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देश के किसानों को अफवाहों से बचाना भी हमारा दायित्व : पीएम मोदी

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गरीब हो, किसान हो, श्रमिक हो, महिलाएं हो ये सभी आत्मनिर्भर भारत के मजबूत स्तंभ हैं। इसलिए इनका आत्मसम्मान और इनका आत्मगौरव ही आत्मनिर्भर भारत की प्राण शक्ति है भारत की प्रेरणा है। इनको सशक्त करते ही भारत की प्रगति संभव है। यह बात किसी और ने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कही है। अंत्योदय के सिद्धांत को व्यावहारिक रूप देने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर 2020 को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा की हर सरकार चाहे वह केंद्र में हो चाहे राज्य में हो वह यही प्रयास कर रही है कि समाज के सभी को सही अवसर मिले। कोई खुद को छुटा हुआ महसूस न करे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसानों को कर्ज लेने की मजबूरी से बाहर निकालने के लिए हमने एक अहम काम पूरी ताकत से शुरू किया है। दशकों बाद किसान को अपनी उपज पर सही हक मिल पाया है। कृषि में जो सुधार किए हैं उसका सबसे ज्यादा लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा। लेकिन किसानों से हमेशा झूठ बोलने वाले कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ की वजह से किसानों को भ्रमित करने में लगे हैं। देश के किसानों को ऐसी किसी भी अफवाह से बचाना भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। हमें किसान के भविष्य को उज्ज्वल बनाना है।

दशकों तक कानून के जाल में उलझे रहे श्रमिक

किसानों की तरह ही हमारे यहां दशकों तक देश के श्रमिकों को भी कानून के जाल में उलझाकर रखा गया है। जब-जब श्रमिकों ने आवाज़ उठाई, तब-तब उनको कागज पर एक कानून दे दिया गया। जो पहले के श्रमिक कानून थे, वो देश की आधी आबादी, हमारी महिला श्रमशक्ति के लिए काफी नहीं थे। अब इन नए कानूनों से हमारी बहनों को, बेटियों को, समान मानदेय दिया गया है, उनकी ज्यादा भागीदारी को सुनिश्चित किया गया है। किसानों, श्रमिकों और महिलाओं की ही तरह छोटे-छोटे स्वरोजगार से जुड़े साथियों का एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा था, जिसकी सुध कभी नहीं ली गई। रेहड़ी, पटरी, फेरी पर काम करने वाले लाखों साथी जो आत्मसम्मान के साथ अपने परिवार भरण-पोषण करते हैं, उनके लिए भी पहली बार एक विशेष योजना बनाई गई है। किसानों, खेत मजदूरों, छोटे दुकानदारों, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन और बीमा से जुड़ी योजनाएं हमारी सरकार ने पहले ही शुरू कर दी है। अब नए प्रावधानों से सामाजिक सुरक्षा का ये कवच और मजबूत होगा।

भाजपा के संकल्प के हिसाब से हुए हैं काम

पीएम मोदी ने कहा कि जिस संकल्प पत्र को लेकर आप घर-घर, द्वार-द्वार गए थे, आज जब आप उसको देखेंगे तो पाएंगे कि कितनी तेजी से काम हुआ है। वह चाहे अनुच्छेद-370 हो, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो। ये हमारे वे वादे रहे हैं जो दशकों की हमारी तपस्या का भी आधार रहे हैं, ध्येय रहे हैं। संकल्प लेकर उसे सिद्ध करने की इस ताकत को हमें बनाए रखना है, ऊर्जावान रखना है। क्योंकि हमारी बातें, हमारे विचार, हमारा आचरण, 21वीं सदी के भारत की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप ही होने चाहिए। हमारे आदर्श, हमारी परंपरा, हमारी प्रेरणा, जितनी प्राचीन है, उतनी ही नवीन भी होनी चाहिए। हम भले ही दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल हों, लेकिन हमारी पहुंच भारत के छोटे से छोटे गांव तक, छोटी से छोटी गली तक होनी ही चाहिए। अंत में पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र हित में जो योजनाएं बनाई गई हैं उन्हें लोगों तक पहुंचाना है। हमें अपने सामाजिक दायित्व को सजगता से निभाना है। अगर कोरोना के इस कालखंड की ही बात करें, तो दो गज़ की दूरी, मास्क और हाथ की सफाई, इन सभी के लिए जागरूकता फैलाना, निरंतर जरूरी है।

कर्मठ भाजपा कार्यकर्ताओं के सेवाभाव प्रशंसनीय

पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत देशभर में फैले भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ताओं को श्रद्धेय दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर शुभकामनाएं देने के साथ की। इसके साथ ही कोरोना की चुनौतियों के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं की सेवा साधना की प्रशंसा की और इस दौरान जिन कार्यकर्ताओं को अपना जीवन खोना पड़ा, उन सभी दिवंगत साथियों को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने भाजपा के हर कार्यकर्ताओं को उनके सेवाभाव व परिश्रम के लिए आदरपूर्वक नमन किया और सभी कार्यकर्ताओं और उनके परिवार के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

 

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