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मोदी सरकार 2.0 का एक साल : अनुच्छेद 370 हटाकर एक राष्ट्र, एक विधान और एक निशान का सपना किया साकार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए को 2019 के आम चुनाव में दूसरी बार प्रचंड बहुमत मिला। ठीक एक साल पहले 30 मई, 2019 को मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली। आम चुनाव में पहले से ज्यादा सीटें और जनता का विश्वास मिलने से प्रधानमंत्री मोदी को काफी आत्मबल मिला। जनता से मिली शक्ति ने प्रधानमंत्री मोदी को दूसरे कार्यकाल में अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने बिना देरी किए दस हफ्ते के भीतर-भीतर ही जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 और 35 ए को हटाने का सबसे ऐतिहासिक फैसला लिया। इससे एक राष्ट्र, एक विधान और एक निशान की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई।

राज्यसभा में बहुमत नहीं होने पर भी पारित हुआ प्रस्ताव

राज्यसभा में बहुमत न होने के बावजूद मोदी सरकार ने जिस तरह से सदन के भीतर दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन जुटाकर अनुच्छेद-370 व 35ए को निष्प्रभावी कराया, वह तारीफ के काबिल है। लोकसभा में प्रस्ताव आसानी से पारित हो गया, लेकिन राज्यसभा में लंबी बहस के बाद आखिरकार विपक्षी दलों के सांसदों ने देशहित में लिए गए इस फैसले का समर्थन किया और प्रस्ताव दो तिहाई बहुमत से पारित हो गया। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद से पारित प्रस्ताव को मंजूर कर कानूनी रूप दे दिया। 

जम्मू-कश्मीर का दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजन

अनुच्छेद 370 हटाने के साथ ही एक दूसरा ऐतिहासिक फैसला जम्मू-कश्मीर को विभाजित करने के लिए लिया गया। देश में ऐसा पहली बार हुआ, जब किसी राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा गया। जम्मू-कश्मीर को विधानसभा सहित केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया, जबकि लद्दाख को बिना विधानसभा का केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। 

पटेल, अंबेडकर और मुखर्जी का सपना किया साकार

अनुच्छेद 370 के हटाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘एक राष्ट्र के तौर पर, एक परिवार के तौर पर, आपने, हमने, पूरे देश ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। एक ऐसी व्यवस्था, जिसकी वजह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहन अनेक अधिकारों से वंचित थे, जो उनके विकास में बड़ी बाधा थी, वो अब दूर हो गई है। जो सपना सरदार वल्लभभाई पटेल का था, बाबा साहेब अंबेडकर का था, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का था, अटल जी और करोड़ों देशभक्तों का था, वो सपना अब पूरा हुआ है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एक नए युग की शुरुआत हुई है। अब देश के सभी नागरिकों के हक भी समान हैं, और दायित्व भी समान हैं। मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को, लद्दाख के लोगों को और प्रत्येक देशवासी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।’

“जो काम 70 साल में नहीं हुआ, वो 70 दिन के भीतर पूरा हुआ”

15 अगस्त, 2019 को लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम समस्याओं को टालते भी नहीं हैं और न ही हम समस्याओं को पालते हैं। अब समस्याओं को टालने का भी वक्त नहीं है, अब समस्याओं का पालने का भी वक्त नहीं है। जो काम पिछले 70 साल में नहीं हुआ, नई सरकार बनने के बाद, 70 दिन के भीतर-भीतर अनुच्‍छेद 370 और 35A को हटाने का काम भारत के दोनों सदनों ने, राज्यसभा और लोकसभा ने, दो-तिहाई बहुमत से पारित कर दिया। इसका मतलब यह हुआ कि हर किसी के दिल में यह बात थी, लेकिन प्रारंभ कौन करे, आगे कौन आये, शायद उसी का इंतजार था और देशवासियों ने मुझे यह काम दिया और जो काम आपने मुझे दिया मैं वही करने के लिए आया हूं। मेरा अपना कुछ नहीं है।

 “नये सिरे से कदम बढ़ाने की आवश्‍यकता”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन की दिशा में भी आगे बढ़े। 70 साल हर किसी ने कुछ-न-कुछ प्रयास किया, हर सरकार ने कोई-न-कोई प्रयास किया लेकिन इच्छित परिणाम नहीं मिले और जब इच्छित परिणाम नहीं मिले हैं, तो नये सिरे से सोचने की, नये सिरे से कदम बढ़ाने की आवश्‍यकता होती है। जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख के नागरिकों की आशा-आकांक्षा पूरी हो, यह हम सब का दायित्‍व है। उनके सपनों को नये पंख मिले, यह हम सब की जिम्‍मेदारी है। 

एक देश, एक विधान और एक निशान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लाल किले से मैं जब देश को संबोधित कर रहा हूं, मैं यह गर्व के साथ कहता हूं कि आज हर हिन्‍दुस्तानी कह सकता है- One Nation, One Constitution और हम सरदार साहब का एक भारत-श्रेष्‍ठ भारत, इसी सपने को चरितार्थ करने में लगे हुए हैं। तब ये साफ-साफ बनता है कि हम ऐसी व्‍यवस्‍थाओं को विकसित करें जो देश की एकता को बल दें, देश को जोड़ने के लिए cementing force के रूप में उभर करके आएं और यह प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए। वह एक समय के लिए नहीं होती है, अविरल होनी चाहिए।

मोदी सरकार के फैसले को मिला अंतर्राष्ट्रीय समर्थन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के ऐतिहासिक फैसले का समर्थन दुनिया भर में किया गया। अमेरिका, रूस, जर्मनी, फ्रांस, यूएई, इजरायल समेत विश्व के तमाम छोटे बड़े देश इसे भारत के अंदरूनी मामला बताकर प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़े दिखे और उनके साहसिक फैसले की सराहना की। यूरोपियन आयोग के पूर्व निदेशक ब्रायन टोल ने जिनेवा में अनुच्छेद 370 पर भारत का समर्थन करते हुए कहा कि इसे हटाए जाने से कश्मीर में लोगों को सामान्य रूप से आर्थिक अवसर मिलेगा।

पाकिस्तान को हर मोर्चे पर मिली मात 

अनुच्छे 370 हटाने के बाद पाकिस्तान बौखला गया। उसने भारत के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साजिशें शुरू कर दीं। मोदी सरकार ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र से लेकर सभी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को मात दी। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की मीटिंग एजेंडा में शामिल करने की मांग की थी। लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तान की मांग को खारिज कर दिया। इस मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की अध्यक्ष जोआना रोनेका ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। इसे भारत की बड़ी सफलता मानी गई। इसके अलावा यूएई जैसे पाकिस्तान के हितैषी कई मुस्लिम देशों ने इस मुद्दे को भारत का आंतरिक मामला बताकर अपने को अलग कर लिया। इससे पाकिस्तान को काफी झटका लगा। आज भी मोदी सरकार अपना पक्ष मजबूत करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हर कदम उठा रही है। 

 

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