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देखिए पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सियासी रक्त चरित्र

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आजादी के बाद पश्चिम बंगाल राज्य की सत्ता में बैठने वालों के चेहरे तो बदले, पर सियासी रक्त चरित्र नहीं बदला। कांग्रेस और वाममोर्चा की सरकारों ने विपक्ष की आवाज दबाने के लिए हिंसा को हथियार बनाया। यही दोनों सरकारों के पतन और तृणमूल कांग्रेस के उदय की वजह बनी। लेकिन मां, माटी और मानुष के नारे के साथ राज्य की मुख्यमंत्री बनने वाली ममता बनर्जी ने सत्ता में आने के बाद हिंसा की राह को ही अपना लिया। उन्होंने सियासी वर्चस्व कायम रखने के लिए राजनीतिक आतंकवाद का सहारा लिया। ममता के पिछले दस सालों के शासनकाल में बंगाल की सियासी फिजा पूरी तरह से लहूलुहान रही है। फिर ममता बनर्जी ने विधानसभा का चुनाव जीतने के लिए हिंसा और तुष्टीकरण का सहारा लिया हैं। राज्य में बीजेपी कार्यकर्ताओं को न तो रैली निकालने दी जा रही है और न ही उनकी कोई सभा होने दी जा रही है। बीजेपी नेताओं पर हमले और कार्यकर्ताओं की हत्या कर दहशत फैलाने की कोशिशें हो रही हैं।

‘मौत का खेल लोकतंत्र में कभी नहीं चल सकता’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, “चुनाव आते हैं, जाते हैं। जय-पराजय होती रहती है, कभी ये बैठेगा-कभी वो बैठेगा, ये मौत का खेल लोकतंत्र में कभी नहीं चल सकता है और मौत का खेल, खेल करके कोई मत नहीं पा सकता है, ये जरा दीवार पर लिखे हुए शब्द पढ़ लेना।”

“उनको लगता है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतार करके वे अपने मंसूबे पूरे कर लेंगे। मैं उन सब को आग्रहपूर्वक समझाने का प्रयास भी करता हूं, मुझे चेतावनी देने की जरूरत नहीं है क्योंकि वो काम जनता जनार्दन करेगी।”

“अगर कुछ मुट्ठीभर लोग सोचे कि सत्ता के नशे में बंगाल की भावनाओं को कुचल दिया जाएगा। तो वो दीवार पर लिखा हुआ पढ़ ले, सदियों पुराना इतिहास पढ़ लें, हर जुल्मकार की विदाई निश्चित होती है। कोई नहीं बच पाता है, जिन्हें लोकतंत्र पर यकीन नहीं, जिन्हें चुनाव प्रक्रियाओँ पर यकीन नहीं।”

“मैं पश्चिम बंगाल बीजेपी के हर कार्यकर्ता को, हर मतदाता को, यहां के हर बच्चे-बच्चे को आश्वासन दिलाता हूं कि इस अत्याचार का पूरा न्याय होगा। बीजेपी के हर कार्यकर्ता, बंगाल के हर व्यक्ति के साथ जो हिंसा हुई है, उन हिंसा करने वालों को, साजिश करने वालों को कानून सजा देकर रहेगा, न्याय होकर रहेगा। ऐसे लोगों को कठोर से कठोर सजा दी जाएगी।”

बंगाल निर्ममता का शिकार

7 फरवरी, 2021 को हल्दिया में रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “बंगाल ममता की आस लेकर जी रहा था, लेकिन दस साल उसे निर्ममता मिली। ममता की अपेक्षा थी, निर्ममता का शिकार हो गया। लेकिन ममता सरकार के पहले साल में ही ये साफ हो गया कि बंगाल को जो मिला है वो परिवर्तन नहीं, ये तो लेफ्ट का पुनर्जीवन है। वो भी ब्याज समेत, सूद समेत!”

24 अप्रैल, 2019 को पीएम मोदी ने वीरभूमि में कहा, “गुरुदेव ने ऐसे समाज की कल्पना की थी जहां डर न हो, और हर कोई माथा ऊंचा कर के चल सके। गुरुदेव के उस सपने का क्या हुआ? जहां गुंडे और घुसपैठिए दूसरे देश से इम्पोर्ट किए जाते हो। जहां घुसपैठियों को आदर-सत्कार देकर आराम से बसाया जाता हो। उन्हें बम बनाने की खुली छूट दी जाती हो, जहां निर्दोष लोगों की आय दिन हत्या की जाती हो।”

9 मई, 2019 को पुरुलिया में  जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “ मां-माटी और मानुष की बात करके दीदी ने आप सभी का वोट बटोर लिया लेकिन आज पश्चिम बंगाल की क्या स्थिति है? मां, अपनी संतानों की सुरक्षा के लिए परेशान है, बेचैन है, बिलख रही है, रो रही है। आपने दूसरी बात माटी की कही थी, माटी लोकतंत्र प्रेमी निर्दोष नागरिकों के खून से लाल रंग में रंग गई है और मानुष, आपकी मां-माटी और मानुष वाला मानुष डर के साये में जीने के लिए मजबूर है।”

6 मई, 2019 को झाड़ग्राम में पीएम मोदी ने कहा था, “दीदी ने जय श्री राम का अभिवादन करने भर से ही लोगों को जेल में डालना शुरू कर दिया है। मुझे लगा कि मैं भी डायरेक्ट दीदी को जय श्री राम बोल दूं, तो मुझे भी जेल में डाल दें तो यहां के निर्दोष लोग जो जेल में पड़े हैं मैं उनकी सेवा करूंगा।”

16 जुलाई, 2018 को मिदनापुर में किसान कल्याण रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था, “मां, माटी, मानुष की बातें करने वालों के पिछले 8 साल का चेहरा, उनका सिंडिकेट आज बंगाल के हर व्यक्ति को भलीभांति पता चल गया है। ये सिंडिकेट है जबरन वसूली का। ये सिंडिकेट है किसानों के लाभों को छीनने का। ये सिंडिकेट है अपने विरोधियों की हत्या करने के षड्यंत्र करने का।”

बीजेपी पर क्रूर प्रहार 

  • 10 दिसंबर, 2020 को दक्षिण 24 परगना में डायमंड हार्बर जाते समय बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर टीएमसी के गुंडों ने हमला किया। इस हमले में कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल रॉय घायल हो गए।
  • 14 मई, 2019 को कोलकाता में बीजेपी के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान पथराव, आगजनी, लाठीचार्ज किया गया। बीजेपी कार्यकर्ताओं पर टीएमसी के गुंडों ने हमला कर दिया।
  • 12 नवंबर, 2020 को अलीपुरद्वार जिले में टीएमसी के गुंडों ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष पर हमला किया। काफिले में शामिल कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।
  • 17 फरवरी, 2021 को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी और उनके काफिले पर टीएमसी के गुंडों ने जानलेवा हमला किया, जिसमें कोलकाता उत्तर के अध्यक्ष शिवाजी सिंहा रॉय गंभीर रूप से घायल हो गए।
  • 13 फरवरी, 2021 को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बीजेपी नेता फिरोज कमाल गाजी उर्फ बाबू मास्टर की कार पर बमों से हमला किया गया।
  • 3 जनवरी, 2021 को आसनसोल के हिल व्यू इलाक़े में बीजेपी के राज्य कमेटी के सदस्य और आसनसोल के बड़े प्रभावशाली नेता कृष्णेंदु मुखर्जी पर गोली चलायी गई। इस घटना में वे बाल बाल बच गए।
  • 7 दिसंबर, 2020 को पश्चिम बंगाल के बीजेपी प्रवक्ता और वकील कबीर शंकर बोस को उनके सेरामपोर के फ्लैट में बंद कर दिया गया। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया।

लोकसभा चुनाव-2019 के दौरान हिंसा

  • टीएमसी के गुंडों ने बीजेपी नेता अरविन्द मेनन को पीटा
  • बीजेपी प्रत्याशी भारती घोष की गाड़ी पर हमला किया गया
  • हेमंत बिस्व सरमा और दिलीप घोष की गाड़ियों पर हमला हुआ
  • बीजेपी के बैरकपुर प्रत्याशी अर्जुन सिंह पर हमला किया गया
  • बीरभूममें बीजेपी नेता बाबुल सुप्रियो की गाड़ी में तोड़-फोड़ की गई

लोकतंत्र की हत्या

  • 7 दिसंबर, 2020 को सिलीगुड़ी में रैली के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार की गई और आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस की कार्रवाई में एक कार्यकर्ता की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
  • 21 अक्टूबर, 2020 को बर्धमान जिले के पुरबस्थली में कृषि कानून के समर्थन में रैली निकाल रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं पर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने अचानक हमला कर दिया। कई कार्यकर्ता बुरी तरह घायल हुए।
  • 8 अक्टूबर, 2020 को ‘नबन्ना चलो’ रैली के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठियां बरसाईं। पुलिसिया कार्रवाई में कई कार्यकर्ता घायल हो गए।
  • 8 अक्टूबर, 2020 को बंगाल पुलिस ने बीजेपी के नबन्ना अभियान के दौरान एक सिख सुरक्षाकर्मी की पगड़ी उतारकर उसकी बेरहमी से पिटाई की।
  • मई 2018 में पंचायत चुनाव के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हिंसक झड़पों में 11 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोगों के घायल हो गए।

बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या

लोकतंत्र में हिंसा का न तो कोई स्थान हो सकता है और न ही कोई उसका समर्थन कर सकता है। लेकिन पश्चिम बंगाल में लगातार राजनीतिक हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। टीएमसी की राजनीतिक हिंसा का शिकार होने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं की संख्या 100 के करीब पहुंच गई है। 

महिलाएं असुरक्षित

  • दक्षि‍ण 24 परगना जिले में बीजेपी नेता रूपा गांगुली पर टीएमसी के गुंडों ने हमला किया, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गईं।
  • पूर्वी मेदिनीपुर में बीजेपी नेता भारती घोष के काफिले पर टीएमसी के गुंडों ने हमला किया, जिसमें बीजेपी के कई कार्यकर्ता घायल हुए।
  • दक्षिण 24 परगना जिले में टीएमसी के गुंडों ने बीजेपी महिला मोर्चा की नेता राधारानी नस्कर को गोली मारकर गंभीर से घायल कर दिया।
  • हावड़ा में ममता बनर्जी का मीम पोस्‍ट करने पर बीजेपी युवा मोर्चा की महिला नेता प्रियंका शर्मा को गिरफ्तार किया गया।
  • पश्चिमी मेदिनीपुर के डेबरा में टीएमसी के गुंडों ने आदिवासी महिला और बीजेपी कार्यकर्ता मीना कराई की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी।
  • फरवरी 2020 में हल्दिया में मां और बेटी के साथ सद्दाम हुसैन और मंजूर मलिक नाम के दरिंदों ने रेप के बाद जलाकर मार डाला।
  • अप्रैल 2018 में दक्षिण 24 परगना जिले में टीएमसी के गुंडों ने बीजेपी की महिला कार्यकर्ता की पिटाई की और निर्वस्त्र करने की कोशिश की।
  • जुलाई 2017 में जारी एक गैर-सरकारी संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक मर्शिदाबाद जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में हिंदू महिलाओं को शिकार बनाया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा पर टीएमसी के पूर्व सांसद दिनेश त्रिवेदी ने कहा,”जिस प्रकार से वायलेंस हो रहा है हमारे प्रांत में, जिस प्रकार से लोकतंत्र में कुछ भी हो तो बैठा-बैठा पड़ा अजीब लग रहा है कि मैं करू क्या?”

ममता की तानाशाही

  • बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा पर हमले के मामले में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को तलब किया था, लेकिन ममता बनर्जी के निर्देश पर अधिकारियों ने दिल्ली जाने से इनकार कर दिया।
  • फरवरी 2019 में पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ के लिए सीबीआई की टीम कोलकाता पहुंची तो ममता बनर्जी ने सीबीआई टीम को अरेस्ट करने का आदेश दे दिया। राज्य पुलिस ने सीबीआई के दफ्तर पर भी कब्जा कर लिया।
  • ममता बनर्जी ने 13 मई, 2019 को अमित शाह की जाधवपुर रैली को मंजूरी देने से इनकार कर दिया। शाह के हेलिकॉप्‍टर को उतरने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद बीजेपी ने रैली को रद्द कर दिया।
  • बीजेपी के नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बंगाल में रैली करने के लिए उनके हेलिकाफ्टर को उतरने की इजाजत नहीं दी गई।
  • 20 मई, 2020 को कलकत्ता न्यूज के खिलाफ सच दिखाने पर कार्रवाई की गई। बकायदा केबल ऑपरेटर द्वारा इस न्यूज चैनल का प्रसारण बंद करा दिया गया है।
  • 30 अप्रैल, 2020 को ममता बनर्जी ने पत्रकारों को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर वे सही से बर्ताव नहीं करते, तो उन पर वे आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत केस कर सकती हैं।
  • एनआरसी और नागरिकता कानून पर मोदी सरकार को चुनौती देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि इन्हें उनकी लाश पर ही प. बंगाल में लागू किया जा सकता है।
  • 28 जनवरी, 2020 को कलकत्ता यूनिवर्सिटी में होने वाले दीक्षांत समारोह में तृणमूल कांग्रेस और नजरुल मंच के छात्रों ने राज्यपाल धनखड़ को मंच पर जाने से रोक दिया।
  • ममता बनर्जी सरकार ने साल 2018 में राज्य की कानून-व्यवस्था संबंधित खर्च और अन्य चीजों का ऑडिट करने से कैग (CAG) को मना कर दिया था।
  • 17 जुलाई, 2018 को मिदनापुर में पीएम मोदी की रैली के दौरान ‘ब्लू बुक’ फॉलो नहीं किया गया। SPG को संसाधन नहीं दिए गए। 5 किलोमीटर तक कोई पुलिसवाला भी नहीं था।

तृणमूल कांग्रेस में भगदड़

ममता बनर्जी की तानाशही से न सिर्फ बीजेपी और राज्य की जनता परेशान है, बल्कि टीएमसी के नेता और कार्यकर्ता भी पीड़ित है। ममता बनर्जी के तानाशाही रवैये के कारण मुकुल रॉय, शुभेंदु अधिकारी, राजीव बनर्जी जैसे कई बड़े नेता टीएमसी छोड़ चुके हैं।

हिन्दू विरोधी ममता

  • भगवा कपड़े पहने और जय श्रीराम के नारे लगाते हुए राम नाम के मास्क बांटने पर कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
  • टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि सीता ने एक बार राम से कहा था कि अच्छा हुआ कि उनका अपहरण रावण ने किया था।
  • टीएमसी के एक नेता लोगों को धमकाते हुए कहता है कि अगर बंगाल में रहना चाहते हो तो यहां ‘जय श्री राम’ के नारे नहीं लगा सकते।
  • 5 अगस्त, 2020 को मंदिर में पूजा कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया।
  • 12 मई, 2020 को हुगली जिले के चंदर नगर के तेलिनीपाड़ा में हिन्दुओं के घरों में लूट-पाट और आगजनी की गई।
  • बीजेपी कार्यकर्ता ने नारायणपुर इलाके में ‘यज्ञ’ आयोजित करने का प्रयास किया लेकिन ममता के गुंडों ने उन्हें रोक दिया।
  • खड़गपुर में श्री राम मंदिर के लिए पूजा का आयोजन किया गया था। लेकिन पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
  • कोलकाता में 44वें अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में हनुमान चालीसा के वितरण पर रोक लगा दी गई। विरोध के बाद अनुमति दी गई।
  • 24 परगना जिले में जय श्रीराम सुनते ही ममता बनर्जी को गुस्सा आ गया और गाड़ी से उतरकर उन्होंने लोगों को धमकाना शुरू कर दिया।
  • तीसरी क्लास की किताब ‘अमादेर पोरिबेस’ (हमारा परिवेश) ‘रामधनु’ (इंद्रधनुष) का नाम बदल कर ‘रंगधनु’ कर दिया गया।
  • झारगाम की एक सभा में हिंदुओं को बांटने के लिए ममता बनर्जी ने कहा कि हम दुर्गा की पूजा करते हैं, राम की पूजा क्यों करें?,
  • 11 अप्रैल, 2017 को पश्चिम बंगाल में बीरभूम जिले के सिवड़ी में हनुमान जयंती के जुलूस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
  • हावड़ा के एक सरकारी स्कूल में 65 साल से जारी सरस्वती पूजा पर रोक लगा दी गई। प्रदर्शनकारी छात्रों पर डंडे बरसाए गए।
  • ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में वंदे मातरम गुनगुना भी अपराध है।
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विकास में अवरोधक

  • पश्चिम बंगाल के 70 लाख से अधिक किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से वंचित हैं। बंगाल के 25 लाख से अधिक किसान ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। लेकिन राज्य सरकार ने वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को रोक रखा है।
  • कोरोना संकट की वजह से लागू लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने तुरंत पश्चिम बंगाल के लाखों परिवारों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था की, लेकिन केंद्र सरकार के भेजे राशन को भी यहां की सरकार सही तरीके से गरीबों तक पहुंचाने में असफल रही।
  • आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरे देश के अस्पतालों में 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा से भी पश्चिम बंगाल का गरीब मरीज वंचित है।
  • पश्चिम बंगाल के लोगों को अब भी वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना लागू होने का इंतजार है। इसका सबसे बड़ा नुकसान दूसरे राज्यों में काम कर रहे पश्चिम बंगाल के गरीब मजदूरों का हो रहा है।
  • 7वां वेतन आयोग भी देश के कितने ही राज्यों में लागू हो चुका है, लेकिन पश्चिम बंगाल में ये अभी तक लागू नहीं हो पाया है।
  • देश के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए एकल संयुक्त परीक्षा के मोदी सरकार की पहल का ममता बनर्जी ने जमकर विरोध किया।

ममता ने बदले केंद्रीय योजनाओं के नाम

‘दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना’ का नाम ‘आनंदाधारा’, ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का ‘मिशन निर्मल बांग्ला’, ‘दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना’ का ‘सबर घरे आलो’,‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ को ‘राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’, ‘पीएम ग्राम सड़क योजना’ को ‘बांग्लार ग्राम सड़क योजना’ और ‘प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना’ का नाम बदलकर ‘बांग्लार गृह प्रकल्प योजना’ कर दिया है।

भ्रष्टाचार का बोलबाला

  • पश्चिम बंगाल में सत्तारुढ़ टीएमसी के नेता सरकारी परियजोनाओं के लिए आवंटित रकम में से कमीशन के तौर पर ‘कटमनी’ लेते हैं।
  • कटमनी मामले से अनगिनत लोग जुड़े हैं। इसकी वजह से क़ानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है।
  • निचले स्तर के नेताओं पर 25 प्रतिशत कटमनी और बड़े नेताओं पर 75 प्रतिशत तक कटमनी लेने के आरोप लगाए गए हैं।
  • तृणमूल नेताओं, पार्षदों और पंचायत प्रतिनिधयों को आम लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।
  • कोयला घोटाले में ममता बनर्जी के परिवार के सदस्यों और टीएमसी के कई नेताओं के शामिल होने के आरोप लगे हैं।
  • सीबीआई ने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा और साली मेनका को नोटिस दिया है।
  • दिसंबर 2020 में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में शारदा चिटफंड घोटाला मामले में बड़ा खुलासा किया।
  • शारदा समूह से जुड़े तारा टीवी के कर्मचारियों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 23 महीने तक भुगतान किया गया था।
  • 2008 में राज्य में शारदा और रोज वैली नाम की चिट फंड कंपनियों के घोटाले उजागर हुए।
  • गरीबों के पैसे दोगुना करने का लालच देकर ये कंपनियां 2500 कोरड़ और 17000 हजार करोड़ रुपये लेकर फरार हो गईं।
  • ममता बनर्जी के शासन काल में पश्चिम बंगाल पोंजी और शेल(फर्जी) कंपनियों का गढ़ बन गया।

 जनसंख्या समीकरण में बदलाव

  • एक रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या एक करोड़ से भी ज्यादा हो चुकी है।
  • अवैध घुसपैठ से राज्य का जनसंख्या समीकरण बदल गया है। 2011 की जनगणना ने खतरनाक जनसंख्यिकीय तथ्यों को उजागर किया।
  • पश्चिम बंगाल में 1951 की जनसंख्या के हिसाब से 2011 में हिंदुओं की जनसंख्या में भारी कमी आयी है।
  • पश्चिम बंगाल में मुसलमानों की आबादी 77 प्रतिशत की दर से बढ़ी है, जो राष्ट्रीय स्तर (0.8) से भी कहीं दुगनी दर से बढ़ी है।
  • पश्चिम बंगाल के 38,000 गांवों में से 8,000 गांव ऐसे हैं, जहां अब एक भी हिन्दू नहीं रहता है।
  • बंगलादेश से आए घुसपैठिए सीमावर्ती जिलों के मुसलमानों से मिलकर हिन्दुओं को भगा रहे हैं। हिन्दू डर से गांव छोड़कर शहरों में बस रहे हैं।
  • पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठिओं के राशन, आधार और वोटर कार्ड बनवाकर जम्मू से केरल तक पहुंचा दिया जाता है।

खतरनाक संदेश

  • 1947 में भारत विभाजन के समय बांग्ला बोलने वाले मुस्लिमों में कुछ भारत में रह गए और बाकी आज के बांग्लादेश के हिस्से में चले गए।
  • 1947 में पश्चिम बंगाल में 12 प्रतिशत मुस्लिम जनसंख्या थी। अभी राज्य में मुस्लिमों की संख्या बढ़कर 27 प्रतिशत के पार पहुंच गई है।
  • 1947 में आज के बांग्लादेश में 27 प्रतिशत हिंदू थे। आज बांग्लादेश में हिंदुओं की जनसंख्या घटकर 8 प्रतिशत रह गई है।

मुगलिस्तान की मांग

  • 2015 में प्रकाशित मशहूर अमेरिकी पत्रकार जेनेट लेवी के लेख ‘The Muslim Takeover of West Bengal’ में आशंका व्यक्त की गई है कि पश्चिम बंगाल जल्द ही एक इस्लामिक राज्य बन जाएगा!
  • जेनेट लेवी ने दावा किया है कि भारत का एक और विभाजन होगा और वह भी तलवार के दम पर।
  • उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि कश्मीर के बाद पश्चिम बंगाल में अब गृहयुद्ध होगा और अलग देश की मांग की जाएगी।
  • जेनेट लेवी ने कहा है कि 2013 में पहली बार बंगाल के कुछ कट्टरपंथी मौलानाओं ने अलग ‘मुगलिस्तान’ की मांग शुरू की।
  • पश्चिम बंगाल में मुसलमानों की आबादी 27 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। कई जिलों में तो यह आबादी 63 प्रतिशत तक है।
  • जेनेट लेवी ने दावा किया कि इस्लामिक देश बनाने की सूत्रधार ममता बनर्जी बनने जा रही हैं।
  • ममता सरकार ने सऊदी अरब से फंड पाने वाले 10 हजार से ज्यादा मदरसों को मान्यता देकर वहां की डिग्री को सरकारी नौकरी के काबिल बना दिया है।
  • सऊदी से पैसा आता है और उन मदरसों में वहाबी कट्टरता की शिक्षा दी जाती है।
  • आबादी बढ़ने के बाद पहले अलग शरिया कानून की मांग की जाती है और फिर आखिर में ये अलग देश की मांग तक पहुंच जाती है।
  • जेनेट लेवी ने दावा किया है कि ममता ने अब बाकायदा आतंकवाद समर्थकों को संसद में भेजना तक शुरू कर दिया है।
  • जून 2014 में ममता बनर्जी ने अहमद हसन इमरान को राज्यसभा सांसद बनाकर भेजा। इमरान प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिमी का सह-संस्थापक रहा है।
  • हसन इमरान पर कई दंगों और आतंकवादियों को शरण देने में हाथ रहा है। उसके पाकिस्तान के आईएसआई से रिश्ते के आरोप लगते रहे हैं।

घुसपैठ का बड़ा नेटवर्क

  • पश्चिम बंगाल की सीमा बांग्लादेश से करीब 2200 किलोमीटर तक जुड़ी हुई है। यह जिहादी आतंकियों के लिए सेफ रूट बन गया है।
  • जिहादी संगठन अल इस्लामी यानि हूजी और जमात उल मुजाहिदीन यानि जेएमबी ने यहां गहरे तक पैठ बना ली है।
  • पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों की अधिक आबादी इन्हें छिपने में सहायक होती है। ममता सरकार भी इन ताकतों को संरक्षण दे रही है।
  • एनआरसी के मुद्दे पर कहा था, ”बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से निकालने की कोई कोशिश होगी तो ‘गृह युद्ध’ हो जाएगा।”

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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