Home नरेंद्र मोदी विशेष कश्मीर में आतंकियों पर कसता सेना का शिकंजा

कश्मीर में आतंकियों पर कसता सेना का शिकंजा

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मोदी सरकार की कठोर नीतियों के चलते कश्मीर में आतंकवादियों पर सेना का शिकंजा कसता जा रहा है। केंद्र सरकार ने घाटी में आतंकवाद को खत्म करने के लिए सेना को खुली छूट दे रखी है। अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर की स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखे हुए हैं। सरकार अब घाटी से आतंक को जड़ से मिटा देने की लगी है।

आतंकियों पर कहर बरपा रही सेना
हिंदी न्यूज वेबसाइट न्यूज18 की खबर के अनुसार कश्मीर में सेना की कार्रवाई का ही परिणाम है कि इस साल अबतक 100 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया जा चुका है। जबकि पिछले साल सुरक्षा बलों ने 165 आतंकवादियों का सफाया कर दिया था। इनमें बुरहान वानी जैसे नाम भी थे जिसके चलते पूरी कश्मीर घाटी हिंसा के चपेट में बंद रही थी। वहीं 2015 में 113 और 2014 में 110 आतंकवादी मार गिराए गए थे।

   मारे गए आतंकी
2017 अबतक 100
2016 165
2015 113
2014 110

इन आतंकवादियों में लश्कर-ए-तैयबा के कई कमांडर भी शामिल हैं। पिछले दो सालों में पकड़े गए कुछ जिंदा आतंकवादी सेना के काम को और आसान कर रहे हैं। सबसे खास बात है कि जिन आतंकियों का खात्‍मा किया गया है वे सभी हाई प्रोफाइल टारगेट थे। सेनाओं ने सिर्फ लो रैंक आतंकियों को नहीं मारा है लेकिन आतंकी संगठन के कमांडर्स को भी निशाना बनाया गया है।

इंटेलिजेंस की सतर्कता से मिल रही सफलता
प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से इंटेलिजेंस नेटवर्क काफी मजबूत हुआ है। आतंकियों से जुड़ी इंटेलीजेंस तुरंत मिल जा रही है। स्‍थानीय पुलिस आतंकियों से जुड़ी इंटेलीजेंस में सक्रिय भागीदारी निभा रही है। खुफिया सूचना और त्वरित कार्रवाई के कारण इस साल अबतक 100 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया जा चुका है। सेना ने सब्जार भट्ट, जुनैद मट्टू, शाजाद अहमद गिल्कर, मुजफ्फर अहमद नाइकू और बशीर लश्करी जैसे कई आतंकियों को अपनी गोलियां का निशाना बनाया है। सेना के मुताबिक 2017 में लश्कर-ए-तैयबा 33 आतंकी और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के 23 आतंकी मारे गए हैं। इसके साथ ही सुरक्षा बलों ने इस साल घुसपैठ की करीब 23 कोशिशों को पूरी तरह से असफल कर दिया है।

‘खोजो और मारो’ की नीति
अमरनाथ हमले के बाद खबर है कि सरकार ने सेना को ‘खोजो और मारो’ नीति अपनाने का आदेश दे दिया है। ‘खोजो और मारो’ अभियान के साथ ही साथ दूसरी रणनीति पर भी काम शुरू हो गया है। ये रणनीति है आबादी में ‘घेरो, जंगल में मारो’। सरकार का मानना है कि इस रणनीति के तहत कश्मीर घाटी में आतंकियों का सफाया कर पाने में वह कामयाब हो पाएगी।

68 आतंकियों की सौंपी सूची
इंटेलिजेंस ब्यूरो ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को घाटी में सक्रिय 68 आतंकियों की लिस्ट सौंपी दी है। घाटी में छिपे 68 आतंकवादी सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में है। सुरक्षा एजेंसियों को विदेशी मूल के 115 आतंकियों की भी सूची दी गई है। आतंक के सफाये के इस मास्टरप्लान में पाकिस्तान के रहने वाले अबु दुजाना और अबु हमास, जीनत-उल इस्लाम, वसीम अहमद उर्फ ओसामा का नाम शामिल है। सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबलों को एक टाइम बाउंड में आतंकियों पर कार्रवाई की योजना बनाने का निर्देश है। इसमें विदेशी मूल के आतंकियों के सफाए की रणनीति बनाई गई है।

अलगाववादियों की हेकड़ी गुम है
मोदी सरकार की कठोर नीतियों के चलते ही अब हुर्रियत कांफ्रेंस और अलगाववादी नेता भी हाशिये पर चले गए हैं। उन्हें पाकिस्तान से आतंकवादियों के माध्यम से मिलने वाले चंदों पर नकेल कस दी गई है। उनकी हर गतिविधि पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर है। पाकिस्तान से पैसे लेकर वो जिस तरह से पत्थरबाजों को भड़काते थे, धीरे-धीरे उसपर भी लगाम कस चुका है। पीएम मोदी की पॉलिसी और एक्शन से अलागववादियों के प्रति कश्मीर के लोगों का नजरिया भी बदला है।

पाकिस्तान बेनकाब हो चुका है
पीएम मोदी के चलते ही आज पाकिस्तान दुनिया के सामने कठघरे में खड़ा है। सारी दुनिया उसे आतंकवादी देश मान चुकी है। चीन और उत्तर कोरिया जैसे कुछ आतंकवादी सोच वाले देश ही उसके साथ खड़े नजर आते हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान को सबक सिखाने में भारत की आक्रमकता भी बढ़ी है। पीएम मोदी ने भारत को सर्जिकल स्ट्राइक के नाम से वो हथियार थमाया है जिसके भय से पाकिस्तान सिहर उठता है।

पीओके में भी बढ़ा समर्थन
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर या गिलगित बाल्टिस्तान में जिस तरह से पाकिस्तान के विरोध और भारत के समर्थन में आवाजें उठी हैं वैसा पहले कभी नहीं हुआ। वहां के निवासी पीएम मोदी की नीतियों के फैन हो चुके हैं। वो खुलेआम पाकिस्तान से छुटकारा पाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए विश्वभर के कई देशों में आंदोलन चलाया जा रहा है।

भारत के साथ खड़ी है दुनिया
आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों ने जिस तरह से भारत का साथ दिया है वैसा पहले कभी नहीं हुआ। पीएम मोदी की पॉलिसी ने हालात बदल दिये हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब इस मसले को कोई खास तवज्जो नहीं मिल रही। इतना ही नहीं उल्टा पाकिस्तान ही कठघरे में खड़ा दिखता है। अमेरिका सरेआम पाकिस्तान को सुधर जाने की चेतावनी दे चुका है। दूसरी तरफ इजरायल भारत को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय समर्थन देने के लिए तैयार खड़ा है। इनके अलावा सारे यूरोप और अरब राष्ट्र आतंक के खिलाफ मुहिम में भारत के साथ खड़े हैं। रूस और जापान पहले से ही भारत का रणनीतिक साझेदार रहा है, जिनकी दोस्ती को पीएम मोदी ने अपनी सूझबूझ से और भी प्रगाढ़ बना लिया है।

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