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राहुल का मंत्र- झूठे वादों से वोट बटोरो और फिर बहाने बनाओ

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किसी भी तरह सत्ता में आने के लिए बेकरार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव में किसानों को कर्ज माफी और आमदनी बढ़ाने का सब्जबाग दिखाया। जब किसानों ने इन वादों को सच्चा मानकर वोट दे दिया तो राहुल गांधी के सुर ही बदल गए। चुनाव प्रचार में राहुल गांधी ने घूम घूमकर 10 दिनों में किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था लेकिन अब वो कह रहे हैं कि ये इतना आसान नहीं है। आइये नजर डालते हैं राहुल गांधी के कर्जमाफी के वादों पर एक नजर

राहुल के वादे

26 नवंबर

जालोर, राजस्थान

राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनी तो 10 दिनों में किसान का कर्ज माफ होगा।

26 नवंबर

पोखरण, राजस्थान

10 दिन में ही किसानों का कर्जा माफ कर देंगे और दुनिया की कोई ताकत इसे नहीं बदल सकती ।

17 नवंबर

सरगुजा, छत्तीसगढ़

10 दिनों में किसानों का कर्जा माफ करेंगे।  इसके अलावा छत्तीसगढ़ के किसानों को 2 साल का बोनस भी देंगे।

17 नवंबर

सागर, मध्य प्रदेश

अगर सरकार बनने के 15 दिन में किसानों का कर्ज माफ नहीं होता है और कांग्रेस का सीएम ऐसा नहीं करता है तो दूसरा सीएम आएगा। वो कर्जा माफ करके दिखाएगा।

9 नवंबर

राजनांदगांव, छत्तीसगढ़

चुनाव के बाद 10 दिन के अंदर कांग्रेस का मुख्यमंत्री किसान का कर्जा माफ करके दे देगा।

1 दिसंबर

चित्तौड़गढ़, राजस्थान

राजस्थान में जैसे ही कांग्रेस पार्टी आएगी, 10 दिन में किसान का कर्जा माफ हो जाएगा।

23 अक्टूबर

रायपुर, छत्तीसगढ़

कर्ज माफी तोहफा नहीं, बल्कि किसानों का हक है।

27 सितंबर

रीवा, मध्य प्रदेश

जैसे ही हमारी सरकार आएगी, किसानों को मार्केट रेट से 4 गुना ज्यादा पैसा मिलेगा।

श्योपुर, एमपी

16 अक्टूबर

जैसे ही हमारी सरकार मध्यप्रदेश में आएगी, हम किसानों का कर्ज माफ करके दे देंगे।

17 मई

सीतापुर, छत्तीसगढ़

कांग्रेस की सरकार आयी तो किसानों का कर्ज 10 दिन में माफ कर दिया जायेगा।

चुनाव जीतने के बाद असली रंगत में राहुल

कर्जमाफी सॉल्यूशन नहीं है। सॉल्यूशन ज्यादा कॉम्पलैक्स होगा। सॉल्यूशन किसानों को सपोर्ट करने का होगा, इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का होगा, टेक्नॉलजी बनाने का होगा और सॉल्यूशन बहुत चैलेंजिंग होगा।

11 दिसंबर, दिल्ली

कर्नाटक की हकीकत

किसानों के दबाव में कर्नाटक में कर्ज माफी की घोषणा हो गई है लेकिन उसमें कई कड़ी शर्तें लागू है। नवंबर तक जिन किसानों ने अपना कर्ज नहीं चुकाया,उनके खिलाफ गिरफ्तारी और रिकवरी वारंट जारी हो गए हैं।

पंजाब की हकीकत

कांग्रेस ने किसानों की कर्ज माफी का वादा किया। लेकिन इसमें खूब भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद है। असली किसानों के 5 रुपये और कांग्रेस नेताओं के लाखों रुपये माफ कर दिये गए। रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार जिनका कर्ज माफ हुआ, उन्हें बैंक दोबारा कर्ज भी नहीं दे रहे। लाचार किसान फिर साहूकारों के जाल में फंस गए।

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