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प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ फेक न्यूज फैलाते पकड़े गए देश के कई संपादक

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पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, लेकिन जब यही पत्रकार फेक न्यूज फैलाने में जुट जाएं तो पूरी पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हो जाता है। आज कुछ ऐसे ही बड़े पत्रकार प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ फेक न्यूज फैलाते हुए पकड़े गए हैं। ये पत्रकार डाटा पर झूठ बोलकर प्रधानमंत्री मोदी को घेरने में लगे हैं। पर देश की जनता इतनी समझदार है कि इनकी झूठ को एक पल में बेनकाब कर देती है। बुधवार, 12 फरवरी को पीएम मोदी ने टाइम्स नाउ के एक प्रोग्राम में कहा कि देश में बहुत सारे प्रोफेशनल्स अपने क्षेत्र में काफी बढ़िया काम रहे हैं और देश की सेवा कर रहे हैं, लेकिन ये भी एक सच्चाई है कि सिर्फ 2200 प्रोफेशनल ही सालाना इनकम को एक करोड़ से ज्यादा बताते हैं। देखिए वीडियो-

साफ है प्रधानमंत्री मोदी ने 2200 प्रोफेशनल टेक्सपेयर्स की बात की, लेकिन इन एजेंडा चलाने वाले पत्रकारों ने ट्वीटर पर कुछ और ही पेश किया।

एमके वेणु, द वायर के संस्थापक संपादक हैं। कोई भी ट्वीट जो मोदी सरकार के खिलाफ हो, एमके वेणु उसे तुरंत रीट्वीट करते हैं। मोदी सरकार को नकारात्मक और असफल बताने के लिए अक्सर लेख लिखना और ट्वीट करना इनका शौक है।

कई संस्थानों में काम कर चुकी सीनियर जर्नलिस्ट रोहिणी सिंह भी मोदी विरोधी ट्वीट करती रहती हैं। रोहिणी सिंह फिलहाल द वायर से जुड़ी हुई हैं।

कई अखबारों के लिए लिखने वाली रूपा सुब्रमण्या की भी पहचान एक प्रोपगेंडा पत्रकार के रूप में होती है।

स्वाति चतुर्वेदी कई समाचार पत्रों और वेबसाइट पर कांग्रेस की सोच को परोसने का काम करती हैं। 

अब ये लोगों के निशाने पर हैं और जमकर ट्रोल हो रहे हैं।

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