Home समाचार … तो क्या शिवराज ने कांग्रेस की ‘प्लानिंग’ की कमर तोड़ दी!

… तो क्या शिवराज ने कांग्रेस की ‘प्लानिंग’ की कमर तोड़ दी!

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मंदसौर में पांच किसानों को अपनी जान क्यों गंवानी पड़ी? महाराष्ट्र को धधकाने कोशिश किसने की? यूपी के साहरनपुर में किसकी साजिश थी? … जाहिर है जवाब एक ही होगा-कांग्रेस? कई वीडियो और जांच रिपोर्ट्स से ये खुलासा हो चुका है। लेकिन क्यों? दरअसल सत्तालोलुप कांग्रेस का एक ही उद्देश्य है कि देश भर में किसानों-दलितों को केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ भड़काना। जीहां, सत्ता से दूर खड़ी कांग्रेस किसी भी तरह सत्ता में आना चाहती है। कांग्रेस की बेताबी ऐसी कि देश को साजिश, दंगा और अराजकता की तरफ ले जाने में भी कोर कसर नहीं छोड़ रही है। लेकिन जनता समझदार है इसलिए कांग्रेस की कोई भी साजिश सफल नहीं हो पा रही है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सारी प्लानिंग का पर्दाफाश हो गया और शिवराज सिंह के एक ही दांव से कांग्रेस धराशायी हो गई।

 

क्या था मकसद?
अगर आप सही से सोचेंगे तो समझ जाएंगे कि मध्य प्रदेश में हिंसा फैलाने के पीछे कांग्रेस पार्टी का मकसद क्या था, दरअसल कांग्रेस पार्टी का दो मकसद है, एक तो देशभर के किसानों को मोदी सरकार के खिलाफ भड़काना और दूसरा मध्य प्रदेश में होने वाले अगले चुनाव में शिवराज सिंह को हराना।

कांग्रेस ने रची साजिश
कांग्रेस ने इसी मकसद से मंदसौर कांड की प्लानिंग की थी, पुलिस फायरिंग की आड़ में 6 लोगों को मरवाया गया और उन्हें किसान बताया गया जबकि जांच में पता चला है कि उनके पास कोई जमीन ही नहीं है, अगर उनके पास जमीन ही नहीं है तो वे किसान किस बात के हुए, अगर उनके पास जमीन नहीं है, वे किसान नहीं हैं तो वे कर्जमाफी की मांग किसलिए कर रहे हैं, मतलब साफ है कि यह सारा खेल कांग्रेस पार्टी ने रचा था। कांग्रेसी विधायक जीतू पटवारी का VIDEO भी सामने आया है जिसमें वे मंदसौर में उपद्रवियों को भड़काकर दंगा-फसाद करवा रहे हैं।

 

कांग्रेस की कुत्सित राजनीति
दरअसल कांग्रेस ने सोचा था कि अगर किसानों के नाम पर हिंसा और आगजनी करेंगे तो किसानों पर सरकार गोलियां जरूर चलाएगी जिसके बाद राज्य के सभी किसान शिवराज सरकार के खिलाफ हो जाएंगे, अगर ऐसा हुआ तो मध्य प्रदेश में अगला चुनाव कांग्रेस जीत जाएगी लेकिन उनका पूरा प्लान ही बेकार हो गया, शिवराज सिंह ने एक ही वार में उनकी पूरी प्लानिंग बेकार कर दी।

पीड़ित परिवार भी शिवराज के साथ
दरअसल मध्य प्रदेश के किसान अब मध्य प्रदेश के किसान फिर से शिवराज सिंह के साथ हो गए हैं। कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा झटका ये कि शनिवार को वे 6 परिवार भी शिवराज सिंह से मिलने गए जिनके घर के लड़के पुलिस फायरिंग में मारे गए थे। गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस के भड़काने पर इन लोगों ने शिवराज सिंह से 1 करोड़ रुपया लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन इन्हीं किसान परिवारों ने शिवराज सिंह से उपवास तोड़ने की अपील भी की।

मैं किसान का बेटा-शिवराज
कांग्रेस अपनी साजिश के तहत आंदोलन के नाम पर ट्रेनें टोकना चाहती थी, हाईवे जाम करना चाहती थी, दंगा-फसाद करके देश के किसानों को मोदी सरकार के खिलाफ करना चाहती थी, लेकिन अब ये किसान शिवराज सिंह के साथ आ गए हैं। कल सभी किसानों ने शिवराज सिंह से मुलाकात की और उनसे उपवास तोड़ने की प्रार्थना करके राज्य के लिए काम करने की प्रार्थना की। लेकिन शिवराज सिंह ने कहा कि मैं किसानों का बेटा हूं, अगर मेरे किसान भूखे प्यासे रहकर सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे तो मैं भी भूखा रहकर खुद को कष्ट दूंगा और तब तक कष्ट देता रहूंगा जब तक राज्य में हिंसा समाप्त नहीं हो जाती।

 

दशहरा मैदान से चल रही सरकार
शिवराज सिंह ने कांग्रेस के नहले पर दहला मारा है, अब सभी किसान शिवराज सिंह से मिलने भोपाल के दशहरा मैदान में जा रहे हैं और उनसे मिलकर बहुत खुश हो रहे हैं, शिवराज सिंह ने कहा है कि अब मैं यहीं से सरकार चलाऊंगा, किसानों की समस्याएं सुनूंगा और उसे समाप्त करने की कोशिश करूंगा। मैं किसानों से प्रार्थना करता हूं कि किसी के बहकावे में ना आयें और हिंसा में भाग ना लें, मैं खुद किसानों का बेटा हूं और उनका दर्द समझता हूं। उन्होंने कहा कि मैं मध्य प्रदेश का बेटा हूं, मेरा राज्य मेरे लिए मंदिर के समान है और मंदिर में कोई हिंसा करे तो मुझे बहुत कष्ट होता है क्योंकि मैंने 11 साल तक मध्य प्रदेश की सेवा की है, अपनी हर सांस राज्य को दी है, उस राज्य को बर्बाद होते हुए मैं नहीं देख सकता।

किसानों ने समझा शिवराज का संदेश
शिवराज सिंह के इस एक बयान के बाद किसानों ने अपना गुस्सा छोड़ दिया है और उनका सन्देश समझ भी गए हैं। अब सड़क पर सिर्फ कांग्रेस पार्टी के नेता हैं, अब इनके साथ ना किसान हैं और ना ही किसानों का नाम, अब कांग्रेसी नेताओं की पोल खुल गयी है, हिंसा भड़काने का आदेश देते कई नेताओं के VIDEO भी आ चुके हैं जिससे पूरे देश में यह सन्देश गया है कि किसान नहीं बल्कि कांग्रेस ही हिंसा कर रही है। शिवराज सिंह ने पूरे देश को यह भी सन्देश दे दिया है कि सिर्फ उनके राज्य में किसानों को -10 परसेंट पर ब्याज दिया जाता है, मतलब किसानों को लोन 1 लाख रुपये मिलता है तो उन्हें सिर्फ 90 हजार वापस करना पड़ता है, अब शिवराज सिंह की तारीफ हो रही है। साफ है कि शिवराज सिंह ने एक ही झटके में कांग्रेस के सपनों पर पानी फेर दिया है।

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