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ओमिक्रॉन वैरिएंट का A to Z : केंद्र की चेतावनी के बाद किन राज्यों ने लगाई क्या पाबंदियां, PM Modi ने तीन जरूरतों पर फोकस किया, जानिए चार देशों और आठ राज्यों के हाल

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देश में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहम बैठक में देश भर में कोरोना की स्थिति, ओमिक्रॉन और स्वास्थ्य प्रणालियों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में कोरोना के नए वैरिएंट के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए प्रधानमंत्री का फोकस तीन अहम जरूरतों पर रहा। पहली- ऑक्सीजन की उपलब्धता, दूसरी- दवाओं का पर्याप्त स्टॉक और तीसरी सबसे अहम बात- टीककारण। पीएम ने बैठक में अब तक के हालात की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने अफसरों को दवाई और ऑक्सीजन के स्टॉक को बेहतर करने के निर्देश दिए।

राज्यों को जिलों में पॉजिटिव केस, डबलिंग रेट और क्लस्टर पर नजर रखने की सलाह
देश में ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान राज्यों को जिलों में पॉजिटिव केस, डबलिंग रेट और क्लस्टर पर नजर रखने की सलाह दी गई है. साथ ही राज्यों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है और सभी सावधानियों का पालन करने के लिए कहा गया है। राज्यों को त्योहारों पर स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी गई है। राज्यों से कहा गया है कि फुली वैक्सीनेशन गंभीर स्थिति यहां तक की ओमिक्रॉन और अस्पताल में भर्ती होने से रक्षा कर सकता है। ऐसे में डोर टू डोर वैक्सीनेशन कराया जाए।

पीएम मोदी ने दूसरी समीक्षा बैठक में महामारी के हालात की समीक्षा की
पीएम मोदी ने कहा कि नए वैरिएंट को देखते हुए हमें सतर्क और सावधान होना चाहिए। सरकार सतर्क है। बीमारी की रोकथाम और प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार राज्यों का पूरा सहयोग कर रही है। तत्काल और प्रभावी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, टेस्टिंग में तेजी, टीकाकरण में तेजी लाना और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। यह ओमिक्रॉन के सामने आने के बाद पीएम मोदी की दूसरी समीक्षा बैठक है। इससे पहले उन्होंने 28 नवंबर को भी बैठक कर देश में महामारी के हालात की समीक्षा की थी।

कुछ राज्यों ने क्रिसमस और न्यू ईयर के सेलिब्रेशन पर शिकंजा कसा

देश में ओमिक्रॉन केसेज का आंकड़ा 300 से ज्यादा हो गया है। ओमिक्रॉन के बढ़ते केसेज का ट्रेंड डेल्टा से तेज है। 2 दिसंबर से 23 दिसंबर तक केवल 22 दिन में ही ओमिक्रॉन के केसेज 300 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। डेल्टा की वजह से ही देश में भयावह दूसरी लहर आई थी। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि देश में ओमिक्रॉन तीसरी लहर की वजह बन सकता है। केंद्र सरकार की तरफ से राज्यों को दिए गए सुझाव के बाद शाम तक कई राज्यों ने अपने यहां सख्त पाबंदियां घोषित कर दीं। खासतौर पर क्रिसमस और न्यू ईयर के सेलिब्रेशन पर शिकंजा कस दिया गया है। मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में अब नाइट कर्फ्यू घोषित कर दिया गया है, जबकि कई राज्यों ने अपने यहां सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। आइये, जानते हैं देश के आठ प्रमुख राज्यों का हाल….

महाराष्ट्र : एक बार फिर स्कूल बंद, पब्लिक सेलिब्रेशन पर नई गाइडलाइंस
महाराष्ट्र में ओमिक्रान और कोरोना से सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं। इसे देखते हुए सरकार ने दोबारा स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। मुंबई नगर निगम ने क्रिसमस और न्यू ईयर के पब्लिक सेलिब्रेशन की नई गाइडलाइंस जारी की हैं। यहां अब आयोजन स्थल की 50 फीसद क्षमता तक ही लोग एकत्र हो पाएंगे। नासिक में टीकाकरण नहीं कराने वाले लोगों के मॉल्स और सरकारी आफिसों में घुसने पर रोक लगा दी गई है।

मध्यप्रदेश : 37 दिन के बाद नाइट कर्फ्यू की फिर से वापसी
राज्य में बढ़ते कोरोना केसों के चलते मध्यप्रदेश सरकार ने 37 दिन बाद दोबारा अपने यहां रात 11 से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। साथ ही सरकार ने कहा है कि जिम, कोचिंग, थिएटर, सिनेमा हाल, स्वीमिंग पूल में 18 साल उम्र से ज्यादा के उन्हीं लोगों को एंट्री मिलेगी, जिन्होंने वैक्सीन के दोनों डोज लगवा लिए हैं।

दिल्ली : राजधानी में क्रिसमस और नए साल के सेलिब्रेशन पर रोक
राजधानी में ओमिक्रॉन और कोरोना दोनों के केस बढ़ने के कारण दिल्ली में क्रिसमस और न्यू ईयर पर होने वाले सार्वजनिक उत्सव पर रोक लगा दी गई है। नए आदेश के मुताबिक, अगले आदेश तक किसी भी होटल, बार या रेस्टोरेंट में 50 फीसद व्यवस्था को ही मंजूरी होगी।

उत्तर प्रदेश : शादियों  पर सख्ती, आज रात के नाइट कर्फ्यू प्रभावी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में तत्काल रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू लगाने का निर्णय किया है। अब प्रदेश में रात 11 बजे से प्रात: पांच बजे तक रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू लागू होगा। इसके साथ ही अब शादी-विवाह आदि सार्वजनिक आयोजनों में कोविड प्रोटोकॉल का साथ अधिकतम 200 लोगों के भागीदारी की अनुमति होगी। इनके आयोजनकर्ता को स्थानीय जिला तथा पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना भी देनी होगी।

तेलंगाना : ओमिक्रॉन का धमाका, एक गांव से लॉकडाउन की शुरुआत
तेलंगाना में नए कोरोना वैरिएंट ओमिक्रॉन का ब्लास्ट हुआ है। राज्य में एक साथ ही ओमिक्रॉन के 38 केस मिले हैं। इसे देखते हुए सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। राज्य के गडेम नाम के गांव में एक ओमिक्रोन संक्रमित मिलने पर सबकी सहमति से 10 दिन के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया है।

कर्नाटक : चर्चों में बड़े पैमाने पर भीड़ जमा न हो, न्यू ईयर जश्न पर रोक
देश में एक बार फिर से कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रान के बढ़ते संक्रमण के चलते कर्नाटक सरकार ने भी सतर्कता शुरू कर दी है। कर्नाटक में 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक लगातार दूसरे साल नए साल का जश्न मनाने पर रोक लगा दी गई है। क्रिसमस के जश्न पर रोक नहीं है, लेकिन चर्चों में बड़े पैमाने पर भीड़ जमा होने पर रोक लगा दी गई है।

तमिलनाडु : होटलों-क्लबों में कोरोना वैक्सीनेशन कराने वालों को ही एंट्री
तमिलनाडु सरकार ने न्यू ईयर और क्रिसमस सेलिब्रेशन को लेकर कोई बड़ी पाबंदी नहीं लगाई है। लेकिन होटलों-क्लबों में केवल कोरोना वैक्सीनेशन कराने वालों को ही एंट्री दिए जाने की अनिवार्यता घोषित कर दी है। चेन्नई के समुद्री बीच पर भी सीमित संख्या में ही लोग न्यू ईयर सेलिब्रेट कर पाएंगे।


गुजरात : आठ प्रमुख शहरों में लगाया गया रात का कर्फ्यू
इस सप्ताह की शुरुआत में ही गुजरात सरकार ने 8 प्रमुख शहरों- अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा, गांधीनगर, भावनगर, जामनगर और जूनागढ़ में रात का कर्फ्यू (सुबह 1 से 5 बजे के बीच) 30 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान आधी रात तक खुले रह सकते हैं और रेस्टोरेंट भी 75 प्रतिशत क्षमता पर खुले रह सकते हैं। जिम भी 75 प्रतिशत क्षमता पर खुल रह सकती हैं।

विश्व के प्रमुख पांच देशों में डेल्टा और ओमिक्रॉन की स्थिति पर एक नजर

 

भारत : 22 दिन में ही ओमिक्रॉन के केस 2 से बढ़कर 325
भारत में दिसंबर 2020 के आखिर में डेल्टा वैरिएंट के मामले सामने आना शुरू हुए थे। 21 दिसंबर 2020 को जहां कुल केसेज में से 0.73% केसेज ही डेल्टा वैरिएंट के थे, वहीं करीब 2 महीने बाद 22 फरवरी तक बढ़कर 6.32% हो गए थे। इसके बाद से ही डेल्टा भारत में डोमिनेंट वैरिएंट,. हो गया था। मई 2020 तक 90% से ज्यादा केसेज के पीछे डेल्टा ही जिम्मेदार था। अभी दो दिसंबर को भारत में ओमिक्रॉन के पहले 2 केस मिले थे। 23 दिसंबर तक ओमिक्रॉन के केसेज का आंकड़ा 325 हो गया है। यानी 22 दिन में ही ओमिक्रॉन के केसेज में 2 से बढ़कर 325 पर पहुंच गए हैं।

अमेरिका : हर चौथा केस ओमिक्रॉन की वजह से आ रहा है
अमेरिका में 19 अप्रैल तक आ रहे कुल केसेज के 0.31% केसेज के पीछे डेल्टा वैरिएंट ही वजह था। जून अंत तक ये आंकड़ा बढ़कर 50% पर पहुंच गया। एक महीने बाद जुलाई अंत तक 90% से ज्यादा केसेज के पीछे डेल्टा जिम्मेदार था। अभी 29 नवंबर तक केवल 0.04% केसेज के पीछे ही ओमिक्रॉन जिम्मेदार था। 22 दिसंबर तक अमेरिका में हर चौथा केस ओमिक्रॉन की वजह से आ रहा है।

ब्रिटेन : जून तक 90% से ज्यादा केसेज के पीछे डेल्टा वजह था

इस साल 5 अप्रैल तक 0.10% केसेज ही डेल्टा की वजह से आ रहे थे, जो मई आखिर तक बढ़कर 74% हो गए। जून तक 90% से ज्यादा केसेज के पीछे डेल्टा वजह था। ओमिक्रॉन की वजह से ब्रिटेन में एक महीने के भीतर ही नए कोरोना केसेज ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 22 दिसंबर को ब्रिटेन में 1 लाख से ज्यादा नए केसेज आए हैं, जो एक दिन में सबसे ज्यादा केसेज का रिकॉर्ड है। 29 नवंबर तक ब्रिटेन में मिल रहे 0.17% नए केसेज के पीछे ओमिक्रॉन जिम्मेदार था, जो आंकड़ा अब बढ़कर 38% पर पहुंच गया है।

दक्षिण अफ्रीका : यहां 24 नवंबर को सबसे पहले ओमिक्रॉन डिटेक्ट हुआ
यहां पर मई की शुरुआत में जहां केवल 2% नए केसेज के पीछे ही डेल्टा जिम्मेदार था, जो 12 जुलाई तक बढ़कर 89% पर पहुंच गया था। दक्षिण अफ्रीका में 24 नवंबर को सबसे पहले ओमिक्रॉन डिटेक्ट हुआ था। 13 दिसंबर तक ओमिक्रॉन दक्षिण अफ्रीका में डोमिनेंट वैरिएंट बन गया है। फिलहाल 95% केसेज के पीछे ओमिक्रॉन ही जिम्मेदार है।

जर्मनी : कुल केसेज में से 9% केस के पीछे ओमिक्रॉन वजह
इस साल जर्मनी में 3 मई तक मिल रहे 0.69% केसेज के पीछे डेल्टा वैरिएंट वजह था। जुलाई आखिर तक ये आंकड़ा बढ़कर 90% पर पहुंच गया था। इसी तरह ओमिक्रॉन 29 नवंबर तक 0.15% केसेज के पीछे ही वजह था। 22 दिसंबर तक मिल रहे कुल केसेज में से 9% केसेज के पीछे ओमिक्रॉन वजह है।

तो क्या ओमिक्रॉन भारत में तीसरी लहर ला सकता है?
• ओमिक्रॉन की वजह से तीसरी लहर नहीं आने के पीछे एक वजह बताई जा रही है कि इससे संक्रमित ज्यादातर मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं है। लेकिन समझने वाली बात ये है कि ज्यादा लोगों का संक्रमित होना भी अपने आप में चिंता का विषय है।
• दूसरे देशों और भारत में ओमिक्रॉन ने जिस तरह से रफ्तार पकड़ी है उससे ये कहा जा सकता है। 24 नवंबर को डिटेक्ट हुआ ओमिक्रॉन अब तक 100 से ज्यादा देशों में फैल चुका है और धीरे-धीरे ये डॉमिनेंट वैरिएंट बनता जा रहा है।
• ओमिक्रॉन के स्पाइक प्रोटीन में 26-32 म्यूटेशन और रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन में 10 म्यूटेशन है। इन दोनों पैमानों पर डेल्टा के लिहाज से ओमिक्रॉन खतरनाक है। डेल्टा के स्पाइक प्रोटीन में 18 और रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन में 2 ही म्यूटेशन थे।
• 5 से ज्यादा स्टडी में ये बात सामने आई है कि ओमिक्रॉन वैक्सीन इम्यूनिटी को बाइपास कर सकता है। यानी इस पर वैक्सीन इतनी असरदार नहीं रहेगी जितनी डेल्टा या ओरिजिनल स्ट्रेन पर थी।
• ओमिक्रॉन से की स्टडी कहती है कि रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में ओमिक्रॉन डेल्टा या ओरिजिनल स्ट्रेन के मुकाबले 70 गुना ज्यादा तेजी से फैलता है। हालांकि, लंग संक्रमित लोगों में गंभीर मरीजों का शेयर भले ही कम हो लेकिन ज्यादा लोग संक्रमित होंगे तो गंभीर मरीज भी उसी अनुपात में बढ़ेंगे।
• ओमिक्रॉन पर नीति आयोग ने कहा है कि अगर भारत में ब्रिटेन की तरह ही केसेज बढ़े, तो भारत में रोजाना 13-14 लाख नए केसेज आ सकते हैं।
• ओमिक्रॉन पर हॉन्ग-कॉन्ग यूनिवर्सिटी टिश्यू में ये डेल्टा के मुकाबले 10 गुना कम तेजी से फैल रहा है।

 

 

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