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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का गुंडाराज: अब बीजेपी एमपी अर्जुन सिंह के घर के पास बम से हमला

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पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं का गुंडाराज बढ़ता ही जा रहा है। राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राज्य में राजनीतिक हिंसा बढ़ती जा रही है। मतदान से पहले ही टीएमसी के गुंडों का तांडव शुरू हो चुका है। अब टीएमसी के गुंडों ने उत्तर 24 परगना में भाटपारा के जगदल इलाके में उत्पात मचाया है। यहां बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह के घर के पास बम से हमला हुआ है, जिसमें तीन लोग घायल हो गए।

18 मार्च: बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह के घर पास हुए कई बम धमाके
उत्तर 24 परगना जिले के जगदल इलाके बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह के घर के पास सिलसिलेवार तरीके से कई बम धमाके हुए। इन धमाकों में 3 लोग घायल हुए हैं। बैरकपुर से सांसद अर्जुन सिंह के घर ‘मजदूर भवन’ पास रात में करीब 15 बम फेंके गए। बदमाशों ने घर के आसपास पुलिस द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया। सांसद अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि हमला करने वाले टीएमसी कार्यकर्ता थे। सांसद ने कहा कि जिन लोगों ने बम मारा है वो लोग कई दिनों से बम-पिस्तौल लेकर घूम रहे थे, इसकी शिकायत हमने पुलिस से भी की थी लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। आज उन्होंने वही काम किया जिसका हमें संदेह था। टीएमसी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वे इस मामले को लेकर चुनाव आयोग जाएंगे।

बंगाल में सियासी हिंसा कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले के मामले सामने आ चुके हैं। 

07 मार्च: नदिया जिले में बीजेपी नेता को मारी गई गोली
नदिया जिले में 7 मार्च को शनिवार-रविवार देर रात भाजपा नेता संजय दास पर जानलेवा हमला किया गया। कुछ बदमाशों ने उन पर गोलियां चलायीं, जिसमें एक गोली उन्हें लगी। उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि टीएमसी समर्थकों ने उन पर गोली चलायी। संजय दास पर इससे पहले भी हमले हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार नेशनल हाइवे 12 के पास कपिलेश्वर संतोषपुर में चाय की दुकान के पास संजय दास घायल अवस्था में मिले और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनका इलाज चल रहा है और वह खतरे से बाहर हैं।

05 मार्च: बीजेपी कार्यकर्ताओं पर बमों से हमला, 6 कार्यकर्ता घायल
दक्षिण 24 परगना जिले के रामपुर गांव में 05 मार्च की रात बीजेपी कार्यकर्ताओं पर बमों से हमला किया गया। इस हमले में बीजेपी के 6 कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। ये हमला उस समय किया गया, जब बीजेपी कार्यकर्ता एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद अपने घर लौट रहे थे। बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने दक्षिण 24 परगना में हुए बम धमाके के लिए टीएमसी के गुंडों को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि हमें डराने के लिए ये सब किया जा रहा है। लेकिन हम लोग डरने वालों में से नहीं हैं। इस घटना से इलाके में भारी तनाव का माहौल है।

27 फरवरी 2021: बीजेपी कार्यकर्ता की मां को बेरहमी से पीटा
उत्तरी 24 परगना के उत्तरी दमदम में बीजेपी कार्यकर्ता और उसकी मां के आवास पर टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने हमला किया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के गुंडों ने शनिवार 27 फरवरी, 2021 को देर रात गोपाल मजूमदार के घर में घुसकर उनकी बुजुर्ग मां को बेरहमी से पीटा। बीजेपी ने गोपाल मजूमदार की मां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है जिसमें बुजुर्ग महिला के चेहरे पर चोट के गंभीर निशान देखे जा सकते हैं। बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटे जाने की घटना की सोशल मीडिया पर हर किसी ने निंदा की। 

26 फरवरी, 2021: प्रचार वैन तोड़ गोदाम में घुस कर एलईडी बल्ब भी चुरा ले गए
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले 26 फरवरी, 2021 की रात को ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के गुंडों ने फूलबगान इलाके में भाजपा के गोदाम में घुसकर तोड़फोड़ की और पार्टी की पब्लिसिटी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके साथ ही वहां रखी कई कीमती वस्तुओं को भी उठा कर ले गए। बीजेपी का आरोप है कि ये सब टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने किया है। बीजेपी ने कहा कि टीएमसी के लोगों ने न सिर्फ गाड़ियां तोड़ी बल्कि कई चीजें चुराई भी। बीजेपी नेताओं ने मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इधर चुनाव आयोग ने बंगाल चुनाव तिथि की घोषणा की और तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने बिना डर के रात 11 बजे भाजपा के काड़पारा (कोलकाता) गोदाम में घुसकर LED गाड़ियां फोड़ी और LED भी खोलकर ले गए। शायद, गुंडों ने चुनाव आयोग को चुनौती दी है।

17 फरवरी, 2021: शुभेंदु अधिकारी के काफिले में शामिल शिबाजी रॉय पर जानलेवा हमला
पश्चिम बंगाल में 17 फरवरी को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी और उनके काफिले पर हमला किया गया जिसमें नॉर्थ कोलकाता के जिला अध्यक्ष शिबाजी सिंह रॉय गंभीर रूप से घायल हो गए। शिबाजी सिंह रॉय को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बुधवार को शुभेंदु अधिकारी, शंकुदेब पांडा और अन्य बीजेपी नेता फूलबगान इलाके में एक मेगा पब्लिक रैली में शामिल हुए। इसके बाद उनपर हमला किया गया जिसमें शिबाजी सिंह रॉय सहित कई नेता बुरी तरह जख्मी हो गए।

13 फरवरी, 2021: फिरोज कमाल गाजी की गाड़ी पर बमों से हमला
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ ही हिंसा भी बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हिंसा और आतंक के जरिए सत्ता में बने रहना चाहती है। बीजेपी से मिल रही कड़ी चुनौती से डरी ममता बनर्जी अब बीजेपी नेताओं पर हमले करवा कर ही है। 13 फरवरी को उत्तर 24 परगना जिले में बीजेपी नेता फिरोज कमाल गाजी उर्फ बाबू मास्टर की कार पर बमों से हमला किया गया। इसके बाद टीएमसी के 10-12 गुंडों ने गाड़ी को घेरकर गोलीबारी की। इस हमले में बाबू मास्टर बुरी तरह घायल हो गए। गंभीर हालत में उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बाबू मास्टर पर उस समय हमला किया गया, जब उत्तर 24 परगना में जिला पार्टी कार्यालय में एक बैठक में भाग लेने के बाद कोलकाता लौट रहे थे। इस हमले में बाबू मास्टर और उनका कार ड्राइवर घायल हो गया।

3 जनवरी, 2021: कृष्णेन्दु मुखर्जी पर अपराधियों ने चलायी गोली
3 जनवरी, 2021 को आसनसोल के हिल व्यू इलाक़े में बीजेपी के राज्य कमेटी के सदस्य और आसनसोल के बड़े प्रभावशाली नेता कृष्णेंदु मुखर्जी पर गोली चलायी गई। इस घटना में वे बाल-बाल बच गए। कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि जब मैं रविवार रात को कोलकाता से आसनसोल के हीरापुर स्थित अपने घर लौट रहा था, तभी तीन अज्ञात लोगों ने मेरे घर के पास मेरी कार रोकी और दरवाजे खोलने की कोशिश की। दरवाजा खोलने में नाकाम रहने पर उन्होंने वाहन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। मुझे आशंका है कि ये लोग तृणमूल कांग्रेस के गुंडे थे।

10 दिसंबर, 2020: जेपी नड्डा के काफिले पर हमला
पश्चिम बंगाल दौरे पर डायमंड हार्बर जा रहे बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय के काफिले पर दक्षिण 24 परगना में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हमला किया। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जेपी नड्डा के काफिले को रोकने की कोशिश की, इस दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी भी की। सुरक्षा एजेंसियों ने जेपी नड्डा के काफिले को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बुलेटप्रूफ कार में होने के कारण नड्डा को कुछ नहीं हुआ लेकिन कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल रॉय घायल हो गएं। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में टीएमसी गुंडों ने हम पर हमला किया। ऐसा लगा जैसे हम अपने ही देश में नहीं हैं.

9 दिसंबर, 2020: कोलकाता में जेपी नड्डा की सुरक्षा में चूक
इसके एक दिन पहले ही बुधवार, 9 दिसंबर को बीजेपी अध्यक्ष नड्डा के कोलकाता दौरे के दौरान सुरक्षा में गंभीर चूक का मामला सामने आया। उनके कार्यक्रम में पुलिस की कोई मौजूदगी नहीं थी और लाठी-डंडों से लैस टीएमसी के कार्यकर्ता कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश कर रहे थे। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने सुरक्षा चूक को लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय से शिकायत की।

7 दिसंबर, 2020: बीजेपी नेता कबीर बोस के घर पर हमला
ममता की पार्टी टीएमसी के गुंडों ने रविवार, 7 दिसंबर को पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रवक्ता और वकील कबीर शंकर बोस को उनके सेरामपोर के फ्लैट में बंद कर दिया। टीएमसी पुलिस के साथ मिल कर किसी को घर में उनके घुसने या बाहर निकलने से रोक उनकी कार को क्षतिग्रस्त कर दिया।

भाजपा नेता के सुरक्षाकर्मियों के साथ टीएमसी कार्यकर्ताओं के झड़प की वीडियो डीएनएन न्यूज ने साझा की है। ये वीडियो उस समय की है जब कबीर शंकर बोस अपनी कार को निकाल रहे थे।

12 नवंबर, 2020: बंगाल बीजेपी के चीफ दिलीप घोष के काफिले पर हमला
हाल ही में 12 नवंबर, 2020 को अलीपुरद्वार जिले में टीएमसी की गुंडागर्दी देखने को मिली, जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के काफिले पर हमला किया गया। हालांकि इस हमले में वो बालबाल बच गए, लेकिन कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं और काफिले में शामिल गाड़ियों के शीशे टूट गए और गाड़ियों को काफी नुकसान पहुंचा। कालचीनी से विधायक विल्सन चंपामारी की गाड़ी बुरी तरह हमले में क्षतिग्रस्त हो गई। उन्हें भी चोटें आईं। ताबड़तोड़ बरसाए गए पत्थरों के साथ ही भीड़ से काफिले को काले झंडे भी दिखाए गए।

 

8 अक्तूबर, 2020: ममता के शासन को देखकर याद आए 84 के दंगे
ममता राज में आम लोगों का अपनी आवाज उठाना भारी पड़ रहा है। राज्य में पुलिस ने एक सिख सुरक्षाकर्मी की बेदर्दी से पिटाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि पश्चिम बंगाल पुलिस भाजपा के नवान्न अभियान के दौरान एक सिख सुरक्षाकर्मी की पगड़ी उतारकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर रही है।

8 अक्तूबर, 2020: टीएमसी के साथ पुलिस की गुंडागर्दी
पश्चिम बंगाल में टीएमसी समर्थक आतंक मचाए हुए हैं। राज्य में बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या आम हो गई है। कार्यकर्ताओं की हत्या के खिलाफ 8 अक्तूबर को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ‘नबन्ना चलो’ आंदोलन किया। इस दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठियां बरसाईं। उनके ऊपर वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। पुलिसिया एक्शन में कई कार्यकर्ता घायल हो गए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने रंगीन पानी वाले वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिसमें केमिकल मिला हुआ था।

20 मई, 2020: सच दिखाने पर न्यूज चैनल के प्रसारण पर रोक
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सच दिखाने वाले मीडिया को भी प्रताड़ित कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक सच दिखाने पर ममता बनर्जी सरकार ने कलकत्ता न्यूज के प्रसारण पर बैन लगा दिया। कलकत्ता न्यूज के खिलाफ सच दिखाने पर कार्रवाई की गई। बकायदा केबल ऑपरेटर द्वारा इस न्यूज चैनल का प्रसारण बंद करा दिया गया। Calcutta Television Network Pvt. Ltd के तहत कलकत्ता न्यूज का प्रसारण किया जाता है। कलकाता न्यूज 24×7 न्यूज चैनल है। 

अप्रैल-मई, 2020: टीएमसी कार्यकर्ताओं की चुनावी गुंडागर्दी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की शह पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ वहां की पुलिस भी हिंसक वारदातों को अंजाम देने में जुटी है। प्रदेश में अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को दबाने के लिए पुलिस का धड़ल्ले से उपयोग किया है। खासकर अप्रैल-मई में लोकसभा चुनवा के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पुलिस का नंगा नाच सामने आया है। 

पांचवें चरण के मतदान के दौरान भारी हिंसा
पश्चिम बंगाल में हो रहे पांचवें चरण के मतदान के दौरान काफी हिंसा हुई। बैरकपुर लोकसभा के अंतर्गत मोहनपुर में टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने हिंसा को अंजाम दिया। लेकिन बंगाल पुलिस मूकदर्शक बनी रही। वहां से भाजपा प्रत्याशी अर्जुन सिंह ने टीमएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला कर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया।

चौथे चरण में बाबुल सुप्रियो की कार पर हमला
चौथे चरण में भाजपा के कब्जे वाले आसनसोल में तो टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के सांसद बाबुल सुप्रियो की कार पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। जबकि बंगाल पुलिस ने बाबुल सुप्रियो के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मतदान को प्रभावित करने के लिए पुलिस के संरक्षण में टीएमसी के कार्यकर्ता आसनसोल के बूथ संख्या 125 तथा 129 पर तो केंद्रीय सुरक्षाबलों से भिड़ गए।

तीसरे चरण में सीपीएम सांसद के काफिले पर हमला
तीसरे चरण के मतदान के दौरान वीरभूमि में टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने जमकर गुंडागर्दी की थी। वीरभूमि के इस्लामपुर क्षेत्र में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने सीपीएम के सांसद मोहम्मद सलीम के काफिले पर हमला किया। इस घटना के बात टीएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

दूसरे चरण में दार्जिलिंग में सर्वाधिक हिंसा पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के दौरान रायगंज सीट के सासंद और उम्मीदवार मोहम्मद सलीम ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले करने का आरोप लगाया। वहां के लोगों का कहना है कि बंगाल पुलिस उनकी सुनती नहीं बल्कि शिकायत करने पर उन्हें ही फंसा देती है।

पहले चरण में टीएमसी कार्यकर्ताओं का उत्पात
पहले चरण की वोटिंग में भी टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जमकर उत्पात मचाया। दिनहाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ कूचबिहार में लेफ्ट प्रत्याशी पर हमला किया गया। टीएमसी कार्यकर्ताओं को पुलिस का संरक्षण प्राप्त होने के कारण ही राज्य में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की बेरहमी से हत्या होती रही है, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं की। वह चाहे पेड़ से लटकाकर फांसी देने जैसा जघन्य अपराध का मामला हो या फिर दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं की हत्या

भाजपा नेताओं को रैली करने से रोका
एक तरफ ममता बनर्जी अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए धरने पर बैठती हैं तो दूसरी तरफ भाजपा के नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बंगाल में रैली करने के लिए उनके हेलिकाफ्टर को उतरने की इजाजत नहीं देती हैं। इससे पहले भाजपा नेता अमित शाह को भी रैली स्थल पर जाने के लिए हेलिकाप्टर उतरने की इजाजत नहीं दी। इससे साफ होता है कि ममता संविधान की रक्षा के नाम पर अपनी राजनीतिक जमीन को बचाने के अंतिम लड़ाई लड़ रही हैं।

14 मई, 2019: अमित शाह के रोड शो के दौरान पथराव
14 मई, 2019 को कोलकाता में बीजेपी के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान पथराव, आगजनी, लाठीचार्ज किया गया। बीजेपी कार्यकर्ताओं पर टीएमसी के गुंडों ने हमला कर दिया।

4 अक्तूबर 2018: पीएम मोदी की प्रशंसा पर एक शख्स के साथ मारपीट
पश्चिम बंगाल में हालात यह हो गए हैं कि अगर ममता बनर्जी के अलावा अन्य किसी नेता की तारीफ भी कर दी तो तृणमूल कांग्रेस के गुंडे मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। हुगली जिले में हरिभक्त मंडल नाम के शख्स के साथ बुरी तरह से मारपीट सिर्फ इसलिए की गई क्योंकि उसने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए फेसबुक पर पोस्ट किया था। नाराज तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हरिभक्त मंडल के घर पर धावा बोल दिया और उसके घर से बाहर खींच कर बुरी तरह मारा-पीटा। इतना ही नहीं पिटाई का विरोध करने पर मंडल की मां के साथ भी मारपीट की गई।

17 जुलाई 2018: प्रधानमंत्री मोदी की रैली को सुरक्षा नहीं दी
ममता ने संविधान और सिस्टम को तब भी ठेंगा दिखाया जब 17 जुलाई 2018 को मेदनीपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रैली की थी। राज्य सरकार ने ‘ब्लू बुक’ फॉलो नहीं किया। पीएम की सुरक्षा के लिए SPG को संसाधन नहीं दिए गए और रैली स्थल से पांच किलोमीटर तक स्थानीय पुलिस की तैनाती नहीं की गई। 

अप्रैल, 2018: भाजपा समर्थक महिला को निर्वस्त्र करने की कोशिश
साल 2018 के अप्रैल महीने में 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा की महिला कार्यकर्ता की सरेआम पिटाई की। महिला प्रत्याशी पर उस समय हमला हुआ जब वह बारुईपुर एसडीओ ऑफिस में नामांकन दाखिल करने पहुंची। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने महिला को सड़क पर पटक कर मारा और उसके साथ बदसलूकी की। उसे निर्वस्त्र तक करने की कोशिश की गई। हैरानी की बात है कि महिला कार्यकर्ता की मदद के लिए कोई आगे नहीं आया लोग वहां खड़े तमाशा देखते रहे।

लेफ्ट के दो पार्टी कार्यकर्ताओं को जिंदा जलाया
पंचायत चुनाव के दौरान बंगाल के रायगंज में तैनात चुनाव अधिकारी राजकुमार रॉय की हत्या इसलिए कर दी गई कि उसने निष्पक्ष चुनाव करवाने की कोशिश की। इसी तरह उत्तर 24 परगना में पंचायत चुनाव के दौरान ही सीपीएम के एक कार्यकर्ता के घर में आग लगी दी गई। इसमें कार्यकर्ता और उसकी पत्नी इसमें जिंदा जल गई। सीपीएम ने आरोप लगया कि इसमें टीएमसी का हाथ है।

लोकसभा चुनाव-2019 के दौरान हिंसा

  • टीएमसी के गुंडों ने बीजेपी नेता अरविन्द मेनन को पीटा
  • बीजेपी प्रत्याशी भारती घोष की गाड़ी पर हमला किया गया
  • हेमंत बिस्व सरमा और दिलीप घोष की गाड़ियों पर हमला हुआ
  • बीजेपी के बैरकपुर प्रत्याशी अर्जुन सिंह पर हमला किया गया
  • बीरभूममें बीजेपी नेता बाबुल सुप्रियो की गाड़ी में तोड़-फोड़ की गई

लोकतंत्र की हत्या

  • 7 दिसंबर, 2020 को सिलीगुड़ी में रैली के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार की गई और आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस की कार्रवाई में एक कार्यकर्ता की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
  • 21 अक्टूबर, 2020 को बर्धमान जिले के पुरबस्थली में कृषि कानून के समर्थन में रैली निकाल रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं पर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने अचानक हमला कर दिया। कई कार्यकर्ता बुरी तरह घायल हुए।
  • 8 अक्टूबर, 2020 को ‘नबन्ना चलो’ रैली के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठियां बरसाईं। पुलिसिया कार्रवाई में कई कार्यकर्ता घायल हो गए।
  • 8 अक्टूबर, 2020 को बंगाल पुलिस ने बीजेपी के नबन्ना अभियान के दौरान एक सिख सुरक्षाकर्मी की पगड़ी उतारकर उसकी बेरहमी से पिटाई की।
  • मई 2018 में पंचायत चुनाव के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हिंसक झड़पों में 11 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोगों के घायल हो गए।

बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या

लोकतंत्र में हिंसा का न तो कोई स्थान हो सकता है और न ही कोई उसका समर्थन कर सकता है। लेकिन पश्चिम बंगाल में लगातार राजनीतिक हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। टीएमसी की राजनीतिक हिंसा का शिकार होने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं की संख्या 100 के करीब पहुंच गई है। 

महिलाएं असुरक्षित

  • दक्षि‍ण 24 परगना जिले में बीजेपी नेता रूपा गांगुली पर टीएमसी के गुंडों ने हमला किया, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गईं।
  • पूर्वी मेदिनीपुर में बीजेपी नेता भारती घोष के काफिले पर टीएमसी के गुंडों ने हमला किया, जिसमें बीजेपी के कई कार्यकर्ता घायल हुए।
  • दक्षिण 24 परगना जिले में टीएमसी के गुंडों ने बीजेपी महिला मोर्चा की नेता राधारानी नस्कर को गोली मारकर गंभीर से घायल कर दिया।
  • हावड़ा में ममता बनर्जी का मीम पोस्‍ट करने पर बीजेपी युवा मोर्चा की महिला नेता प्रियंका शर्मा को गिरफ्तार किया गया।
  • पश्चिमी मेदिनीपुर के डेबरा में टीएमसी के गुंडों ने आदिवासी महिला और बीजेपी कार्यकर्ता मीना कराई की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी।
  • फरवरी 2020 में हल्दिया में मां और बेटी के साथ सद्दाम हुसैन और मंजूर मलिक नाम के दरिंदों ने रेप के बाद जलाकर मार डाला।
  • अप्रैल 2018 में दक्षिण 24 परगना जिले में टीएमसी के गुंडों ने बीजेपी की महिला कार्यकर्ता की पिटाई की और निर्वस्त्र करने की कोशिश की।
  • जुलाई 2017 में जारी एक गैर-सरकारी संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक मर्शिदाबाद जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में हिंदू महिलाओं को शिकार बनाया जा रहा है।

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