Home तीन साल बेमिसाल सवा सौ करोड़ लोगों की उम्मीद और भरोसे का ‘ब्रांड मोदी’

सवा सौ करोड़ लोगों की उम्मीद और भरोसे का ‘ब्रांड मोदी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्रांड मोदी बन जाने पर विशेष रिपोर्ट

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बोलने की शैली हो या पहनावा। दुश्मन को भी दोस्त बना लेने की कला हो या दुनिया के नेताओं के बीच अपनी पहचान स्थापित कर लेने का अनूठा अंदाज। जिनकी एक बोली पर पूरा देश सफाई अभियान जुड़ जाए और जरूरत पर दुश्मन को जोरदार जवाब देने की ताकत भी दिखा जाए… देश के सवा सौ करोड़ लोगों की उम्मीद और भरोसे का प्रतीक हैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी। वो आज देश के सबसे बड़े ब्रांड बनकर उभरे हैं।

परम्परागत राजनीति से अलग लकीर खींची
पीएम मोदी ने जिस तरह से राजनीति शुरू की वो परम्परागत राजनीति से अलग है। संसद की सीढ़ियों पर शीश झुकाना हो या फिर हाथ में झाड़ू लेकर सफाई अभियान चलाना। गंगा किनारे मजदूर बनकर फावड़ा चलाना हो या फिर वीआइपी कल्चर को एक झटके में खत्म कर सामाजिक चेतना जगाना हो। पीएम मोदी ने अपने हर एक कदम के जरिये नई उम्मीद जगाई है और स्वयं को एक क्रेडिबल ब्रांड के तौर पर स्थापित किया है।

तीन साल में घर-घर मोदी
2014 में इलेक्शन से पहले ये ब्रांड नेशनल लेवल पर मजबूत हुआ और पिछले तीन साल में सोशल मीडिया हो या ग्लोबल प्लेटफॉर्म हो या फिर देश में नए मिशन का आगाज। रेडियो पर मन की बात के जरिये देश-विदेश के लोगों से संवाद स्थापित करने का तरीका हो या फिर जनसभाओं के माध्यम से सवाल-जवाब करने की शैली। हर जगह ब्रांड मोदी ने अपना जलवा दिखाया है। गहराई से देखें तो बीते तीन सालों में ब्रांड मोदी और मजबूत हुआ है।

सोशल मीडिया में ब्रांड मोदी अव्वल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया की दुनिया में इचिहास रच दिया है। पीएम मोदी दुनिया में सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले राष्ट्राध्यक्ष बन गए हैं। फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब हो या गूगल प्लस सभी सोशल नेटवर्किंग मीडिया पर पीएम मोदी को फॉलो करने वालों की संख्या अब सबसे ज्यादा हो गई है। फेसबुक पर चार करोड़ 29 लाख, ट्विटर पर तीन करोड़ 42 लाख से ज्यादा, गूगल प्लस पर 32 लाख और लिंक्डइन पर 22 लाख फॉलोअर हैं। इसके अलावा उनके नाम पर बने मोबाइल एप को भी एक करोड़ से ज्यादा डाउनलोड किया जा चुका है।

ब्रांड मोदी पर भरोसा कायम
बाजार में किसी उत्पाद पर आप ज्यादा भरोसा करने लग जाते हैं तो वो उत्पाद विश्वसनीय बन जाता है और फिर धीरे-धीरे वो ब्रांड हो जाता है। इसी तरह पीएम मोदी पर अब भारत के लोगों को भरोसा हो गया है। ये बात हाल में हुए दो बड़े सर्वे में भी सामने आई है। एबीपी-सीएसडीएस-लोकनीति के सर्वे में पीएम मोदी की सरकार पर लोगों को भरोसा है तो एनबीटी के दस लाख लोगों के ऑनलाइन सर्वे में भी सबसे ज्यादा भरोसा लोगों ने पीएम मोदी के नाम पर ही किया है।

ब्रांड मोदी से पुनर्जीवित हुई बीजेपी
ब्रांड मोदी का असर बीजेपी पर भी हुआ है, जहां लुप्त होती इस पार्टी को एक चेहरा मिला और ये सत्ता में आ गई। ब्रांड मोदी में देश की जनता का भरोसा इस कदर बढ़ा है कि अभी देश के चौदह राज्यों में बीजेपी का अपना मुख्यमंत्री है और दो राज्यों में एनडीए अलायंस के साथ वो सत्ता में है। पीएम मोदी के केंद्र की सत्ता में आने के बाद एक के बाद एक महाराष्ट्र, यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, मणिपुर और गोवा जैसे राज्यों में बीजेपी को जीत मिली।

ब्रांड मोदी का लोहा दुनिया ने माना
ब्रांड मोदी पहले रीजनल था, फिर नेशनल हुआ और फिर नेशनल से ग्लोबल हो गया। बीते 23 मई को अफ्रीकन विकास बैंक के अध्यक्ष अकिनवुमी आदेसिना ने कहा कि मैं मोदी जैकेट पसंद करता हूं। उन्होंने ये भी कहा कि- PM Modi fills up stadiums wherever he goes. He is India’s biggest export. जाहिर है पीएम मोदी न सिर्फ भारत में बल्कि विदेश में भी एक ब्रांड माने जाने लगे हैं।

देश के यूथ के लिए ब्रांड मैं पीएम मोदी
ब्रांड मोदी मिडिल क्लास यूथ हो या ग्रामीण यूथ दोनों में समान रूप से लोकप्रिय हैं। पिछले तीन साल में उनकी स्किल इंडिया योजना हो या स्टार्ट-अप, स्टैंड-अप इंडिया योजना, पीएम मोदी ने युवाओं के लिए लगातार कुछ किया है। यही नहीं सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले पीएम मोदी युवाओं की खास पसंद हैं। पीएम मोदी के हर नये मिशन के साथ ब्रांड मोदी चमकता गया है।

भरोसे का प्रतीक: ब्रांड इंडिया 
पिछले तीन साल में पीएम मोदी ने मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रमों के जरिये विदेशी निवेश को भारत में एक नया प्लेटफॉर्म देने की कोशिश की वहीं देश-विदेश में ब्रांड इंडिया का नाम मजबूत किया। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान की संसद को संबोधित करने के दौरान उन्होंने जिस अंदाज में इंटरैक्ट किया वो अद्भुत था। अमेरिकी संसद में तो पीएम मोदी के संबोधन के दौरान 9 बार अमेरिकी सांसद अभिवादन के लिए हुए खड़े हुए और 72 बार बजी तालियों की गड़गड़ाहट से हॉल गूंजता रहा।

ब्रांड मोदी के भरोसे से बढ़ा निवेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतिगत सुधारों और बिजनेस के लिए अनुकूल माहौल बनाने के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं। वित्त वर्ष 2016-17 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के दौरान (एफडीआई) में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ये बढ़कर अब 60.08 अरब डॉलर की नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। एफडीआई में वृद्धि का मुख्य कारण सरकार द्वारा एफडीआई व्यवस्था को व्यावहारिक बनाने के लिए किए गए साहसिक और नीतिगत सुधार हैं।

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