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मृणाल पांडे को कांग्रेस से मिला चमचागिरी का पुरस्कार!

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कांग्रेस ने मृणाल पांडे को चाटुकारिता से भरी पत्रकारिता के लिए एक बार फिर पुरस्कृत किया है। कांग्रेस राज में प्रसार भारती की पूर्व अध्यक्ष और 2006 में पद्म श्री से नवाजी जा चुकी मृणाल पांडे को अब ‘द एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ समूह का वरिष्ठ संपादकीय सलाहकार नियुक्त किया गया है। गांधी परिवार पर अवैध रूप से नेशनल हेराल्ड की इसी मूल कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की संपत्ति हड़पने का आरोप है। यह कंपनी नेशनल हेराल्ड, नवजीवन और कौमी आवाज नाम से तीन अखबार प्रकाशित करती थी। एक अप्रैल, 2008 को ये अखबार बंद हो गए। फिलहाल कंपनी नेशनल हेराल्ड का साप्ताहिक प्रकाशन करती है और तीन न्यूज वेबसाइट का संचालन करती है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के मालिकाना हक को लेकर यह विवादों में हैं। गांधी परिवार पर अवैध रूप से इस संपत्ति का अधिग्रहण करने के लिए पार्टी फंड का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है।

मृणाल पांडे की पक्षकारिता
मृणाल पांडे की चाटुकारिता को इस बात से समझ सकते है कि… हिंदी की सम्मानित पत्रकार होने के नाम पर कांग्रेस शासन काल में 21 बार भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री संग विदेश गईं। प्रसार भारती के अध्यक्ष, पद्म श्री के बाद अब  ‘द एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ समूह का वरिष्ठ संपादकीय सलाहकार बन गई हैं। मृणाल पांडे का एकमात्र मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एजेंडा चलाना है। कांग्रेस की यह पक्षकार प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ ओछी पत्रकारिता करने से बाज नहीं आती हैं। मृणाल पांडे, आज नकारात्मक पत्रकारिता की जीती-जागती मिसाल बन चुकी हैं।

मृणाल पांडे की घटिया पत्रकारिता
मृणाल पांडे की घटिया पत्रकारिता का उदाहरण आप पिछले साल 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उनके Tweet से देख सकते हैं। कांग्रेस को खुश करने के लिए वह कितना नीचे गिर सकती हैं, आप खुद देख लीजिए-

अमेरिकी राष्ट्रपति ने जब पाकिस्तान को आतंकवादी गतिविधियों के लिए सबक सिखाने की बात कही, तो उस पर भाजपा की प्रतिक्रिया आई कि यह प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति का परिणाम है कि पाक को अमेरिका से इतना सख्त संदेश मिला है। इसपर मृणाल पांडे की टिप्पणी देखिए-

उनकी एजेंडा पत्रकारिता का एक ही मकसद रह गया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध। 31 दिसंबर  को मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम महिलाओं को अकेले हज पर जाने के अधिकार की घोषणा की, तो उन्हें यह किस तरह नागवार गुजरा आप खुद देख लीजिए- 

मृणाल पांडे ओछी पत्रकारिता की आड़ में प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी करने में ही अपनी शान समझती हैं।

कांग्रेस को खुश करने के लिए मृणाल पांडे प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सारी सभ्यता और मर्यादाओं की सीमा तोड़ देती हैं। देखिए किस तरह से इस Tweet के जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री पद के सम्मान को जबरदस्त ठेस पहुंचाई। 

कांग्रेस ने मृणाल पांडे की इसी पक्षकारिता के लिए सम्मानित किया है। पूर्वाग्रहों से ग्रसित होकर पत्रकारिता की सभी मर्यादाओं को लांघ जाना मृणाल पांडे का व्यवहार बन गया है। ऐसी पत्रकारिता, भारत के प्रजातंत्र के लिए न केवल खतरनाक है बल्कि उसे कंलकित भी करती है। 

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