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भारत बायोटेक से मिलेगा कोवैक्सीन का फॉर्म्यूला, अब दूर नहीं वैक्सीन का समाधान

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देश में कोरोना वैक्सीन के समाधान को लेकर अच्छी खबर आने लगी है। देसी कोरोना वैक्सीन बनाने वाली हैदराबाद स्थित कंपनी भारत बायोटेक  ने दूसरी कंपनी के साथ वैक्सीन का फॉर्म्यूला साझा करने को तैयार हो गई है। देश में ही कोवैक्सिन के उत्पादन को बढ़ावा देने वाले इस फैसले से देश में अब वैक्सीन समाधान कोई दूर नहीं है। भारत बायोटेक के इस फैसले के बाद दो सरकारी कंपनियों ने उसके साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए एग्रीमेंट किया है किया। इतना ही नहीं राज्य सरकार की कंपनी हैफकिन इंस्टीट्यूट ने भी ऐसा ही एक करार किया है। इसके अलावा केंद्र सरकार निजी तथा सार्वजनिक क्षेत्र की कई और कंपनियों के साथ भी बातचीत कर रही है।

BSL3 फैसिलिटी वाली कंपनी को मिलेगी अनुमति  

नीति आयोग की स्वास्थ्य समिति के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा है कि कोवैक्सिन के निर्माण की जिम्मेदारी अन्य कंपनियों को देने के संदर्भ में जब उन्होंने भारत बायोटेक से चर्चा की तो कंपनी ने इस सुझाव का स्वागत किया। हालांकि डॉ. पॉल ने कहा कि यह वैक्सीन केवल BSL3 प्रयोगशालाओं में ही तैयार की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन की मदद से एक जीवित वायरस को इनएक्टिवेट कर दिया जाता है। BSL3 फैसिलिटी हर कंपनी के पास नहीं है। जो कंपनियां कोवैक्सिन का निर्माण करना चाहती हैं, हम उन्हें खुला निमंत्रण देते हैं। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं। केंद्र सरकार इस वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए हरसंभव मदद के लिए तैयार है। स्वास्थ्य मंत्रालय कहा है कि दो सरकारी कंपनियों Indian Immunologicals Ltd (IIL) और BIBCOL ने भारत बायोटेक के साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए एग्रीमेंट किया है।

कोरोना के लिए तीसरा काल बनेगा स्पूतनिक वी

कोरोना से जंग के लिए स्पूतनिक वी के रूप में तीसरा हथियार भी अगले सप्ताह से मिलना शुरू हो जाएगा। अगले सप्ताह से भारत में रूस की बनी स्पूतनिक वैक्सीन उपलब्ध होगी। नीति आयोग की स्वास्थ्य समिति के सदस्य वीके पॉल ने बताया कि स्पूतनिक वैक्सीन भारत पहुंच चुकी है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है और उम्मीद है कि अगले सप्ताह से यह मार्केट में उलब्ध होगी। हमें उम्मीद है कि रूस से जो सीमित सप्लाई आई है, वह अगले सप्ताह से बिक्री के लिए उपलब्ध होगी। पॉल ने कहा कि इस वैक्सीन की और भी खेप आएगी। उन्होंने कहा कि भारत में जुलाई से स्पूतनिक वैक्सीन का उत्पादन भी शुरू हो जाएगा।

केंद्र सरकार दूसरी कंपनी को तकनीक देने को तैयार

देश में कोरोना वैक्सीन की कमी को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल की है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अन्य कंपनियों को स्वदेशी टीके कोवैक्सीन के निर्माण की अनुमति देने के लिए तैयार है। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा है कि इस संबंध में टीका निर्माताओं से बातचीत चल रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा है कि विदेशों में बन रहे टीकों को भी आपात मंजूरी देने का फैसला किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इन कदमों से आने वाले दिनों में वैक्सीन का संकट काफी हद तक दूर होगा।

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