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सामाजिक न्याय के लिए समर्पित मोदी सरकार, एससी, एसटी और ओबीसी का सर्वांगीण विकास

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सामाजिक समरसता के सिद्धान्त को आधार मानकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जहां अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग को संवैधानिक सुरक्षा देने की दिशा में उपाय किए। वहीं आवास, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार के क्षेत्र में तमाम प्रावधान बनाकर दलित और शोषित समाज को सशक्त बनाने का काम किया। दलितों के लिए स्टैंड-अप इंडिया योजना के तहत उद्यमिता का वातावरण बनाया, ताकि वे खुद काम शुरू कर सकें, साथ ही अपने समाज के दूसरे लोगों को भी काम पर लगा सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण देने का ऐतिहासिक फैसला किया, जिससे वे सामान्य वर्ग के पिछड़े लोगों के तारणहार बनकर सामने आए।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ईज ऑफ लिविंग’ का विचार दिया, ताकि भेदभाव से मुक्त समाज में पिछड़े लोगों को बुनियादी सुविधाएं शीघ्र और सस्ती दर पर उपलब्ध करायी जा सके। अब दलितों और गरीबों को भी लगने लगा है कि वास्तव में उनके लिए काम किया जा रहा है। आज यानी 20 फरवरी को पूरा विश्व सामाजिक न्याय दिवस मना रहा है, ऐसे में यह उल्लेख करना जरूरी है कि प्रधानमंत्री मोदी ने किस तरह सामाजिक सद्भाव के माध्यम से वंचित तबकों के सपने को साकार किया है और उनमें नई आकांक्षाएं पैदा की हैं।

पीएम मोदी ने किया मुमकिन

  • पहली बार आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया।
  • पहली बार मोदी सरकार ने आरक्षण के लिए आर्थिक पिछड़ेपन को आधार बनाया।
  • पहली बार पीएसयू, सार्वजनिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों में क्रीमी लेयर की आय सीमा तय की।
  • पहली बार मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति दी।
  • पहली बार घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जातियों के लिए जनवरी, 2015 में एक राष्ट्रीय आयोग का गठन किया।
  • पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने डॉ. अंबेडकर को उनके जन्म स्थान मध्य प्रदेश के महू में श्रद्धांजलि दी।
  • पहली बार पीएम मोदी की पहल पर यूएनओ ने डॉ. अम्बेडकर की 125वीं जयंती मनाई।
  • पहली बार डॉ. आंबेडकर के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ घोषित किया।
  • पहली बार 2015 में प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल को समरसता दिवस के रुप में मनाने का निर्णय लिया।
  • पहली बार डॉ. अंबेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर 125 रुपये और 10 रुपये के स्मारक सिक्के जारी किए।
  • पहली बार दलित युवाओं के लिए वेंचर कैपिटल फंड की शुरुआत की, ताकि स्टार्ट अप शुरू कर सके।
  • पहली बारअनुसूचित जाति से संबंधित उद्यमियों के लिए संवर्धित ऋण गारंटी योजना शुरू की।
  • पहली बार सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा 4 प्रतिशत सामान SC/ST उद्यमियों से खरीदारी की नीति बनाई।
  • पहली बार मोदी सरकार ने जनजातियों को वन उत्पादों पर एमएसपी का लाभ दिया।
  • पहली बार दलितों के लिए जनसंख्या के अनुपातिक प्रतिशत के अनुसार बजट में धन की व्यवस्था की।
  • पहली बार गरीबोन्मुख योजनाओं के लिए मोदी सरकार ने कौशल विकास एवं जलशक्ति मंत्रालयों का गठन किया।

सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय के सिद्धांत पर मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सामाजिक न्याय हमारी सरकार के लिए सिर्फ कहने-सुनने की बात नहीं, बल्कि एक कमिटमेंट है। ये हमारी श्रद्धा है। गरीबों, वंचितों, पिछड़ों, आदिवासियों को सम्मान और समान अधिकार दिलाना बाबासाहेब का सपना था, हम उन्हीं के सपनों को साकार करने के लिए काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार, बाबा साहेब के दिखाए रास्ते पर चलते हुए, सबका साथ-सबका विकास के मंत्र के साथ समाज के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

संवैधानिक और सामाजिक न्याय के प्रतीक

  • पीएम मोदी ने 13 अप्रैल, 2018 को दिल्ली में डॉ. भीमराव अंबेडकर की याद में देश को राष्ट्रीय स्मारक समर्पित किया।
  • पीएम मोदी ने दिसंबर 2017 में डॉ अंबेडकर इंटरनेशनल सेन्टर का उद्घाटन किया।
  • पीएम मोदी ने लंदन में डॉ. अंबेडकर को समर्पित एक स्मारक का उद्घाटन किया। डॉ. अंबेडकर इसी इमारत में रहा करते थे।
  • पीएम मोदी ने नोटबंदी के बाद देश बदलने की जो शुरुआत भीम एप से की, उसे भी बाबा साहेब को समर्पित किया।
  • पीएम मोदी ने डॉ. अंबेडकर से जुड़े स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में भी विकसित करने का ऐलान किया।
  • डॉ. अंबेडकर चिकित्सा सहायता योजना के तहत 5 लाख रुपये सालाना आमदनी वालों को मुफ्त मेडिकल सुविधा दी गई।

 पंचतीर्थ का विकास

  1. जन्मभूमि : मध्यप्रदेश के महू  
  2. शिक्षाभूमि: डॉक्टर अंबेडकर मेमोरियल,लंदन
  3. दीक्षाभूमि: नागपुर 
  4. चैत्य भूमि : मुंबई
  5. महापरिनिर्वाणभूमि : नेशनलमेमोरियल, दिल्ली  

प्रधानमंत्री मोदी, ‘’ये स्थान, ये तीर्थ, सिर्फ ईंट-गारे की इमारत भर नहीं हैं, बल्कि ये जीवंत संस्थाएं हैं, आचार-विचार के सबसे बड़े संस्थान हैं।‘’ 

सामाजिक न्याय के कार्य

  • लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में SC/ST और अन्य पिछड़े वर्ग के आरक्षण को 25 जनवरी, 2030 तक बढ़ाया।
  • ओबीसी आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ की आय सीमा 6 से बढ़ाकर 8 लाख रुपए सालाना की गई।
  • 26 साल बाद 8 मार्च, 2019 को ओबीसी ‘क्रीमी लेयर’ के नियमों की समीक्षा के लिए कमिटी गठित।
  • ओबीसी की सेंट्रल लिस्ट में जातियों के लिए कोटे के अंदर कोटा तय करने को मंजूरी दी।
  • मोदी सरकार ने ओबीसी की सभी जातियों तक आरक्षण का सामान लाभ पहुंचाने के लिए आयोग का गठन किया।
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद “अनुसूचित जाति उत्पीड़न क़ानून” को मजबूत किया।
  • दलित उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन और सरकारी वकीलों की उपलब्धता सुनिश्चित की।
  • दलितों को मिलने वाली सहायता राशि स्थिति के अनुसार 85,000 से 8,25,000 रुपये तक कर दिया।
  • दलितों पर होने वाले अत्याचारों की सूची में अलग-अलग अपराधों की संख्या 22 से बढ़ाकर 47 की।
  • नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत काफी संख्या में दलितों को नागरिकता दी।
  • ट्रांसजेंडर के अधिकारों का संरक्षण और उनके कल्‍याण के लिए कानून बनाया।

आदिवासियों का विकास और सम्मान

  • मोदी सरकार आदिवासियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष बल दे रही है।
  • मोदी सरकार ने वन बंधु कल्याण योजना के तहत जनजातीय सशक्तिकरण के लिए 14 क्षेत्र निर्धारित किए।
  • मोदी सरकार ने देशभर में कुल 483 एकलव्य स्कूल खोलने की स्वीकृति दी।
  • स्वतंत्रता संग्राम में योगदान का सम्मान करने के लिए देश में आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालयों की स्थापना की।

महिला सशक्तिकरण

  • सामाजिक सोच बदलने के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना
  • बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना
  • महिलाओं को नाइट सिफ्ट में काम करने की अनुमति
  • सैनिक स्कूलों में बेटियों के दाखिले को स्वीकृति
  • बालिका शिक्षा के प्रति समर्पित उड़ान (UDAAN) योजना
  • पीएम मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों की संख्या करोड़ पार
  • पुलिस भर्ती में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का निर्णय
  • पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी में 53% की वृद्धि
  • कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षा कानून लागू
  • मातृत्व अवकाश 12 से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया
  • एसिड अटैक पीड़िताओं को दिव्यांगों जैसी मदद
  • महिलाओं को पासपोर्ट में अपना उपनाम रखने की छूट

दिव्यांगों का कल्याण

  • दिव्यांगता से संबंधित सभी तरह के भेदभाव पर रोक लगी।
  • सरकारी नौकरियों में आरक्षण 3 से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया।
  • शिक्षण संस्थानों में आरक्षण 3 से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया।
  • दिव्यांगता श्रेणी की संख्या 7 से बढ़ाकर 21 की।
  • 6 हजार शब्दों की इंडियन साइन लैंग्वेज डिक्शनरी बनाई।
  • दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए फ्री कोचिंग की सुविधा शुरू की।
  • दिव्यांगों के लिए सुगम्य भारत अभियान की शुरुआत की।
  • दिव्यांगजनों को e-Unique Identification Card जारी किया।

घुमंतू जातियों का विकास

  • घुमंतू जातियों के विकास के लिए भिखूराम इदायते की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आयोग का गठन किया।
  • घुमंतू जातियों के विकास के लिए ‘विकास कल्याण बोर्ड’ के गठन की घोषणा की।
  • युवाओं के छात्रावास के लिए नानाजी देशमुख योजना शुरू की।

समता, समानता और न्याययुक्त योजनाएं 

  • पीएम मोदी ने SC/ST और महिला उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए स्टैंड-अप इंडिया योजना शुरू की।
  • एससी और एसटी उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए स्टैंड-अप इंडिया योजना जारी रखने की मंजूरी दी।
  • दलित उद्यमिता के माध्‍यम से SC/ST को सशक्‍त बनाने के लिए डीएआईसी और डीआईसीसीआई के बीच समझौता।
  • सार्वजनिक उपक्रम को अपनी खरीदारी का 4 प्रतिशत सामान एससी/एसटी उद्यमियों से खरीदने का निर्देश।
  • प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 50 प्रतिशत से अधिक दलित आबादी वाले गांवों का विकास किया जा रहा है।
  • 2024-25 तक देश के करीब 27 हजार दलित बहुल गांवों के कायाकल्प की योजना है।
  • राज्य सरकारों द्वारा दलितों के लिए बनाए गए Sub Plan में केन्द्र सरकार 100 प्रतिशत योगदान करती है।
  • उज्ज्वला योजना के तहत 18 फरवरी, 2020 तक 8 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन दिए गए।
  • इनमें से आधे से अधिक कनेक्शन गरीब-दलित परिवारों को दिए गए।
  • जनधन योजना के तहत 38 करोड़ खाते खुले, जिसमें अधिकांश एससी, एसटी और ओबीसी के लाभार्थी शामिल है।
  • दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत देश के सभी दलित गांवों में बिजली पहुंची।
  • उजाला योजना के तहत गरीबों में 36.16 करोड़ एलईडी बल्ब का वितरण किया गया।
  • मोदी सरकार ने दलितों के अन्तरजातीय विवाह के लिए पूरे देश में एकसमान आर्थिक सहायता 2.5 लाख रुपए की।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.84 करोड़ घरों का निर्माण, जिसमें अधिकांश एससी, एसटी और ओबीसी लाभार्थी शामिल।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2022 तक सभी को घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य।
  • प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहतअब तक 37 करोड़ लोगों का पंजीकरण हो चुका है।
  • यह योजना समाज के गरीब और निम्न आय वाले वर्ग के लिए सबसे अधिक फायदेमंद है।
  • अटल पेंशन योजना का अब तक 2.05 करोड़ लोग फायदा उठा चुके हैं, जिसमें एससी,एसटी और पिछड़े वर्गों के लोग भी शामिल है।
  • 14 फरवरी, 2020 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 52 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका है।
  • इस योजना के तहत काफी संख्या में एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग के लोग भी शामिल हुए है।  
  • मिशन इंद्रधनुष योजना के तहत 14 फरवरी, 2020 तक 61 करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण करने का काम पूर्ण हो चुका है।
  • जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करने का लक्ष्य।
  • अप्रैल 2015 से मार्च 2019 के दौरान एससी, एसटी और ओबीसी के 9.52 करोड़ लोगों ने मुद्रा लोन लिया।
  • मुद्रा लोन के तहत कुल ऋण खातों में से 50 प्रतिशत SC/ST और ओबीसी वर्ग से है।

मुद्रा योजना से लगे पंख

अनुजा/जनजा और अन्य पिछड़ा वर्ग के खाते

2015-16 – 1.84 करोड़ खाते

2016-17 – 2.25 करोड़ खाते

2017-18 – 2.62 करोड़ खाते

2018-19 – 2.81 करोड़ खाते

दलितों के लिए वरदान स्वच्छता मिशन  

  • स्वच्छता मिशन के तहत 18 फरवरी, 2020 तक 10.89 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण
  • इस योजना के तहत काफी संख्या में दलित और पिछड़े वर्गों के लिए शौचालयों का निर्माण
  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शौचालय बनने से सिर पर मैला ढोने की कुप्रथा खात्मे की ओर
  • ओडीएफ गांवों में गरीब और दलित परिवारों में डायरिया होने के मामलों में 32 प्रतिशत की कमी
  • महिलाओं के BMI (Body Mass Index) में 32 प्रतिशत का सुधार
  • शिशु मृत्यु दर में कमी के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार
  • घरों में शौचालयों होने से महिलाओं से छेड़छाड़ व बलात्कार की घटनाओं में कमी
  • स्कूलों में शौचालयों के निर्माण से लड़कियों के ड्रॉप ऑउट में हुई कमी
  • गरीबों और दलितों के बीमारियों के इलाज में होने वाले खर्च में कमी, ओडीएफ गांवों के हर परिवार को हुई हजारों की बचत

आयुष्मान भारत योजना

  • 50 करोड़ लोगों के लिए आयुष्मान भारत योजना
  • 5 लाख रुपये के सालाना चिकित्सा बीमा की सुविधा
  • SC/ST और OBC सहित 84 लाख लोगों का इलाज
  • दवाओं की कीमतों में कमी का लाभ SC/ST और OBC को मिला
  • दवाओं की बिक्री के लिए पूरे देश में 6000 जन औषधि केंद्र खोले गए

शैक्षणिक विस्तार

  • केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों की सीधी भर्ती में 200 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को लागू किया।
  • एससी और ओबीसी वर्ग के छात्रों की फ्री-कोचिंग के लिए वार्षिक आय की पात्रता 4.5 से बढ़ाकर 6 लाख रुपये की।
  • ओबीसी वर्ग के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की दर में जबरदस्त वृद्धि की।
  • 2014-18 के दौरान 5.7 करोड़ से अधिक एससी छात्रों ने 15,918 करोड़ रुपये की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ उठाया।
  • ओबीसी वर्ग के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता के लिए वार्षिक आय 44,500 से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये वार्षिक की।
  • एससी वर्ग के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता के लिए वार्षिक आय 2 से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये की।

दलित छात्रों के लिए यूजीसी की फेलोशिप

साल रुपये (करोड़)  छात्र छात्राएं कुल विद्यार्थी
2014-15 148.84 1044 966 2000
2015-16 200.55 1090 910 2000
2016-17 196.00 1340 660 2000
2017-18 200.00 1065 935 2000

 

दलित युवाओं में कौशल निर्माण

साल रुपये (करोड़ में) लाभ लेने वाले युवाओं की संख्या
2015-16 378.94 71,915
2016-17 478.98 82,105
2017-18 600.88 1,08,340
2018-19 671.21 81,431

Source  : National Scheduled Castes Finance And Development Corporation

टेक्नोलॉजी से ईज ऑफ लिविंग

  • सरकार और नागरिकों की बीच ब्रिज बनी टेक्नोलॉजी
  • ईज ऑफ लिविंग का वातावरण हुआ तैयार
  • देश में 125 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास आधार कार्ड
  • लगभग 60 करोड़ लोगों के पास रुपे कार्ड
  • SC/ST और OBC को सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध 
  • डीबीटी के दायरे में 56 मंत्रालयों की 450 योजनाएं
  • 5 वर्षों में 9 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर
  • डीबीटी से 1.7 लाख करोड़ रुपये की बचत
  • 20 सरकारी सेवाओं के लिए एकल खिड़की व्यवस्था
  • ईएसआईसी और ईपीएफओ के लिए ऑनलाइन पोर्टल
  • टेक्नोलॉजी की मदद से सरकार ने इंस्पेक्टर राज को समाप्त किया
  • जनधन, आधार और मोबाइल से भ्रष्टाचार पर अंकुश,लीकेज खत्म
  • सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत 1.91 लाख फर्जी लाभार्थियों की पहचान

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