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नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की नसीहत की धज्जियां उड़ाईं

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पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद के इस्तीफा देने और फिर नाटकीय तरीके से उसे वापस लेने वाले नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस में किसी के काबू में नहीं आ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में पार्टी की पूर्णकालिक ‘स्वयंभू’ अध्यक्ष बनीं सोनिया गांधी की नसीहतों की भी धज्जियां उड़ाकर रख दीं।

कांग्रेस के पुनरुद्धार का यह आखिरी मौका
सिद्धू ने मीडिया के जरिए संवाद न करने की सख्त चेतावनी को खुलेआम चैलेंज कर दिया। नवजोत ने सोनिया की सीख को दरकिनार करते हुए न सिर्फ पार्टी अध्यक्ष को चिठ्ठी भेजी, बल्कि इसे ट्वीटर पर साझा भी कर दिया। उन्होंने लगभग चेतावनी भरे लहजे में लिखा है कि पंजाब में कांग्रेस के पुनरुद्धार का यह आखिरी मौका है।

अमरिंदर सिंह के सियासी लड़ाई जारी है
यह पहला मौका नहीं है, जबकि सिद्धू ने नाफरमानी की हो। अपनी मर्जी के मालिक सिद्धू पहले भी ऐसा कर चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर की बात तो वह कई बार काट चुके हैं। अमरिंदर के काफी सियासी लड़ाई के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाए गए सिद्धू कुछ समय बाद ही रूठ गए। हाईकमान को बगैर विश्वास में लिए उन्होंने अचानक अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे डाला। इससे खुद कांग्रेस का थिंक टैंक सकते में आ गया।

एक सप्ताह में ही उड़ा डालीं धज्जियां
काफी लम्बे समय के बाद हाल ही में हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में सोनिया गांधी ने पार्टी में आंतरिक अनुशासन बनाने पर जोर दिया और पार्टी में मीडिया प्लेटफार्म के जरिए संवाद न करने की सख्त नसीहत दी। सिद्धू ने एक सप्ताह के अंदर ही इस नसीहत की धज्जियां उड़ा डालीं। सिद्धू ने सोनिया गांधी को भेजी चिठ्ठी जस की तस सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्वीटर पर साझा कर दी।

अब फिर बोला चन्नी सरकार पर हमला
सिद्धू ने अपने 13 सूत्री एजेंडे में फिर चरणजीत सिंह चन्नी सरकार पर हमला बोला है। सिद्धू ने आरोप लगाया कि चन्नी सरकार ने मंत्रिमंडल में पिछड़ी जातियों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि सिर्फ अनुसूचित जाति का सीएम बनाने से कुछ नहीं होगा, अनुसूचित जाति को सरकार में बराबर का प्रतिनिधित्व भी मिलना चाहिए।

कैप्टन ने कहा था-सिद्धू स्थिर व्यक्ति नहीं है
सिद्धू को जानने वाले यह जानते हैं कि वह बड़बोले और विवादित व्यक्तित्व के है. विवादों से उनका गहरा नाता है. अपने बयानों, चुटकुलों और अजब-गजब कारनामों से सिद्धू हमेशा चर्चा के केंद्र में रहे हैं. या यह कहा जा सकता है कि सिद्धू चर्चा में रहने का गुर जानते हैं. सिद्धू के इस्तीफा देने पर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनपर हमला बोला था। कैप्टन ने ट्वीट कर कहा कि मैंने तुमसे कहा था…वह स्थिर व्यक्ति नहीं है और पंजाब के सीमावर्ती राज्य के लिए उपयुक्त नहीं है.

  • बयानवीर सिद्धू की फितरत है विवादों में रहना
    नवजोत सिंह सिद्धू 2004 में अमृतसर से लोकसभा पहुंचे थे. उन पर उस वक्त एक पुराना मुक़दमा चल रहा था।
  • उन्होंने कथित तौर पर पाटियाला गुरनाम सिंह को पार्किंग को लेकर हुए विवाद के दौरान पीटा। सिंह की अस्पताल में मौत हो गई।
  • इस मामले में 2006 में सिद्धू को हाईकोर्ट ने तीन साल क़ैद की सज़ा सुनाई थी। सिद्धू को तब अमृतसर के सांसद पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा।
  • सुप्रीम कोर्ट में बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे अरुण जेटली ने सिद्धू की ओर से पैरवी की थी और सिद्धू को जमानत मिली थी।
  • 2016 में सिद्धू राज्य सभा के सांसद बनाए गए, लेकिन उन्होंने तीन महीने बाद इस्तीफ़ा दे दिया।
  • सिद्धू आम आदमी पार्टी का दामन थामने वाले थे, इस बीच 2017 के विधानसभा चुनावों से कुछ सप्ताह पूर्व कांग्रेस का दामन थाम लिया।
  • 2017 में कांग्रेस पंजाब में सत्ता में आयी और सिद्धू कैबिनेट मंत्री बने। कुछ महीनों के बाद उन्होंने अमृतसर के मेयर चुनाव पर नाराज़गी जाहिर कर दी।
  • 2018 में इमरान ख़ान पाक के प्रधानमंत्री बने। कैप्टन अमरिंदर ने सिद्धू से पाकिस्तान नहीं जाने की अपील की। लेकिन सिद्धू पाकिस्तान गए। यही नहीं पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से गले भी मिले।
  •  2019 में कैप्टन सिंह ने कैबिनेट में बदलाव करते हुए सिद्धू का मंत्रिमंडल बदल दिया। इसके विरोध में सिद्धू ने पदभार ग्रहण किए बिना इस्तीफ़ा दे दिया।
  •  सिद्धू ने कई मुद्दों पर सरकार की आलोचना की। इन मामलों को देखने के लिए आलाकमान ने एक समिति बनायी।
  • सिद्धू के कहने पर कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस्तीफा ले लिया।

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