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कट्टर ईमानदार केजरीवाल चुनावों में करते हैं टिकट बेचने का धंधा, इन 6 घटनाओं से जानिए सच्चाई

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भ्रष्टाचार के खिलाफ सौ-सौ कसमें खाने वाले आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल किस तरह चुनाव दर चुनाव टिकट बेचने का गोरखधंधा चला रहे हैं यह अब किसी से छिपा नहीं है। केजरीवाल लाख कहते रहें आम आदमी पार्टी में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं है। लेकिन लोग यह जान गए हैं कि आम आदमी पार्टी में पैसे लेकर टिकट बेचने की रीत पुरानी हो गई है। दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, गुजरात और अब एमसीडी चुनाव हर जगह कहानी एक सी है। क्या केजरीवाल की ईमानदारी की यही निशानी है। पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान जब बड़े पैमाने टिकट बेचे जाने के आरोप लगे तो उस वक्त दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि यदि आरोप साबित हो गया तो भ्रष्टाचार करने वाले को वो जेल भेज कर रहेंगे। अगर राजनीति में यू टर्न को लेकर कोई अवॉर्ड होता तो निश्चित तौर पर ये सम्मान आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ही मिलता। सच्चाई तो यही है कि आरोप लगाकर राजनीति में एंट्री करने वाले अरविंद केजरीवाल अब खुद सबूतों की दुहाई दे रहे हैं। यही नहीं केजरीवाल आम आदमी पार्टी पर लगे आरोपों को साबित करने के लिए सबूत मांगने में जुटे हैं। सवाल ये है कि केजरीवाल अब आरोपों को साबित करने की चुनौती क्यों दे रहे हैं? क्या आरोपों की राजनीति करने वाले केजरीवाल अपने ही जाल में फंस गए हैं? क्या अब सबूतों की सियासत करके केजरीवाल आरोपों से बचना चाहते हैं।

पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवालने पार्टी टिकट बेचे जाने के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्‍होंने कहा कि 1947 से लेकर आजतक की सबसे ईमानदार पार्टी AAP है। हमने एक भी टिकट नहीं बेची। अगर कोई साबित कर दे कि टिकट बेची तो बेचने और खरीदने वाले को तुरंत पार्टी से निकालूंगा। यहीं नहीं, उनका जहन्नुम तक पीछा नहीं छोडूंगा। आजकल कीचड़ उछालने का फैशन है। कीचड़ हम पर उछाला जा रहा है। अगर किसी ने ऊलजुलूल आरोप लगाया तो उसको भी नहीं छेड़ेंगे। केजरीवाल ने कहा, ‘राजेवाल साहब की बहुत इज्जत करता हूं। वे मेरे घर आए थे। उन्होंने एक ऑडियो क्लिप दी, उसमें दो लोग बात कर रहे हैं कि केजरीवाल पैसे खाता है, सिसोदिया पैसे खाता है, राघव चड्ढा 5 स्टार होटल जाता है। यह तो सबूत नहीं हुआ न, राजेवाल साहब भोले आदमी हैं, उन्हें गुमराह किया जा रहा है।

इन 6 घटनाओं से जानिए सच्चाई कि केजरीवाल किस तरह टिकट बेचने का गोरखधंधा करते हैं-

मई 2019 – आप प्रत्याशी के बेटे का दावा- पिता ने टिकट के लिए केजरीवाल को 6 करोड़ रु. दिए

2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम दिल्ली सीट से आप प्रत्याशी बलबीर जाखड़ के बेटे ने दावा किया है कि उनके पिता ने टिकट के बदले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 6 करोड़ रुपए दिए हैं। जाखड़ के बेटे उदय ने कहा, “उनके पास इसके विश्वसनीय सबूत भी हैं।” उदय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया, ”मेरे पिता बलबीर जाखड़ कभी अन्ना आंदोलन या आप से नहीं जुड़े। वे जनवरी में ही राजनीति में आए। उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट मिल रहा है। इसके लिए उन्होंने 6 करोड़ रुपए केजरीवाल और गोपाल राय को दिए। उदय ने बताया था कि जब मैंने अपने पिता से कहा था कि पढ़ाई के लिए पैसों की जरूरत है, तो उन्‍होंने मना कर दिया। उन्होंने सोचा कि वे इस पैसे का इस्तेमाल चुनाव में कर पाएंगे। इस खुलासे के बाद मुझे नहीं पता मेरा क्या होगा? मेरा परिवार मुझे अपनाएगा या नहीं। मुझे नहीं पता। उल्लेखनीय है कि पश्चिमी दिल्ली से आप ने बलबीर जाखड़, कांग्रेस ने महाबल मिश्रा और भाजपा ने मौजूदा सांसद प्रवेश वर्मा को टिकट दिया था।

जनवरी 2020- AAP विधायक ने केजरीवाल पर लगाया टिकट बेचने का आरोप, बताया देश की सबसे भ्रष्ट पार्टी

दिल्ली के बदरपुर से कांग्रेस के पूर्व विधायक राम सिंह नेताजी को टिकट दिए जाने से नाराज आप विधायक एनडी शर्मा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने प्रेसवार्ता कर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर कई आरोप लगाते हुए निशाना साधा। एनडी शर्मा ने आरोप लगाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री ने बदरपुर विधानसभा का टिकट 21 करोड़ रुपये में राम सिंह नेता जी को बेचा है। शर्मा ने कहा था कि मनीष सिसोदिया जी ने अपने घर पर बुलाकर कहा- ”आपके यहां से 21 करोड़ रुपये देकर राम सिंह नेताजी टिकट चाह रह है। आप पार्टी की फाइनेंसली कितनी मदद करेंगे। तो मैंने कहा कि जहां करोड़ों में बात हो रही है तो मैं तो सोच भी नहीं सकता।” एनडी शर्मा ने कहा कि बदरपुर में आप को कोई नहीं जानता था, तब तमाम कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उन्होंने गली-गली पोस्टर लगाए और घर-घर जाकर पार्टी की पहचान बनाई और इस मुकाम तक पहुंचाया। विधायक ने पार्टी को देश की सबसे भ्रष्ट पार्टी करार दिया।

जनवरी 2020- केजरीवाल ने द्वारका का टिकट 10 करोड़ में बेचाः आदर्श शास्त्री

द्वारका से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक आदर्श शास्त्री ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर 10 से 20 करोड़ रुपए लेकर दिल्ली विधानसभा चुनाव टिकट बेचने का गंभीर आरोप लगाया। आदर्श शास्त्री ने कहा कि सीएम केजरीवाल ने विधानसभा चुनाव का टिकट 10 करोड़ रुपये में बेचा। टिकट कटने से नाराज़ आम आदमी पार्टी से द्वारका के विधायक आदर्श शास्त्री कांग्रेस में शामिल हो गए। केजरीवाल ने आदर्श शास्त्री की जगह कांग्रेस छोड़कर ‘आप’ में आए विनय कुमार मिश्रा को टिकट दे दिया था। विनय मिश्रा कांग्रेस के पूर्व सांसद महाबल मिश्रा के बेटे हैं। विनय मिश्रा को पार्टी जॉइन करने के अगले दिन ही टिकट मिल गया था। इस बात से आदर्श शास्त्री नाराज चल रहे थे कि एक ‘बाहरी’ को टिकट दे दिया गया। कांग्रेस में शामिल होने के बाद आदर्श शास्त्री ने कहा कि बहुत कुछ सोचकर आम आदमी पार्टी में शामिल हुआ था, लेकिन यहां भ्रष्टाचार देखकर मन क्षुब्ध हुआ। उन्होंने सीएम केजरीवाल को तानाशाह करार दिया। आदर्श शास्त्री ने कहा कि केजरीवाल विधायकों को मिलने का समय नहीं देते। ऐसे में कोई भी अपना स्वाभिमान बेचकर वहां नहीं रह सकता। वह ईमानदारी का ढोंग करते हैं। जिस महाबल मिश्रा को 70 हजार वोट से हराया था, उसी के बेटे को 10 करोड़ में टिकट बेच दिया। विधानसभा चुनाव से पहले एमसीडी चुनाव में भी टिकटें बेची गई थीं।

जनवरी 2022 –पंजाब में टिकट बेचने के आरोपों में घिरी AAP

पंजाब विधानसभा चुनाव में पैसे लेकर टिकट बेचने के आरोप के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि यदि आरोप साबित हो गया तो भ्रष्टाचार करने वाले को वो जेल भेज कर रहेंगे। पंजाब में आम आदमी पार्टी AAP पर उसके ही यूथ विंग के अध्यक्ष ने टिकट बेचने का संगीन आरोप लगाया था। इन्हीं आरोपों की वजह से दिल्ली में आप के विधायक राघव चड्ढा को चंडीगढ़ में विरोध का सामना करना पड़ा और प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर भागने की नौबत आई। उसके बाद अरविंद केजरीवाल इन आरोपों से खुद को पाक साफ दिखाने के लिए तमाम तिकड़म में जुट गए। केजरीवाल ने पार्टी टिकट के बदले पैसे लिये जाने के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि आप में ऐसा नहीं होता। उन्होंने कहा, ”यदि कोई यह साबित कर देता है कि किसी ने टिकट बेचे और किसी ने उन्हें खरीदा तो मैं 24 घंटे के अंदर उन्हें पार्टी से बाहर निकाल दूंगा। मैं कुछ भी बर्दाश्त कर सकता हूं, लेकिन भ्रष्टाचार को नहीं।” राघव चड्ढा ने अपनी सफाई में कहा, ”आप ईमानदार पार्टी है। वोट खरीदने के लिए पैसे नहीं देती, न ही शराब बांटती है। एक पर्चा आप ने बांटा है जिस पर लिखा है कि सारी पार्टियों से पैसे लो पर वोट झाड़ू को दो। अकाली दल कांग्रेस और बाकी पार्टियों ने इस पर आपत्ति जाहिर की है। ये पर्चा हमने (आप) नहीं छपवाया। ये पर्चा पंजाब के लोग छपवा रहे हैं और बांट रहे हैं।

नवंबर 2022- नहीं मिला टिकट तो टावर पर चढ़ गए AAP नेता, कहा- 3 करोड़ में बिका है टिकट

दिल्ली नगर निगम का टिकट न मिलने से नाराज हसीब उल हसन शास्त्री पार्क इलाके में टावर पर चढ़ गए। काफी देर तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद उनको नीचे उतारा गया। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी ने उनसे सभी जरूरी ओरिजनल दस्तावेज जमा करवाए, लेकिन दिल्ली नगर निगम चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया। हसीब-उल-हसन आप के पूर्व पार्षद रह चुके हैं। हालांकि तब आप की तरफ से उसे मनोनीत किया गया था। हसन को उम्मीद थी कि इस बार के चुनाव में पार्टी उसे टिकट देगी, लेकिन जब टिकट की लिस्ट में उसका नाम नहीं दिखा तो वो आम आदमी पार्टी पर आग बबूला हो गया। वो शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचा और एक ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया। आप नेता ने पार्टी पर आरोप लगाया कि टिकट के तीन करोड़ रुपये मांगे गए थे, जो उसके पास नहीं थे, इसलिए उसे टिकट नहीं मिला। उसकी जगह पर इलाके के माफिया को टिकट दिया गया है।

नवंबर 2022- AAP विधायक के रिश्तेदार ने 90 लाख रुपये में टिकट बेचे

अब आप के माननीय विधायक एक महिला को नगर निगम चुनाव में पार्षद की टिकट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये हजम करते सुर्खियों में आए हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आप विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी के साले, पीए समेत तीन लोगों को 55 लाख रूपये टिकट दिलाने के नाम पर लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। तीनों पर रुपये लेकर पार्षद का टिकट नहीं दिलाने का आरोप है। महिला ने आरोप लगाया है कि लाखों रुपये आप विधायक के नाम पर ही दिए हैं। ब्यूरो की टीम रिश्वत के इस मामले में आप विधायक की भूमिका की जांच कर रही है। दिल्ली की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने आप विधायक के पीए विशाल पांडेय और रिश्तेदार शिव शंकर पांडेय व ओम सिंह को गिरफ्तार किया है। इन तीनों पर एक महिला से पार्षद का टिकट दिलाने के लिए 90 लाख रुपये मांगने का आरोप है।

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