Home विपक्ष विशेष MP के पूर्व सीएम दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह बोले- जब Rahul...

MP के पूर्व सीएम दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह बोले- जब Rahul Gandhi ही मना कर रहे हैं तो जबरन अध्यक्ष क्यों बनाया जा रहा है, राहुल पर उठे विरोधी स्वरों के बीच प्रियंका वाड्रा भी निशाने पर आई

283
SHARE

शादी का दूल्हा बने राहुल गांधी को मनाने-रूठने के बीच अब उनको अध्यक्ष बनाने पर सवाल कांग्रेस में ही उठने लगे हैं। यह सवाल भी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और वरिष्ठ कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने उठाया है। उन्होंने साफ कहा है कि कि जब राहुल गांधी स्वयं ही कह रहे हैं कि वो राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनना चाहते हैं, तो कुछ राज्यों के कांग्रेसियों द्वारा उनको जबरदस्ती अध्यक्ष बनाने की बेवजह वकालत क्यों की जा रही है ? कांग्रेस विधायक ने कहा कि राहुल गांधी ही नहीं, उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा भी यदि अध्यक्ष बनना चाहती हैं तो उनको भी नियमानुसार पार्टी प्रेसिडेंट का चुनाव लड़कर आना चाहिए।गांधी परिवार की छत्रछाया से दशकों बाद भी नहीं निकलना चाहते कांग्रेसी
दरअसल, कांग्रेस में राहुल गांधी की शरणागत होते हुए राजस्थान और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के बाद अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भी राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया है। राहुल गांधी खुद कई बार अध्यक्ष न बनने के लिए कह चुके हैं। हर बार राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और दिल्ली के कांग्रेसियों ने कहा है कि राहुल गांधी को अध्यक्ष बनने के लिए मनाया जाएगा। दरअसल, आजादी के इतने सालों के बाद भी आज भी कई वरिष्ठ कांग्रेसी गांधी परिवार की छत्रछाया से नहीं निकलना चाहते। यही वजह है कि कई सालों से कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद राहुल और सोनिया गांधी के बीच घूम रहा है और एक बार फिर राहुल की ताजपोशी की तैयारी हो रही है।

राहुल गांधी के अलावा पार्टी में अध्यक्ष पद के लिए कई काबिल नेता
इस बीच मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई ने राजस्थान-छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा है जब राहुल गांधी नहीं चाहते तो उनको जबरदस्ती का अध्यक्ष क्यों बनाया जा रहा है? कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने राहुल गांधी को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के छत्तीसगढ़ और राजस्थान कांग्रेस के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि जब राहुल गांधी खुद कह रहे हैं कि उनको राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनना है, तो कुछ नेता बेगानी शादी में अब्दुल्ला क्यों बन रहे हैं। पार्टी में राहुल के अलावा और भी कई काबिल लोग हैं। कोई ना कोई आगे आएगा और अध्यक्ष बनेगा। पार्टी किसी एक व्यक्ति से नहीं चलती। पार्टी राजनैतिक कार्यकर्ताओं से चलती है और कार्यकर्ता ही राष्ट्रीय अध्यक्ष तय करेंगे।गजब तुलना! राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव दस पंचायतों के चुनाव के ही बराबर 
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने को लेकर कांग्रेस में ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इससे पहले शशि थुरूर के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के संकेत मिले थे। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ने इंदौर में जो बयान दिया है उससे कई कांग्रेस नेताओं के पेट में पानी कुलबुलाने लगा है। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए सिर्फ 9 हजार वोट हैं। सीधा-सा गणित है कि जिसको ज्यादा वोट मिलेंगे, वो अध्यक्ष बन जाएगा। हम तो यही मानते हैं, ये बस दस पंचायतों के चुनाव के बराबर है। क्योंकि दस पंचायतों में 9-10 हजार वोटर ही तो होते हैं। वही चुनावों में विजेता का फैसला करते हैं। ऐसे ही कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में 9 हजार वोट ही तय कर देंगे कि अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष किसे बनना है?प्रियंका गांधी वाड्रा भी यदि अध्यक्ष बनना चाहती हैं तो उनको चुनाव लड़ना चाहिए
कांग्रेस विधायक ने राहुल गांधी के साथ-साथ प्रियंका गांधी को भी नहीं बक्शा। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार खुद मना कर रहा है। सोनिया गांधी पहले ही इस्तीफा दे चुकीं हैं। फिर क्यों लोग इस तरह का गलत माहौल बना रहे हैं। कांग्रेस में चुनाव हो रहे हैं, यदि प्रियंका गांधी अध्यक्ष बनना चाहतीं है तो वे भी चुनाव लड़ें। कांग्रेस जन यदि उन्हें अध्यक्ष बनाना चाहेंगे तो वोट डालकर जिता देंगे। जबरदस्ती किसी को अध्यक्ष नहीं बनाया जाना चाहिए। दरअसल राजस्थान और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के बाद अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भी राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया है।राहुल अध्यक्ष बने तो ही कांग्रेस एकजुट रहेगी- अशोक गहलोत
इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर गांधी परिवार से ही कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की जोरदार पैरवी की थी। सीएम गहलोत ने कहा था कि गांधी परिवार की देश में आज क्रेडिबिलिटी है, इसलिए हर व्यक्ति चाहता है गांधी परिवार का ही अध्यक्ष बने। उन्होंने दावा किया कि गांधी परिवार फैसला करते वक्त अपना पराया नहीं देखते, फैसला वही करते हैं जो पार्टी हित में हो। इसलिए सब कह रहे हैं कि राहुल गांधी अध्यक्ष बनें। हम सब लोग उनके पीछे इसलिए पड़े हैं कि राहुल गांधी अध्यक्ष बनेंगे तो ही पार्टी एकुजट रहेगी। गहलोत ने कहा कि वर्किंग कमेटी में राहुल गांधी ने कहा था कि अध्यक्ष नहीं बनूंगा, लेकिन कांग्रेस कहेगी वह काम करूंगा। हम चाहते हैं, वे अध्यक्ष बने,हम चुनौतियों का मुकाबला करेंगे।

 

 

Leave a Reply