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सोनिया-राहुल की रैली को बचाने के लिए गहलोत के मंत्री के अजब बोल-ओमिक्रॉन वेरिएंट डेल्टा को मारने आया है, उधर सरकार की सारी ‘गाइडलाइनें’ अभी अपनी रैली में व्यस्त हैं !

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ओमिक्रॉन की दस्तक के साथ ही देश-प्रदेश में कोरोना के केस बढ़ने लगे हैं। जयपुर में ओमिक्रॉन वैरिएंट के नौ केस मिलने के बावजूद राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ऐसे दिखा रही है, जैसे राजधानी में सब कुछ सामान्य है। इसकी बड़ी वजह यही है कि कांग्रेस को 12 दिसंबर को जयपुर में बड़ी रैली करनी है और इसमें सोनिया-राहुल आने वाले हैं। इसी के कारण सरकार ने हाईकोर्ट तक में कहा है कि ओमिक्रॉन घातक नहीं है। सरकार के मंत्री इससे भी एक कदम आगे जाकर ओमिक्रॉन को लेकर बेतुके बयान जारी कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि सरकार की सारी गाइड लाइनें अभी अपनी रैली में व्यस्त हैं राजधानी जयुपर में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं, इस खतरे के बीच कांग्रेस रैली करने पर अड़ी है। सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता रैली के बचाव में कई तरह के तर्क दे रहे हैं।

WHO बता रहा ओमिक्रॉन वैरिएंट घातक, जयपुर में एक लाख की रैली की तैयारियां
अब तक कई देशों में तेजी से फैल चुके ओमिक्रॉन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार चेतावनी जारी कर रहा है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक इससे पहले आए डेल्टा की तुलना में पांच गुना ज्यादा तेजी के फैलता है। कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचाव के लिए सभी उपाय करने की डब्ल्यूएचओ ने सलाह दी है। इसमें वैक्सीनेशन के अलावा मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने के लिए कहा है। ऐसे में जयपुर में लाखों की भीड़ जुटाने पर सवाल उठना लाजिमी है।

दोहरे मापदंड : डूंगरपुर में कोरोना के 6 केस पर कर्फ्यू, जयपुर में ओमिक्रॉन के 9 केस पर कंटेनमेंट जोन भी नहीं
ओमिक्रॉन वैरिएंट और कोरोना से बचाव के लिए राज्य में ही दो तरह के प्रावधान देखे जा रहे हैं। एक और तो डूंगरपुर में कोरोना के छह केस मिलने के बाद ही वहां कर्फ्यू की वापसी हो गई है। दूसरी ओर जयपुर में कोरोना के केस बढ़ने और ओमिक्रॉन वैरिएंट के नौ केस मिलने के बावजूद यहां पर कंटेनमेंट जोन तक नहीं बनाए गए हैं। इसी प्रकार जोधपुर प्रशासन ने कोरोना का हवाला देकर सहकारी समिति पीड़ित संघ को वहां रैली करने की इजाजत नहीं दी, दूसरी ओर जयपुर में एक लाख के ज्यादा कांग्रेसियों की रैली होने जा रही है।

रैली बचाने को सरकार ने कोर्ट में कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट घातक नहीं है
ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा सामने है, फिर भी जानबूझकर हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। रैली के खिलाफ हाईकोर्ट में लगी जनहित याचिका पर सरकार से जब जवाब मांगा गया तो सरकार ने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट घातक नहीं है । याचिका सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट है। ओमिक्रॉन वैरिएंट कितना घातक है, यह तो भविष्य में पता चल ही जाएगा, मगर अभी के शोध और डब्ल्यूएचओ कह रहा है कि यह वैरिएंट कई गुना ज्यादा तेजी से फैलता है।

हौव्वा खड़ा न करें, ओमिक्रॉन वैरिएंट बहुत कमजोर है : चिकित्सा मंत्री
इस बीच कांग्रेस की रैली के बचाव के लिए मंत्रियों के बयान आ रहे हैं। चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने बयान दिया है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट बहुत कमजोर है । इससे संक्रमित होने के बाद भी लोगों को कोई नुकसान नहीं है। इसलिए जयपुर में कंटेनमेंट जोन बनाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टाफ ने ओमिक्रॉन पॉजिटिव के संपर्क में आए सभी लोगों को ट्रैस कर लिया है। इसलिए ओमिक्रॉन वैरिएंट पर है।

ओमिक्रॉन पुराने खतरनाक वैरिएंट डेल्टा को मारने आया है : खाद्य मंत्री
कोरोना के नए वैरिएंट के खतरे के बीच राजधानी जयपुर में 12 दिसंबर को होने वाली कांग्रेस की रैली को लेकर गहलोत के एक अन्य मंत्री ने बेतुका बयान दिया है। खाद्य मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कोरोना के बीच रैली के सवाल पर कहा- ‘यह जो नया वैरिएंट ओमिक्रॉन आया है, वह पुराने खतरनाक वैरिएंट को मारने आया है।इसलिए यह कमजोर हो गया, ओमिक्रोन खतरनाक नहीं है।

हमें ओमिक्रॉन से डरना पड़ेगा, लेकिन कांग्रेस रैली वहीं करेंगे
खाचरियावास ने कहा कि मुझे यह एक भक्ति भाव वाले आदमी ने बताया है। उन्होंने कहा कि मेरा भी मानना है कि ओमिक्रॉन उतना पॉवरफुल नहीं है। अजीब सी बात लगेगी, लेकिन डेल्टा खतरनाक है। पहली लहर मे मैं खुद कोरोना का शिकार हो चुका हूं, लेकिन दूसरी लहर ज्यादा घातक थी। फिर भी हमें ओमिक्रॉन से डरना पड़ेगा। जहां तक रैली का सवाल है, इससे पहले ही कई मंत्री गाइडलाइन की बात कर रहे थे। हमें यह ध्यान रखना होगा कि जिंदगी चलाना भी बहुत जरूरी है। कोराना के बाद भूख से जंग हो रही है। हमें भूख से भी जंग लड़नी है।’

कोरोना पर पहले भी नेता दे चुके हैं गैर जिम्मेदाराना बयान
पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी ने पिछले सप्ताह ही कोरोना के लेकर कहा था कि नींबू के रस की बूंद नाक में डालने से कोरोना नहीं होता। इससे पहले कोरोना की दूसरी लहर से पहले टोंक सांसद सुखबीर सिंह जोनापुरिया ने कीचड़ और गोबर स्नान को कोरोना का इलाज बताया था।

कांग्रेस की पूर्व मेयर ने रैली को स्थगित करने के लिए सोनिया को लिखी चिठ्ठी
सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता रैली के बचाव में कई तरह के तर्क दे रहे हैं। इस बीच पूर्व मेयर और कांग्रेस नेता ज्योति खंडेलवाल ने रैली को स्थगित करने की मांग की है। ओमिक्रॉन और कोरोना के बीच कांग्रेस की रैली की खिलाफत अभी तो जनता ही कर रही थी, अब रैली के विरोध में कांग्रेस में भी आवाज उठने लगी है। जयपुर की पूर्व मेयर और सांसद चुनाव लड़ चुकी ज्योति खंडेलवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर जयपुर में होने वाली महंगाई के खिलाफ होने वाली रैली को स्थगित करने का सुझाव दिया है।

पहले से ज्यादा घातक नया वेरिएंट ओमिक्रॉन फैल सकता है
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे पत्र में पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल ने लिखा इस समय लगातार कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के राजस्थान में खास तौर पर जयपुर में काफी केस आए हैं. लोगों में दहशत का माहौल है. सीएम अशोक गहलोत ने भी चिंता जाहिर की है. यदि हम इस समय रैली करेंगे तो नया वेरिएंट जो कि पहले से ज्यादा घातक बताया जा रहा है फैल सकता है.

सीडीएस की शहादत के लिए 7 दिन तक कार्यक्रमों को स्थगित करें
उन्होंने कहा है कि हमें आम लोगों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए इस रैली को अभी हाल स्थगित करना चाहिए और अभी सोशल मीडिया के माध्यम से महंगाई के खिलाफ एक मुहिम चलानी चाहिए। ज्योति खंडेलवाल ने सीडीएस बिपिन रावत और सेना के 13 अफसरों की शहादत के बाद कम से बम 7 दिन तक सभी कार्यक्रमों को स्थगित करना चाहिए।

जयपुर में 12 दिसंबर को होगी कांग्रेस की रैली, सोनिया-राहुल आएंगे
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। दो माह तक वे क्वारंटाइन में रहे। दूसरी लहर में उनकी एंजियोप्लास्टी हुई। स्कूलों में भी कई बच्चे पॉजिटिव आने के बाद ऑनलाइन क्लास फिर के शुरू करने का फैसला किया गया, लेकिन अब कांग्रेस की विशाल रैली से प्रदेश पर कोरोना मामले बढ़ने का खतरा बढ़ रहा है। 12 दिसंबर को कांग्रेस की दिल्ली में होने वाली महंगाई हटाओ रैली अब जयपुर में होगी । इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी बड़े नेता शामिल होंगे और एक लाख से ज्यादा लोग जुटेंगे।

रैली की मंजूरी दिल्ली ने बढ़ते कोरोना के कारण नहीं दी थी
इसी रैली की मंजूरी दिल्ली ने बढ़ते कोरोना के कारण नहीं दी । अब इस रैली की मेजबानी राजस्थान सरकार करेगी। दिल्ली की जगह जयपुर को चुनने के पीछे एक वजह यह भी है कि सीएम अशोक गहलोत पहले भी प्रदेश में बढ़ी रैलियां कर चुके हैं। तैयारियों को लेकर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और राजस्थान प्रभारी अजय माकन जयपुर का दौरा कर चुके हैं।

प्रियंका के बाद अब सोनिया-राहुल भी पॉलिटिकल टूरिज्म पर
कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा उत्तर प्रदेश में पॉलिटिकल टूरिज्म पर जाती रहती हैं। इस बार उनके भाई राहुल गांधी और कांग्रेस की स्वयंभू अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पॉलिटिकल टूरिज्म के लिए राजस्थान को चुना है। सोनिया-राहुल को खुश करने के लिए रैली की तैयारियां शबाब पर हैं। कोरोना के बावजूद रैली में ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने के लिए 13 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति भी कर दी गई है। हालांकि पिछले सप्ताह भी माकन महंगाई हटाओ रैली की तैयारियों को लेकर जयपुर आए थे। उन्होंने पीसीसी में सभी मंत्रियों, विधायकों और कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक भी ली थी।

प्रदेश में पहले कैसे कोरोना फैला….ये देखिए ट्रेंड
ऐसा लगता है कि प्रदेश सरकार कोरोना का ट्रेंड भूल गई है। प्रदेश में जब भी चुनाव की रैलियों में भीड़ जुटी कोरोना का बड़ा अटैक हुआ है। पिछले साल पंचायत व निगम चुनाव प्रचार में कोरोना भी खूब फैला था. इसमें प्रदेश के चार विधायक, एक पूर्व सांसद व तीन पूर्व मंत्रियों की कोरोना से मौत हुई। यह तय माना जा रहा है कि इस तरह की बड़ी रैलियों के आयोजन से प्रदेश में एक बार फिर से कोरोना के केस बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व आधी कैबिनेट कोरोना संक्रमित हुई थी
सीएम से लेकर कैबिनेट के अधिकांश मंत्री कोरोना संक्रमित हुए हैं। सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा,  नरेंद्र बुढ़ानिया, मदन दिलावर, राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा, मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, मंत्री विश्वेंद्र सिंह, मंत्री हेमाराम चौधरी, राज्य मंत्री सुभाष गर्ग, विधायक अमीन कागजी, कृष्णा पूनियां, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व मंत्री गोपाल बाहेती, दीपेंद्र सिंह शेखावत, पीआर मीणा, रमेश मीणा, रामनिवास गावड़िया, रफीक खान, राजेंद्र पारीक, दानिश अबरार, पानाचंद मेघवाल, विधायक अशोक लाहोटी, पूर्व मंत्री कालीचरण सर्राफ,  और बाल आयोग की चेयरमैन संगीता बेनीवाल कोरोना संक्रमित हुए थे। नेताओं से मिलने वाले बहुत से लोग होते हैं, कई बार कोरोना संक्रमण लोगों से उन्हें हो जाता है तो कभी वे भी स्प्रेडर की भूमिका निभाते हैं।

दक्षिण अफ्रीका से आए चार लोगों समेत 9 ओमिक्रॉन पॉजिटिव
दक्षिण अफ्रीका से जयपुर वापस आए दो बच्चों समेत चार लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें ओमिक्रॉन का शक है, जांच जारी है। प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां दस दिन में ही एक्टिव मरीज दो गुने हो गए। 20 नवंबर को यहां पर एक्टिव रोगी 103 थे, जो अब 203 पहुंच गए। दस दिन में एक्टिव रोगी दो गुने किसी भी राज्य में नहीं हुए। दीवाली के बाद सिर्फ एक ही जिले में पॉजिटिव मिल रहे थे, गुरुवार को 9 जिलों में मिले। जयपुर में 20 नवंबर को 57 एक्टिव रोगी थे। अब 115 हैं। ओमिक्रान प्रभावित 11 देशों से अजमेर में 25 लोग पहुंचे। इतना सारा ट्रेंड और प्रमाण होने के बावजूद रैलियों से राजधानी जयपुर को ‘कोरोना जोन’ बनाने के प्रयास हो रहे हैं !!

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