Home चटपटी प्रधानमंत्री जब टिफिन लेकर पहुंचे, तो क्या हुआ…

प्रधानमंत्री जब टिफिन लेकर पहुंचे, तो क्या हुआ…

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प्रधानमंत्री मोदी ने खाई खिचड़ी, पीया छाछ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भोजन करने में जो मजा पांत में बैठकर आता है, उसका कोई जोड़ नहीं। वह वाराणसी में बूथ लेबल के कार्यकर्ता सम्मेलन में हजारों कार्यकर्ताओं के बीच भोजन कर रहे थे। उसी वक्त सम्मेलन में आए सभी कार्यकर्ता भी भोजन कर रहे थे। भाजपा और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए यह बेहद आत्मीय और अद्भुत पल था। यह पल दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ घुले मिले हैं।

कहा, आज मैं भी टिफिन लेकर आया हूं

सामूहिक भोजन से पहले प्रधानमंत्री ने मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम ने कहा आज मैं भी टिफिन लेकर आया हूं। साथ ही खाना खाएंगे। परिवार भाव की हमारी संस्कृति भी है। संबोधन खत्म करने के बाद पीएम मंच से उतरे और खुली जीप में सवार होकर मंच के सामने लंबाई में की गई डंबल आकार की बैरिकेडिंग में घूमते हुए कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए। चक्कर पूरा हुआ तब तक बीच में टेबल और चार कुर्सियां लगा दी गई थीं।

डीरेका मैदान में व्यवस्था संभाल रहे क्षेत्रीय सदस्य अशोक तिवारी ने भाजपा कार्यकर्ता मनीष कपूर के घर तैयार किए गए खाने की टिफिन खोलकर भोजन परोसना शुरू किया। बारी-बारी से खिचड़ी, रोटी, और आलू-गोभी की सब्जी व गाजर का हलवा कर्नाटक से मंगाए गए पत्तल पर परोसी गई। गिलास में छाछ भरा गया। प्रधानमंत्री ने सभी का स्वाद लिया। खासकर अपनी पसंदीदा खिचड़ी को चाव से खाया और पूरा गिलास छाछ पीया।

प्रधानमंत्री ने खाना खाने में कोई जल्दीबाजी नहीं दिखाई। यह बेहद अह्लादित करने वाला पल रहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल और क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य के साथ कुर्सी पर बैठकर खाना खा रहे थे तो मैदान में तीन तरफ हुई बैरिकेडिंग में लगी कुर्सियों पर बैठे हजारों कार्यकर्ता अपने साथ लाए भोजन कर रहे थे। यह ऐसा ऐतिहासिक क्षण था जिसे हर कोई अपने जीवन में संजोना चाहेगा।

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