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इंतजार हुआ खत्म, चीन को धूल चटाने जल्द भारत में लैंड करने वाले हैं राफेल विमान

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार यानि 28 जून को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की जमीन पर आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला है। साथ ही कहा कि भारत मित्रता निभाना जानता है तो आंख-में-आंख डालकर देखना और उचित जवाब देना भी जानता है। प्रधानमंत्री मोदी के इस संबोधन से संकेत मिलता है कि अब मोदी सरकार ने चीन को सबक सीखाने का फैसला कर लिया है। भारतीय वायुसेना ने राफेल विमानों को समय से पहले आपूर्ति के लिए ‘विशेष निवेदन’ किया था, जिसे फ्रांस ने स्वीकार कर लिया है। अगले महीने जुलाई में राफेल विमान भारत की धरती पर लैंड करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक अंबाला एयरबेस पर 27 जुलाई को छह राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप आएगी। पहले चार विमानों को पहली खेप में आना था। लेकिन चीन की गतिविधियों को देखते हुए संख्या बढ़ा दी गयी। ये विमान पहले मई में पहुंचने वाले थे परंतु कोरोना संक्रमण की वजह से बढ़ी महामारी से इसके आने की समय में बदलाव हो गया।

सूत्र ने बताया, ‘हम जानते हैं कि लगभग 10 राफेल लड़ाकू विमान डसॉल्ट एविएशन द्वारा तैयार हैं। संयुक्त अरब अमीरात में अबू धाबी के पास अल ढफरा हवाई अड्डे पर एक स्टॉपओवर के साथ जुलाई-अंत में भारत में छह राफेल लड़ाकू विमानों के लाने की तैयारी चल रही है। इन विमानों को भारतीय पायलट उड़ाकर लाएंगे।’

सूत्रों के मुताबिक पहली खेप में सभी 10 लड़ाकू विमानों की डिलीवरी नहीं की जा रही है। फ्रांस में भी कुछ विमानों की जरूरत होगी, जिससे भारतीय वायुसेना के पायलट और क्रू को और ट्रेनिंग दी जा सके। उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी वायुसेना अपने एयरबस A330 मल्टी-रोल टैंकर परिवहन (MRTT) विमान का इस्तेमाल करके रास्ते में राफेल लड़ाकू विमान में ईंधन भरेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के बीच राफेल लड़ाकू विमान की डिलीवरी में तेजी लाना काफी अच्छी बात है। वहीं, पहले खेप के अलावा, भविष्य के राफेल विमानों की डिलीवरी में भी तेजी आने की संभावना है।

इससे पहले जून की शुरुआत में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पारले से टेलीफोन पर वार्ता की थी। इस दौरान फ्रांस की रक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया था कि कोरोना वायरस महामारी के बावजूद राफेल विमान तय समय के अनुसार भारत पहुंचाए जाएंगे। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी थी। रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि दोनों मंत्रियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य सहित आपसी चिंता के मामलों पर चर्चा की और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।

पहले से तय डिलीवरी शेड्यूल के अनुसार, पहले 18 लड़ाकू विमानों को भारतीय वायुसेना को फरवरी 2021 में दिया जाना था। इसके बाद अप्रैल-मई, 2022 में बाकी विमानों की डिलीवरी होनी थी। वहीं,  फ्रांस ने पहले राफेल विमान को आठ अक्टूबर, 2019 को भारत को सौंप दिया था।

 

 

 

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