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Aero India 2021 : ‘आत्मनिर्भर भारत’ थीम की होगी धूम, कई रक्षा सौदे पर हो सकते हैं हस्ताक्षर

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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) बेंगलुरु के येलहंका वायुसेना स्टेशन में तीन से पांच फरवरी तक आयोजित होने जा रहे ‘एरो इंडिया-2021’ शो में अपनी नवीनतम रक्षा प्रौद्योगिकी और अनेक प्रणालियों का प्रदर्शन करेगा। डीआरडीओ ने एक बयान में कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ विषय से संबंधित 300 से अधिक उत्पाद, प्रौद्योगिकियों, नवोन्मेष तथा उड्डयन संबंधी उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। वैमानिकी क्षेत्र से जुड़ी इसकी 30 से अधिक प्रयोगशालाएं इस कार्यक्रम में अपने उत्पादों तथा उपलब्धियों की झलक दिखाई जाएगी। इस शो में डीआरडीओ के मुख्य उत्पादों में हवाई पूर्व चेतावनी एवं नियंत्रण प्रणाली तथा हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) ‘तेजस’ और ‘एलसीए नेवी’ शामिल होंगे। प्रदर्शनी में ‘निर्भय’ मिसाइल और ‘पी-16 हैवी ड्राप सिस्टम’ का भी प्रदर्शन किया जाएगा। डीआरडीओ ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन फरवरी को संगठन के निर्यात सार संग्रह, डिजाइन की नई प्रक्रिया, सैन्य विमान के उत्पादन एवं विकास, वैमानिकी अनुसंधान एवं विकास बोर्ड की स्वर्ण जयंती से संबंधित टिकट जैसी चीजें जारी करेंगे। प्रदर्शनी में ‘निर्भय’ के साथ ही कई अन्य मिसाइलों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान केंद्र सरकार स्वदेश निर्मित एलसीए तेजस मार्क 1 विमान की खरीद के लिए औपचारिक हस्ताक्षर करेगी। यह सौदा 48,000 करोड़ रुपये का है। यह लड़ाकू विमान स्वदेश निर्मित है

रक्षा मंत्रालय ने 13 जनवरी को बताया था कि सुरक्षा मामलों पर मंत्रिमंडल की समिति (सीसीएस) ने 48 हजार करोड़ की लागत से हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से भारतीय वायु सेना के लिए 83 तेजस विमान खरीदने को मंजूरी प्रदान कर दी। इसके तहत 73 हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस एमके-1ए विमान और 10 तेजस एमके-1 प्रशिक्षण विमान शामिल हैं।

एचएएल को 15 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टरों के लिए 3,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने की भी संभावना है, जिनमें से दो का उत्पादन पहले ही किया जा चुका है। इस सौदे को एयरो इंडिया में भी शामिल किया जा सकता है। HAL- निर्मित लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH), वर्तमान में विकास परीक्षणों में, एयर शो में अपनी प्रारंभिक परिचालन मंजूरी (IOC) प्राप्त करेगा।

2 फरवरी को, रक्षा मंत्री बेंगलुरु में LCA की तीसरी असेंबली लाइन का उद्घाटन करेंगे। बता दें कि बेंगलुरु कॉम्प्लेक्स में मौजूदा दो उत्पादन लाइनों के निकट सह-स्थित डोड्डनेकुंडी में नई ग्रीनफील्ड असेंबली लाइन पिछले साल पूरी हुई थी। तीसरी लाइन 18 एलसीए तेजस मार्क 1 प्रशिक्षकों के उत्पादन के लिए समर्पित होगी। एचएएल विमान के निर्यात संस्करणों के लिए लाइन को भविष्य के हब में बदलेगा।

फरवरी, 2024 से होगी एलसीए विमानों की आपूर्ति

फरवरी 2024 से एचएएल एलसीए विमानों की आपूर्ति शुरू करेगा। विमान निर्माता कंपनी 2028-29 तक वायुसेना को सभी 83 जेटों की डिलीवरी पूरी कर देगा। प्रति वर्ष 16 विमानों को दिया जाएगा। विमान-निर्माता नासिक में अपने Su-30 MKI असेंबली लाइन से तेजस विंग सेक्शन की सोर्सिंग कर रहा है। नासिक लाइन भारतीय वायुसेना के लिए 2004 से Su-30MKI का निर्माण कर रही है, हालांकि रूसी डिजाइन वाले विमान के अंतिम स्क्वाड्रन के निर्माण के लिए उत्पादन कम हो रहा है।

डीआरडीओ करेगा अपने कौशल का प्रदर्शन

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) यहां येलहंका वायुसेना स्टेशन में तीन से पांच फरवरी तक आयोजित होने जा रहे ‘एरो इंडिया-2021’ शो में अपनी नवीनतम रक्षा प्रौद्योगिकियों और अनेक प्रणालियों का प्रदर्शन करेगा। डीआरडीओ ने एक बयान में कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ विषय से संबंधित 300 से अधिक उत्पाद, प्रौद्योगिकियों, नवोन्मेष तथा उड्डयन संबंधी उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस शो में डीआरडीओ के मुख्य उत्पादों में हवाई पूर्व चेतावनी एवं नियंत्रण प्रणाली तथा हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) ‘तेजस’ और ‘एलसीए नेवी’ शामिल होंगे।

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