Home नरेंद्र मोदी विशेष पीएम मोदी के इस कदम से कसेगी चीन की नकेल

पीएम मोदी के इस कदम से कसेगी चीन की नकेल

302
SHARE

पिछले तीन साल से महसूस हो रहा है कि देश की सरकार के पास हर समस्या को निपटाने का साहस और सूझ-बूझ है। जीएसटी को लागू करने और डोकलाम के पहाड़ पर चीन की आंखों में आंखें डालकर सेना को तैनात करने में इसकी झलक महसूस होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश की क्षमता को सर्वोच्च शिखर पर ले जाने का दृढ़ निश्चय साफ दिखाई देता है। चीन ने एशिया में अपना वर्चश्व स्थापित करने के लिए, दूसरे देशों की सीमाओं का अतिक्रमण और वस्तुओं को सस्ता करके निर्यात को अपनी सामरिक रणनीति का हिस्सा बना रखा है। जीएसटी लागू होने से चीन का वस्तुओं को सस्ता कर भारत में डंप करने की नीति को भी तगड़ा झटका लगा है। अपने सामरिक और आर्थिक कदमों से प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के लिए जो बिसात बिछा दी है, उससे उसमें गजब की बेचैनी है।

चीन की व्यापारिक चाल
चीन, भारत में बड़ी आसानी से अपने यहां तैयार वस्तुओं को सरकारी सब्सिडी से सस्ता करके भेजता रहा है। भारत अंतरराष्ट्रीय समझौतों के चलते इस स्थिति पर रोक लगाने की हालत में नहीं था। अब प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी के माध्यम से इस स्थिति पर गाज गिरा दी है। आंकड़ों के अनुसार 2015-16 में चीन ने भारत से 52.69 बिलियन डॉलर से अधिक का व्यापार किया। जबकि 2014-15 में ये व्यापार 48.48 बिलियन डॉलर का था। जीएसटी लागू होने से पूर्व चीन के साथ व्यापारिक स्थिति ऐसी थी कि भारत में चीन से आने वाली वस्तुऐं किस कीमत पर खरीदी और बेची जाती हैं, इसकी सही जानकारी सरकार को नहीं मिल पाती थी। इस स्थिति के चलते करों का नुकसान तो होता ही था, साथ ही साथ मेक इन इंडिया योजना को भी भारी नुकसान हो रहा था।

GSTIN का सुरक्षा कवच
जीएसटी ने चीन के इस खेल को ही बदल दिया है। जीएसटी सूचना तकनीक के ऐसे तंत्र पर विकसित किया गया है, कि वस्तुओं की खरीद से लेकर बेचे जाने तक उसे ऑनलाइन आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। इस ट्रैकिंग से सरकार को इस बात कि सही सूचना मिलती रहेगी कि कोई सामान चीन से किस कीमत पर देश में खरीदा और उपभोक्ताओं को बेचा जा रहा है। कीमत की इस सही सूचना के आधार पर चीन से आयतित इन वस्तुओं पर लगने वाले IGST और BCD को पूरी तरह से एकत्रित किया जा सकता है। चीन से माल खरीदने और बेचने में हो रही हेराफेरी को GSTIN रोक देगा।

जीएसटी- एक गुप्त Missile
जीएसटी ने गुप्त Missile की तरह चीन के उन कारखानों में जहां सब्सडी पर सस्ती वस्तुऐं तैयार की जाती हैं उन्हीं पर प्रहार कर दिया है। अब इन कारखानों से सामान मंगाने वाले भारतीय व्यापारियों को उसकी कीमत के साथ-साथ उन पर होने वाले सारे खर्च का ब्योरा भी देना होगा। अबतक चीन अपने सामानों पर MRP कम करके दिखाता था और सामान की कीमत का शेष धन अन्य करों या सेवाओं के रूप में, भारतीय व्यापारियों से वसूल करता था। अब चीन का यह गोरखधंधा पूरी तरह से बंद हो जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति और साहस से देश को विकास की उस पटरी पर डाल दिया है, जहां से आर्थिक और सामरिक सर्वोच्च शिखर पर पहुंचने में अब चीन जैसी ताकत भी बाधा पैदा नहीं कर सकती है।

LEAVE A REPLY