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चीनी मीडिया में छाए प्रधानमंत्री मोदी, 2017 को ‘ब्रांड मोदी’ का साल बताया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ देश में ही नहीं विदेशों में भी खासे लोकप्रिय हैं। पड़ोसी देश चीन गाहे-बगाहे भारत को आंख दिखाने की कोशिश करता है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रभाव और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनके दबदबे से भलीभांति परिचित है। यही वजह है कि इन दिनों चीनी मीडिया भी मोदी-मोदी का गुणगान कर रहा है।

लोकप्रियता के चरम पर प्रधानमंत्री मोदी

चीन की सरकारी प्रेस एजेंसी जिन्हुआ ने साल 2017 को ब्रांड मोदी का साल घोषित किया है। एजेंसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता को आकर्षित करने वाला बताया है। मंगलवार को प्रकाशित हुए इस लेख का शीर्षक है ‘Modi wave works magic for India’s ruling BJP in 2017’। भारत में मोदी लहर का जिक्र करते हुए इस लेख में कहा गया है कि, इस वर्ष जितने भी राज्यों में चुनाव हुए हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी के स्टार प्रचारक, भीड़ को खींचने वाले और विरोधियों के हमलों को कुंद करने वाले नेता साबित हुए हैं।

पीएम मोदी का करिश्माई नेतृत्व बेजोड़

चीनी मीडिया के मुताबिक यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी 2014 में सत्ता में आने के बाद ज्यादातर राज्यों में सरकार बनाने में सफल हुई है। इनमें से इसी वर्ष उत्तर प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में बीजेपी ने सत्ता हासिल की है। आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में नवंबर, 2016 में नोटबंदी के प्रधानमंत्री मोदी के फैसले के तुरंत बाद चुनाव हुए थे। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी पार्टियां नोटबंदी के लिए केंद्र सरकार की आलोचना कर रही थीं, ऐसे में बीजेपी को 312 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत मिलना, सिर्फ पीएम मोदी के करिश्मे का ही नतीजा था। उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने किसी को भी मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया था, और पूरा चुनाव प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर लड़ा गया, और ऐसे में जनता का अप्रत्याशित समर्थन दर्शाता है कि लोगों के बीच किस तरह पीएम मोदी का जादू है।

आज भी जारी है ‘मोदी लहर’

जाहिर है कि वैसे तो सभी राज्यों का चुनाव अहम होता है, लेकिन उत्तर प्रदेश का इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण था, क्योंकि यहां लोकसभा की 80 और राज्यसभा की 31 सीटें हैं। चीनी मीडिया के मुताबिक 2014 के चुनाव में जो मोदी लहर शुरू हुई थी, वो आज भी जारी है। इसी मोदी लहर में सभी विरोध धराशायी होते जा रहे हैं और एक के बाद एक राज्य में बीजेपी की सरकार आती जा रही है।

साहसिक और निर्णायक फैसले लेने वाले नेता हैं मोदी

चीनी मीडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बीजेपी के तरकश का ऐसा हथियार करार दिया है, जिसे परास्त करने का हौसला फिलहाल किसी में नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी की छवि साहसिक और निर्णायक फैसले लेने वाले नेता की है। लेख के मुताबिक पीएम मोदी ने विमुद्रीकरण का फैसला लिया, पूरे देश में एक समान कर के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किया। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने कालेधन के खिलाफ अभियान छेड़ा है, और जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार है वहां भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरशोर से अभियान भी चलाया जा रहा है।

आम लोगों के दिल में बसते हैं पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ही कदम नहीं उठाए, बल्कि देश के गरीब और आम लोगों के लिए तमाम योजनाएं बनाई हैं। इन योजनाओं से जमीनी स्तर पर जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल रहा है। यही वजह है कि देश के आमलोग प्रधानमंत्री मोदी से खुद का जुड़ाव महसूस कर रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी को भरपूर समर्थन कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है उत्तराखंड। इस पहाड़ी राज्य के गठन 16 वर्षों में कभी भी किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, लेकिन यह मोदी और उनकी नीतियों का ही प्रभाव था कि इस बार उत्तराखंड में बीजेपी के प्रचंड बहुमत हासिल हुआ है। इसी तरह पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बीजेपी का परचम लहराता जा रहा है, जबकि यहां कांग्रेस पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है। असम के 2015 के विधानसभा चुनाव में 122 में से 86 सीटें हासिल कर बीजेपी ने साबित कर दिया है कि अब वह पूर्वोत्तर के लोगों की पसंद बनती जा रही है।

फिलहाल पीएम मोदी के सामने कोई चुनौती नहीं

चीनी न्यूज एजेंसी के मुताबिक फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के सामने कोई चुनौती नजर नहीं आ रही है। राहुल गांधी, भारत की सबसे पुरानी पार्टी के अध्यक्ष जरूर बन गए हैं, लेकिन नई जिम्मेदारी मिलते ही उन्हें दो राज्यों में हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि राहुल गांधी ने अपनी विनम्र छवि पेश की है, और यह 2019 के चुनाव में बीजेपी के लिए एक हद तक चुनौती बन सकती है। ऐसे में बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी दोनों को सतर्क रहना चाहिए और अपनी रणनीति में भी कुछ परिवर्तन करने पर विचार करना चहिए।

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