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ग्रामीण भारत से स्टार्ट अप तक : PM मोदी की डिजिटल क्रांति से न्यू इंडिया का सपना हो रहा साकार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर एक क्षेत्र में तेजी से नई ऊंचाईयों की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री का विजन है कि देश के 130 करोड़ लोगों को जोड़ने के लिए Highways के साथ i-ways भी बनाने होंगे और इस विजन को लेकर भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। ग्रामीण भारत से स्टार्ट अप तक तेजी से डिजिटलीकरण हो रहा है। नवीनतम आंकड़ें के मुताबिक 1.67 करोड़ से अधिक किसान e-NAM पोर्टल से जुड़ चुके हैं जबकि 3.59 करोड़ से ज्यादा लोगों ने डिजिलॉकर में रजिस्ट्रेशन किया है। इसके अलावा 1.35 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है और 28 हजार से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप और 3.65 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर कार्यरत हैं।

डिजिटल क्रांति से New India का सपना साकार

  • 1.67 करोड़ से अधिक किसान e-NAM पोर्टल से जुड़े
  • 3.59 करोड़ से ज्यादा लोगों ने डिजिलॉकर में किया रजिस्ट्रेशन
  • 1.35 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया
  • 28 हजार से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप कार्यरत
  • 3.65 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर कार्यरत

बजट में डिजिटल इंडिया के लिए बड़ी घोषणा 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी 2020 को पेश अपने बजट में डिजिटल इंडियाा के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी, पुलिस स्टेशन से लेकर बड़े-बड़े ऑफिस को डिजिटल से जोड़ा जाएगा। इस काम के लिए 6 हजार करोड़ रुपये भारत नेट प्रोग्राम के अंतर्गत दिए जाएंगे। क्वांटम टेक्नॉलजी पर अगले पांच साल में 8 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

डेबिट कार्ड के बजाए UPI से अधिक भुगतान

देश में पहली बार डेबिट कार्ड के मुकाबले यूपीआई से अधिक भुगतान हुआ है, जिसके बदौलत डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत भारत ने लंबी छलांग लगाई है। भारत में यूपीआई से लेन देन करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। नवंबर 2019 के आंकड़ों के मुताबिक देश में पहली बार डेबिट कार्ड के मुकाबले यूपीआई से भुगतान किया गया है। 2018-19 में डेबिट कार्ड से 4.41 अरब का भुगतान हुआ है, जबकि यूपीआई के जरिए 5.35 अरब का भुगतान किया गया है। यानि की 2018-19 में यूपीआई से करीब 1 अरब का भुगतान ज्यादा हुआ है।

यूपीआई से लेन देन में बढ़ोतरी

देश में यूपीआई के जरिए लगातार लेन-देन बढ़ रहा है। यह काफी सुविधाजनक और तेज सर्विस वाला पेमेंट सिस्टम है। इस सिस्टम किसी की खाता संख्या जाने बिना ही दो बैंक खातों के बीच भुगतान की सुविधा मिलती है। एक आंकड़े के मुताबिक इसी साल जनवरी में भारत में 2.16 लाख करोड़ रुपये की कुल 1.3 अरब लेन-देन यूपीआई के जरिये हुईं। इस समय भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम की BHIM ऐप के अलावा Google Pay, Paytm और PhonePe जैसे प्राइवेट कंपनियों के ऐप सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले UPI प्लेटफॉर्म हैं।

भारत में सबसे सस्ता डेटा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मजबूत इच्छाशक्ति के कारण आज भारत में सबसे सस्ता दर पर इंटरनेट डेटा उपलब्ध है। मार्च 2019 की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में एक जीबी मोबाइल डाटा की औसत कीमत 0.26 डॉलर है। जबकि ब्रिटेन में यह औसत 6.66 डॉलर और अमेरिका में 12.37 डॉलर है। कंपनी ने यह आंकड़े 230 देशों में मोबाइल इंटरनेट की दरों का आकलन करके जारी की है। सस्ते डाटा की इस रेस में भारत ने अमेरिका जैसे देशों को भी पीछे छोड़ दिया है। जियो की मार्केट में एंट्री के बाद से ही सभी टेलिकॉम कंपनियों के बीच प्राइस वॉर छिड़ गई है और यह वॉर अब तक जारी है।

विश्व रैंकिंग में 4 स्थान की छलांग

सितंबर 2019 में  Institute for Management Development  द्वारा जारी विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में भारत विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धा के मामले में चार पायदान उछलकर 44वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत ने  ज्ञान, प्रौद्योगिकी और भविष्य की तैयारी के मामले में बहुत ही अच्छा सुधार दर्ज किया है। आईएमडी की ओर से तैयार की गई सूची में अमेरिका को शीर्ष स्थान पर रखा गया है।

डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय 

डिजीलॉकरडिजिटल लॉकर स्कीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इंटरनेट आधारित इस सेवा के जरिए आप जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे अहम दस्तावेजों को ऑनलाइन रख सकते हैं। इसके लिए आपके पास आधार कार्ड होना चाहिए। आधार नंबर के इस्तेमाल से आप अपना डिजिटल लॉकर खोल सकते हैं। डिजिटल लॉकर स्कीम का उद्देश्य दस्तावेजों के कागजी रूप को कम करना है। इसके अलावा इससे एजेंसियों के बीच ई-दस्तावेजों के आदान-प्रदान का चलन बढ़ाना भी एक मकसद है।

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टलयह पूरी छात्रवृत्ति प्रक्रिया को लागू करने का एकमात्र समाधान है। इस वेबसाइट में आप विभिन्न केन्द्रीय और राज्य मंत्रालयों, सरकारों और अन्य एजेंसियों द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न छात्रवृत्ति के लिए, आवेदन के साथ पंजीकरण भी कर सकते हैं। आप ऑनलाइन प्रक्रिया के साथ ऑनलाइन आवेदन प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना छात्रवृत्ति को लाभार्थियों के खातों में धन के वितरण को प्रभावी और तेजी से भेजने में मदद करती है।

ई-हॉस्पिटल/ओआरएसयह सेवा विशेष सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों के साथ ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने की सुविधा देती है। इसका उद्देश्य आम आदमियों को कई घंटों तक इंतजार करने या डॉक्टरों की तलाश में अस्पतालों में घूमने से राहत प्रदान करना है। रोगी अपनी रिपोर्ट को ऑन-लाइन भी देख सकता है। ये सेवा एन.आई.सी. की क्लाउड सेवाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है| ये सेवा उपभोक्ता के आधार नंबर पर आधारित व्यक्तिगत जानकारी KYC का प्रयोग कर विविध अस्पतालों के विविध विभागों के साथ अपॉइंटमेंट की सुविधा उपलब्ध करवाती है। 

ई-हस्ताक्षर- ई-साइन या इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर एक आधार कार्ड धारक को सुविधा देता है, जो एक दस्तावेज पर डिजिटली रूप से हस्ताक्षर करता है, जिसे सेवा वितरण अनुप्रयोगों के साथ एकीकृत किया जा सकता है। ई-हस्ताक्षर को आधार ई-केवाईसी सेवा के माध्यम से हस्ताक्षरकर्ता के प्रमाणीकरण का उपयोग कर डिजिटल हस्ताक्षर को लागू करने के लिए बनाया गया है। 

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