Home समाचार मणिपुर में आजादी के बाद पहली बार ब्रॉड गेज लाइन पर हुआ...

मणिपुर में आजादी के बाद पहली बार ब्रॉड गेज लाइन पर हुआ पैसेंजर ट्रेन का सफल ट्रायल रन, राज्य के सीएम ने पीएम मोदी का जताया आभार

542
SHARE

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आधारभूत संरचना के विकास पर तेजी से काम हो रहा है, ताकि बिखरे हुए और दूरस्त क्षेत्रों को देश की मुख्यधारा से जोड़कर राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत किया जा सके। इसी क्रम में आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी पैसेंजर ट्रेन का मणिपुर के ब्रॉड गेज लाइन पर वैंगाईचुनपाओ तक सफल ट्रायल रन हुआ। असम के सिल्चर रेलवे स्टेशन से रवाना होकर पहली पैसेंजर ट्रेन मणिपुर के तमेंगलोंग जिले में स्थित वैंगाईचुनपाओ स्टेशन पहुंची। शुक्रवार (जुलाई 2, 2021) को इस पैसेंजर ट्रेन का पहला ऐतिहासिक ट्रायल रन सफलता के साथ पूरा किया गया था। ‘राजधानी एक्सप्रेस’ नाम की इस पैसेंजर ट्रेन को बीच में जिरीबाम रेलवे स्टेशन पर भी रोका गया। वहां पर ट्रेन के साथ आए अधिकारियों का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। इस दौरान वहां राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी फहराया गया।

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन वीरेन सिंह ने भी इसका स्वागत करते हुए इसे ‘ऐतिहासिक क्षण’ करार दिया। उन्होंने कहा कि मणिपुर की जनता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभारी है, क्योंकि उनके नेतृत्व में ही ये बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि मणिपुर का जिरीबाम रेलवे के नक़्शे पर है, लेकिन ब्रॉड गेज लाइन पर कार्य मोदी सरकार में शुरू हुआ। वैंगाईचुनपाओ से मणिपुर की राजधानी इम्फाल तक रेल लाइन के निर्माण का काम जारी है। इसके लिए इम्फाल में एक रेलवे टनल भी तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसका काम पूरा हो जाएगा।

विकास को गति, पर्यटन को बढ़ावा

मोदी सरकार की इस पहल से मणिपुर के लोग भी रेलवे के माध्यम से बाकी देश से और अच्छे से जुड़ जाएंगे और उनके लिए आवागमन सुगम हो जाएगा। किसान अपने उत्पादों को दूसरे राज्य के बड़े बाजार में कम लागत और समय पर भेज सकेंगे। इससे जहां इलाके में विकास की गति तेज होगी, वहीं पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मणिपुर में रेलवे के निटवर्क का विकास सामरिक दृष्टि से भी काफी महत्व रखता है। इम्फाल के जरिए म्यांमार सीमा पर मोरेह तक सेना की पहुंच हो जाएगी।

रेल नेटवर्क से जुड़ेंगी पूर्वोत्तर राज्यों की राजधानियां

मोदी सरकार के पिछले सात सालों में रेलवे ने पूर्वोत्तर भारत में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए काफी तेजी से काम किया है। पूर्वोत्तर क्षेत्र के व्यापक विकास की नीति के तहत उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में सभी राज्यों की राजधानियों को जोड़ने की योजना पर काम हो रहा है। इस समय उत्तर-पूर्व में असम, त्रिपुरा और अरुणाचल की राजधानियां पहले से ही रेल नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं और आने वाले वर्षों में इंफाल, आइजोल, कोहिमा, शिलॉन्ग और गंगटोक भी जुड़ जाएंगे।

Leave a Reply