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पीएम मोदी के सम्मान में अमेरिका ने तोड़ी अपनी परंपरा, तो बने कई नए इतिहास

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का दुनिया में प्रभाव तेजी से बढ़ा है। विदेशों में भारत की धमक भी बढ़ी है। आज उसका असर भी दिखाई देता है, जब विश्व का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका भी पीएम मोदी और भारत के सम्मान में अपनी परंपरा तोड़ने के लिए मजबूर हो गया है। अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम के दौरान भारत और अमेरिका की दोस्ती को अहमियत देते हुए ट्रंप प्रशासन ने एक ऐसा कदम उठाया है जो अमेरिकी इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। पहली बार किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘साझा प्रतीक चिन्ह’ वाले मंच से भाषण दिया। इससे पहले राष्ट्रपति के मंच पर अमेरिकी सील लगी होती थी लेकिन इस बार उसकी जगह भारत और अमेरिका के राष्ट्रध्वज ने ले ली थी।

 राष्ट्रपति ट्रंप को बदलनी पड़ी अपनी सील

अमेरिकी सरकार की परंपरा के मुताबिक राष्ट्रपति के भाषण मंच पर प्रेसिडेंशियल सील ही लगाई जाती है। देश-विदेश में राष्ट्रपति का कोई भी भाषण या बयान प्रेशिडेंशियल सील वाले भाषण मंच से ही जारी होता है। किसी भी साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस या बयान के दौरान भी इसमें बदलाव नहीं किया जाता है। यहाँ तक कि राष्ट्रपति के चुनाव अभियान के दौरान भी प्रेसिडेंशियल सील नहीं हटाई जाती है। पहली बार इसकी जगह भारत-अमेरिका की दोस्ती का झंडा लगाना दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों की बानगी है।  

टूटे सीक्रेट सर्विस के सख्त नियम

यह भी पहली बार था कि अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगे सीक्रेट सर्विस के एजेंट विदेशी मेहमान के साथ अपने राष्ट्रपति को लाखों-लाख लोगों के बीच एनआरजी स्टेडिएम में पैदल घूमकर अभिवादन करने से नहीं रोक पाये। सीक्रेट सर्विस के सख्त नियम हैं कि वो अमेरिकी प्रेसिडेंट को सौ फीसदी सुरक्षित घेरे के बाहर नहीं जाने देंगे, लेकिन पीएम मोदी की मौजूदगी में सीक्रेट सर्विस एजेंट्स की सारे नियम कानून धराशायी हो गये।

अमेरिकी प्रेसिडेंट न्यूयॉर्क से बाहर किसी देश के प्रधानमंत्री से मिले

पहली बार कोई अमेरिकी प्रेसिडेंट किसी देश के प्रधानमंत्री से मिलने के लिए न्यूयॉर्क से बाहर गया। दूसरे देश के प्रधानमंत्री के लिए सजे हुए स्टेज से अपने देश वासियों को संबोधित किया। इस बार राष्ट्रपति ट्रंप ने ईगो छोड़कर पीएम मोदी के साथ मंच साझा किया। दोनों ने एकदूसरे की जमकर तारीफ की। कार्यक्रम के दौरान ट्रंप और मोदी की जबरदस्त बॉन्डिंग भी देखने को मिली। 

दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों का पहली बार संयुक्त मेगा रैली 

इनके अलावा ह्यूस्टन का एनआरजी स्टेडियम नये इतिहास के सृजन का गवाह बना। यह पहली बार था कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के नेताओं ने अमेरिका में एक संयुक्त मेगा रैली को संबोधित किया। ट्रंप ने अपने भाषण में इस्लामिक आतंकवाद का जिक्र करते हुए कड़ा प्रहार किया। तो पीएम मोदी के संबोधन के दौरान लगातार ट्रंप मुस्कुराते रहे और कई बार उन्होंने ताली भी बजाई। पीएम मोदी ने कहा कि इस ग्रह (पृथ्वी) पर ट्रंप का नाम हर एक इंसान जानता है। इसलिए, अबकी बार, ट्रंप सरकार। क्योंकि ट्रंप पहले सीईओ थे और अब कमांडर-इन-चीफ। ट्रंप का नाम पूरी दुनिया में लोग जानते हैं। उन्हें बोर्डरूम से ओवल ऑफिस तक और स्टूडियो से वैश्विक मंच तक पूरी दुनिया जानती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीनेटरों के साथ ऑडिएंस में बैठकर सुना भाषण

यह भी पहली बार था कि किसी अमेरिकी प्रेसिडेंट ने लगभग पचास सीनेटर के साथ ऑडिएंस में बैठकर किसी प्रधानमंत्री को लगभग एक घण्टे तक सुना। इस कार्यक्रम में अमेरिका के करीब 50 से अधिक सेनेटर शामिल हुए थे, जिसमें डेमोक्रेट्स-रिपब्लिकन दोनों ही पार्टी के सदस्य शामिल थे। अमेरिका की राजनीति में ऐसा काफी कम ही होता है, जब किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में इस तरह दोनों पार्टी के नेता बड़ी संख्या में शामिल हों। 

एनआरजी में जुटे रिकॉर्ड 50 हजार भारतवंशी

एनआरजी में रिकॉर्ड 50 हजार भारतवंशी अमेरीकी किसी कार्यक्रम में एक साथ इकट्ठा हुए। पोप के बाद किसी विदेशी नेता के लिए अमेरिका में जुटी यह सबसे ज्यादा भीड़ थी। भारत के विभिन्न भागों से आने वाले भारतीय प्रवासी समुदाय में शामिल महिलाएं और पुरुष रंग-बिरंगे परंपरागत परिधानों में पहुंचे, जिससे स्टेडियम में उत्सव का नजारा दिख रहा था।

किसी निर्वाचित विदेशी नेता द्वारा संबोधित सबसे बड़ा इवेंट

अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले किसी निर्वाचित विदेशी नेता द्वारा संबोधित किए जाने वाला ये अब तक का सबसे बड़ा इवेंट था। इससे पहले इस तरह का कोई भी समारोह नहीं हुआ था। इस 90 मिनट के कार्यक्रम में 400 परफॉर्मर्स थे। हाउडी मोदी इवेंट की शुरुआत रंगारंग कार्यक्रमों से हुई जिसमें भारतीय संस्कृति की झलक दिखी। चाहे वह भरतनाट्यम डांस हो, या रविंद्र संगीत, भांगड़ या योग। सभी कलाकारों ने हजारों की तादात में एनआरजी स्टेडियम में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।

कार्यक्रम लंबित होने के बावजूद भीड़ में बना रहा उत्साह

यह पहली बार था कि कार्यक्रम एक घण्टे से ज्यादा लंबित हुआ लेकिन भीड़ एनआरजी स्टेडियम में डटी रही। इस अवसर पर एनआरजी स्टेडियम में जश्न का माहौल दिखा। कार्यक्रम स्थल पर ढोल बज रहे थे और लोग मोदी-मोदी के नारे लगा रहे थे। इस कार्यक्रम में कई लोग मोदी के नाम का एक बोर्ड लेकर पहुंचे थे। अपने प्रिय नेता को सुनने के लिए लोगों में काफी जुनून देखाई दिया। करीब 50 मिनट के संबोधन के दौरान लोगों का उत्साह चरम था। कोई स्टेडियम से बाहर जाने को तैयार नहीं था। 

 

 

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