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पिता राजीव गांधी को ठीक से श्रद्धांजलि तक नहीं दे पाए राहुल, दो ट्वीट किए डिलीट, तीसरा भी गलत

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एक बार संसद में राहुल गांधी ने चीख-चीखकर कहा था- हां, मैं पप्पू हूं। लेकिन, उस समय किसी ने भी उनकी बात को गम्भीरता से नहीं लिया। लेकिन, राहुल गांधी जिस प्रकार की हरकत कर रहे हैं, उससे वो अपनी बात को खुद ही सिद्ध करने लगे हैं। दरअसल, आज उन्होंने अपने पिता की पुण्यतिथि के अवसर पर जो हरकत की है, वह समूची कांग्रेस पार्टी को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने अपने पिता राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए एक नहीं, दो नहीं, बल्कि तीन ट्वीट किए। जाहिर है, दो ट्वीट में गलतियां थीं, लेकिन जो तीसरा ट्वीट किया गया, उसमें भी गलती थी। आइए, तीनों ट्वीट का विश्लेषण करते हैं –

पहले ट्वीट की भाषाई अशुद्धियां

अशुद्ध वाक्य– राजीव जी देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया।

राजीव जी के बाद विभक्ति ‘ने’ का प्रयोग जरूरी है।

शुद्ध वाक्य- राजीव जी ने देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया।

अनुपयुक्त शब्द- तीसरे वाक्य में ‘दूरंदेशी’ की जगह ‘दूरदर्शिता’ शब्द ज्यादा उपयुक्त होता। दूरंदेशी एक सामान्य चलताऊ-सा प्रयोग है।

अंतिम वाक्य में अशुद्धि- पिता के लिए ‘स्नेह’ शब्द का प्रयोग प्रायः नहीं होता है। स्नेह शब्द अपने से छोटे के लिए प्रयोग में लाने की परंपरा रही है।

विराम चिह्नों में अशुद्धियां- किसी भी अर्धविराम या पूर्ण विराम के बाद स्पेस नहीं छोड़ा गया है, जबकि एक स्पेस छोड़ने के बाद ही नए वाक्य की शुरुआत होनी चाहिए।

दूसरे ट्वीट की भाषाई अशुद्धियां

अनुपयुक्त शब्द- तीसरे वाक्य में ‘दूरंदेशी’ की जगह ‘दूरदर्शिता’ शब्द ज्यादा उपयुक्त होता। ‘दूरंदेशी’ एक सामान्य चलताऊ-सा प्रयोग है।

अंतिम वाक्य में अशुद्धि- पिता के लिए ‘स्नेह’ शब्द का प्रयोग प्रायः नहीं होता है। ‘स्नेह’ शब्द अपने से छोटे के लिए प्रयोग में लाने की परंपरा रही है।

विराम चिह्नों में अशुद्धियां- किसी भी अर्धविराम या पूर्ण विराम के बाद स्पेस नहीं छोड़ा गया है, जबकि एक स्पेस छोड़ने के बाद ही नए वाक्य की शुरुआत होनी चाहिए।

तीसरे ट्वीट की भाषाई अशुद्धियां

अनुपयुक्त शब्द- तीसरे वाक्य में ‘दूरंदेशी’ की जगह ‘दूरदर्शिता’ शब्द ज्यादा उपयुक्त होता। ‘दूरंदेशी’ एक सामान्य चलताऊ-सा प्रयोग है।

अंतिम वाक्य में अशुद्धि- पिता के लिए ‘स्नेह’ शब्द का प्रयोग प्रायः नहीं होता है। स्नेह शब्द अपने से छोटे के लिए प्रयोग में लाने की परंपरा रही है।

विराम चिह्नों में अशुद्धियां- किसी भी अर्धविराम या पूर्ण विराम के बाद स्पेस नहीं छोड़ा गया है, जबकि एक स्पेस छोड़ने के बाद ही नए वाक्य की शुरुआत होनी चाहिए।

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