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2 महीने बाद देश में शुरू हुईं हवाई सेवाएं, शहरों में फंसे हुए लोगों को मोदी सरकार ने दी बड़ी राहत

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कोरोना संकट के समय मोदी सरकार लोगों को राहत देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में देश में दो माह बाद घरेलू उड़ानों का परिचालन शुरू किया गया है। इससे विभिन्न शहरों में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली है। यात्रियों को क्वारंटाइन किए जाने के मुद्दे को लेकर चल रहे विवाद पर मोदी सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार (24 मई) को गाइडलाइन जारी कर कहा कि राज्य यात्रियों को क्वारंटाइन करने के नियम खुद तय कर सकते हैं।

सुरक्षा के हर इंतजाम के साथ हवाई सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। एयरपोर्ट पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है, उन्हें सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

एयर होस्टेज भी पीपीई किट पहनी नजर आईं। यात्रियों को भी फेस शील्ड पहने देखा गया। 

लॉकडाउन और हवाई सेवाएं बंद होने से हजारों यात्री विभिन्न शहरों में फंसे हुए थे। हवाई सेवाएं शुरू होते ही उनमें अपने घर जाने की खुशी साफ झलक रही थी। पुणे एयरपोर्ट पर दिल्ली से आई एक महिला ने बताया कि दिल्ली से पुणे की पहली फ्लाइट में वापस आई हूं। मैं 12 मार्च से दिल्ली में फंसी हुई थी। बच्चे को साथ लेकर ये मेरी पहली यात्रा है। यात्रा अच्छी रही किसी भी तरह की परेशानी नहीं हुई। वहीं पटना एयरपोर्ट पर लोग अपनी फ्लाइट में सवार होने के लिए पहुंचे। एक महिला ने बताया, ‘मैं ढाई महीने से यहां फंसी हुई थी,अब मैं अपने घर दिल्ली जा रही हूं तो मैं बहुत खुश हूं।’

स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिशा-निर्देश जारी कर यात्रियों को अपने मोबाइल पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी है। इसमें यह भी कहा गया कि हवाईअड्डों पर सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने संबंधी जरूरी कदम भी उठाए जाएं। सभी यात्रियों को सुरक्षात्मक गियर पहनना होगा जैसे मास्क, दस्ताने आदि। यात्रियों को प्रस्थान के निर्धारित समय से 2 घंटे पहले एयरपोर्ट पर पहुंचना होगा और अगले 4 घंटों में प्रस्थान करने वाले यात्रियों को ही टर्मिनल भवन में प्रवेश करने की अनुमति होगी।

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने घरेलू उड़ानों, ट्रेन और बस यात्रा के लिए क्वारंटाइन गाइडलाइन जारी कर राज्यों और हवाई यात्रियों की मुश्किलें काफी हद तक दूर कर दीं। इसमें कहा गया है कि यात्रा की समाप्ति पर अगर यात्रियों में कोरोना के लक्षण मिलते हैं तभी उन्हें क्वारंटाइन किया जाए। लेकिन राज्य चाहें तो इसमें बदलाव कर स्वयं निर्णय ले सकते हैं किन्हें क्वारंटाइन करना है, किन्हें नहीं या फिर सभी यात्रियों को क्वारंटाइन करना है। राज्य सरकारें अपनी जरूरत के हिसाब से क्वारंटाइन और आइसोलेशन के प्रोटोकाल तय कर सकती है।

रविवार (24 मई) दोपहर तक यह तय नहीं था कि देश के व्यस्ततम हवाई अड्डों में शुमार मुंबई, कोलकाता और चेन्नई से विमानों की आवाजाही शुरू हो पाएगी या नहीं। हालांकि केंद्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अधिकारियों की अगुवाई कर राज्यों को मनाने की कमान संभाली और देर शाम तक बैठकों के लंबे दौर के बाद सभी सरकारों को मना लिया गया। पुरी ने खुद रविवार रात को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्यों के संदेहों को दूर करने के लिए बैठकों का लंबा दौर चला। नागर विमानन मंत्रालय के कार्यालय में राज्यों के प्रतिनिधियों, एय़रलाइन और हवाई अड्डों के निदेशकों के बीच कई दौर का विचार-विमर्श हुआ।

बता दें कि कोलकाता हवाई अड्डे से 25 से 27 मई तक किसी घरेलू उड़ान का परिचालन नहीं किया जाएगा, 28 मई से प्रतिदिन 20 उड़ानों का संचालन किया जाएगा। वहीं मुंबई हवाई अड्डे पर प्रतिदिन 50 उड़ानों और हैदराबाद हवाई अड्डे पर प्रतिदिन 30 उड़ानों का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम से मंगलवार से सेवाएं शुरू होंगी। बागडोगरा हवाई अड्डे से 28 मई से प्रतिदिन 20 उड़ानों का संचालन किया जाएगा।

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