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मोदी राज में राजमार्गों का कायाकल्प: 12 घंटे में दिल्ली से मुंबई, हर साल 12000 करोड़ की कमाई

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार 2024 के विजय पथ पर तेजी से आगे बढ़ रही है। मोदी राज में हाईवे और एक्सप्रेस-वे की योजनाएं जिस तूफानी रफ्तार से पूरी हो रही हैं। उससे दुनिया के बड़े-बड़े देश भी हैरान हैं। सरकार की कोशिश है कि वर्ष 2024 तक 200 से अधिक मेगा प्रोजेक्ट्स बन कर तैयार हो जाएं। सड़कों और हाईवे का ऐसा जाल बिछे की एक शहर से दूसरे शहर की दूरी घंटों के बजाय चंद मिनटों में तय हो।

मिनटों में तय होगा घंटों का रास्ता

देश भर में कई सड़क परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे से दिल्ली से कटरा का सफर 6 घंटों में पूरा हो सकेगा। दिल्ली से चंडीगढ़, दिल्ली से देहरादून और दिल्ली से हरिद्वार को जोड़ने वाली सड़क को भी इसी हिसाब से तैयार किया जा रहा है कि इन शहरों तक दो घंटे में पहुंचा जा सकेगा। इसके अलावा दिल्ली से मेरठ का रास्ता 40 मिनट में तय होगा।

भारत में 63 लाख किलोमीटर रोड नेटवर्क है। यह दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा रोड नेटवर्क है। मोदी सरकार की योजना साल 2024 तक विश्व स्तर की 60 हजार किलोमीटर सड़कों का जाल बनाना है। सरकार की कोशिश 40 किलोमीटर प्रतिदिन की रफ्तार से राजमार्गो का निर्माण करना है।

देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए मोदी सरकार ने वर्ष 2020 से 2025 के बीच 111 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। देश में हाईवे और एक्सप्रेस-वे के निर्माण की रफ्तार कितनी तेज है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 25.54 किलोमीटर लंबी सड़क को 18 घंटों में बना कर विश्व रिकॉर्ड बना दिया। यह रिकॉर्ड एनएच-52 पर विजापुर और सोलापुर के बीच चार लेन हाईवे के निर्माण के दौरान बना।

मोदी सरकार का मेगा प्लान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, हर रोज नए रिकॉर्ड बना रहा है। इस एक्सप्रेस वे पर रफ्तार भी होगी, वर्ल्ड क्लास सुविधाएं भी और सफर का वक्त भी आधा हो जाएगा। लेकिन सबसे बड़ी बात है कि ये एक्सप्रेस-वे आने वाले वक्त में सरकार के खजाने में हर साल 12 हजार करोड़ रूपए का इजाफा करेगा।

तेजी से आगे बढ़ रहा मोदी सरकार का मेगा प्रोजेक्ट

वर्ष 2023 में इस एक्सप्रेस-वे के बन कर तैयार हो जाने की उम्मीद है, तब सरकार को हर महीने 1000 से 1500 करोड़ रुपयों की कमाई होगी। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेस-वे को दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे बताया जा रहा है। जिसे ‘भारतमाला परियोजना’ के तहत तैयार किया जा रहा है। 12 लेन वाले इस एक्सप्रेस-वे की लंबाई 1380 किमी है। मौजूदा प्लान के मुताबिक इसे मुंबई के जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट तक ले जाया जाना है।

विकास की रफ्तार को मिलेगी धार

देश के विकास को रफ्तार देने के लिए मोदी सरकार का ये मिशन, तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इसे वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए पूरा खाका तैयार है। इस एक्सप्रेस-वे को कई तरह की सुविधाओं से लैस किया जाना है । इनमें होटल, एटीएम, फूड कोर्ट्स, रिटेल शॉप्स, फ्यूल स्टेशंस और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन शामिल हैं।

ये देश का पहला एक्सप्रेस-वे होगा जहां हर 100 किलोमीटर पर हाईटेक सुविधाओं से लैस ट्रॉमा सेंटर बनाए जाएंगे। साथ ही इसे बनाने में पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा गया है, एक्सप्रेस वे पर ग्रीन कवर में 29 लाख पेड़ लगाने की योजना है। पूरे एक्सप्रेस वे पर हर 500 मीटर की दूरी पर रेनवॉटर हार्वेस्टिंग की सुविधा होगी, साथ ही ये देश के दूसरे बड़े एक्सप्रेस-वे और हाइवे से पूरी तरह कनेक्ट होगा। यह देश का पहला एक्सप्रेस-वे होगा जिसमें जंगली जानवरों के लिए वाइल्डलाइफ कॉरिडोर होंगे।

इस हाइवे पर 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से फर्राटा भरती गाड़ियां गुजरेंगी और महज 12 घंटों के सफर में दिल्ली से मुंबई पहुंचा जा सकेगा। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे के निर्माण में कुल 98,000 करोड़ रूपए खर्च होने का अनुमान है। लेकिन एक्सप्रेस-वे को बनाने के लिए सटीक प्लानिंग और हाईटेक तकनीक के इस्तेमाल की वजह से उम्मीद है कि महज 8 सालों में ही लागत की पूरी वसूली हो सकेगी।

पूरा हो रहा चमकते भारत का सपना

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत राजमार्ग निर्माण में सबसे तेज गति से विकास वाला देश बन गया है। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद से पिछले कुछ वर्षों में देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में तूफानी रफ्तार से तेजी आई है।

जुलाई 2020-21 तक देश में 37 किलोमीटर प्रतिदिन की रफ्तार से 13,327 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है। कांग्रेस की सरकारों के मुकाबले, मोदी सरकार में हाइवे निर्माण की रफ्तार बेहद तेज रही है।

देश भर में सड़कों का जाल बिछाने की तैयारी

देश में 22 ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर भी काम चल रहा है और जिसमें से सात एक्सप्रेस-वे पर काम शुरू भी कर दिया गया है। दिल्ली-जयपुर के बीच देश का पहला इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने का प्लान है। इससे दिल्ली से जयपुर का सफर महज दो घंटों में पूरा किया जा सकेगा।

दिल्ली-एनसीआर में भी तेजी से सड़कों का जाल बिछाने का काम हो रहा है। दिल्ली एनसीआर में 53 हजार करोड़ की लागत से सड़कों का जाल बिछाया जाना है, इसमें 15 प्रोजेक्ट में से 14 प्रोजेक्ट पर काम शुरू भी हो चुका है। दिल्ली में नए रिंग रोड का काम भी अगले साल शुरू होने वाला है।

दिल्ली मुंबई हाइवे पर स्मार्ट सिटी बनाने की सिफारिश की गई है। साथ ही दिल्ली कटरा एक्सप्रेस वे पर भी स्मार्ट सिटी बनाने की मांग जोर पकड़ रही है। साफ है कि मोदी राज में विकास की रफ्तार से देश की तस्वीर तेजी से बदल रही है और देश सुनहरे भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है।

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