक्ष्य है, जिसे मंत्रालय ने चुनौती के रूप में स्वीकार किया है और उसका रिजल्ट अब दिखने लगा है। इंडिया बीपीओ प्रमोशन स्कीम के तहत पांचवे दौर की बोली लगाई गई थी, उसके नतीजे आ गए हैं। इसके तहत 57 कंपनियों ने 13822 सीटों के लिए बोली लगाई थी। जल्द ही इसके तहत और बीपीओ शुरू होंगे।

इंडिया बीपीओ प्रमोशन स्कीम
इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के उपक्रम सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया ने 493 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता से इंडिया बीपीओ प्रमोशन स्कीम की शुरुआत की थी। सरकार का लक्ष्य इसके जरिेए देश में डेढ़ लाख प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर और अच्छी संख्या में अप्रत्यक्ष अवसर उपलब्ध कराने का है। इस स्कीम के तहत बीपीओ इकाई लगाने के लिए सरकार प्रति सीट एक लाख रुपये की सब्सिडी देती है। कंपनियों को महिलाओं, दिव्यांगजन को नौकरी देने पर विशेष इंसेंटिव देने का प्रावधान भी इस स्कीम में है।

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